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Bhiwani News: डीपीसी ने राजकीय विद्यालय के भवनों का एकत्रित डाटा जांचा

Fri, 22 Aug 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 22 Aug 2025 01:38 AM IST
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DPC checked the collected data of government school buildings
एबीआरसी की बैठक लेते एपीसी विवेक।
बवानी खेड़ा। शहर के हांसी रोड स्थित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी (डीपीसी) कार्यालय में जिले के एबीआरसी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के मुख्यत: सभी एबीआरसी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में एपीसी विवेक अदलखा, उपमंडल अभियंता दतात्रेय, सहायक महेन्द्र, संयोजक यूथ एंड इको क्लब कमल शर्मा ने भी डाटा जांचा और जानकारियां दी। वहीं बैठक में डीपीसी विनय कुमार जिंदल द्वारा एबीआरसी से राजकीय विद्यालयों से लिए गए प्रमाण पत्र जिसमें विद्यालय मुखिया द्वारा स्वयं हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र दिया।
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मालूम हो कि जिले के स्कूलों में जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया था। इसके बाद ही जिले के अधिकारी ने बैठक कर इस दिशा में पहल की है। डीपीसी ने इसमें बताया कि किसी भी विद्यार्थी को असुरक्षित एवं जर्जर भवन में नहीं बिठाना है। यदि कोई इस संबंध में अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी जिम्मेदारी विद्यालय मुखिया की स्वयं की होगी। इस प्रमाण पत्र पर विद्यालय मुखिया, डीडीओ सहित संकुल संसाधन समन्वयक के हस्ताक्षर मोहर सहित मांगे गए थे।
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अधिकारी ने बताया कि यदि विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त है और विद्यार्थियों के बिठाने योग्य नहीं है तो विद्यालय मुखिया नजदीकी विद्यालय में व्यवस्था करें या नजदीक विद्यालय न होने की सूरत में विद्यालय मुखिया गांव में सरपंच से पंचायत भवन या अन्य किसी स्थान में बच्चों को बिठाने की व्यवस्था करें लेकिन किसी बच्चे के साथ अप्रिय घटना सहन नहीं की जाएगी। वहीं अधिकारी ने एबीआरसी के कार्यों की सराहना की और ऐसे डीडीओ और सीआरसी की सूची बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। तत्पश्चात अधिकारी ने कर्मचारियों को बताया कि वे स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण करते हैं और शिक्षा स्तर जांचते हैं।
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बतां दें कि जिले भर में खस्ताहाल विद्यालयों के अंदर बच्चों की कक्षाएं संचालन को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया था। जिसके बाद सांसद चौ धर्मबीर सिंह व सूबे के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने भी जर्जरहाल विद्यालयों के अंदर बच्चों की कक्षाएं नहीं लगाए जाने के आदेश अधिकारियों को दिए थे। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत एबीआरसी के माध्यम से सभी सरकारी स्कूलों के भवनों के संबंध में रिपोर्ट तलब की गई थी। जिसमें यह भी सुनिश्चित किया गया था कि किसी भी सरकारी स्कूल में जर्जर भवन के अंदर बच्चों की कक्षाएं नहीं लगाई जा रही हैं।
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