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Bhiwani News: जिले में डेंगू और मलेरिया ने दी दस्तक, तीन-तीन मरीज मिले
Fri, 05 Sep 2025 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:01 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। जिले में लगातार बारिश के कारण जलभराव बढ़ने से मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में तीन डेंगू और तीन मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। वीरवार को जमालपुर, मिताथल और संजीव कॉलोनी में एक-एक डेंगू संक्रमित मरीज मिले, जबकि मिताथल में दो और मंढाणा में एक मलेरिया संक्रमित मरीज पाए गए।
शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़कर 1200 से सीधे 2000 तक पहुंच गई है। बुधवार को दोपहर 12:41 बजे तक 1776 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ उचित देखभाल की सलाह दे रहे हैं। जिले में जलभराव की समस्या पिछले एक माह से बनी हुई है जिससे कई गांव डूब चुके हैं और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा है। चिकित्सकों के अनुसार बारिश रुकने के दो-तीन दिन बाद मच्छर जनित बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है।
इन स्थानों पर ज्यादा खतरा
जिले के गांव बीरण, सागवान, दांग खुर्द, बापोड़ा, बलियाली, रामुपुरा, सूई, धनाना, जमालपुर, तिगड़ाना, जताई, धनाना, प्रेमनगर, पुर, सिवाड़ा, मुंढाल, मंढाणा, मिताथल और बवानीखेड़ा सहित लगभग 20-25 गांव पानी में डूब चुके हैं। वार्ड नंबर सात, छह और सोलह में शहर में सबसे ज्यादा परेशानी बनी हुई है।
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जिले में नौ सालों का डेंगू का रिकॉर्ड
वर्ष
मरीज
2017
85
2018
50
2019
13
2020
49
2021
356
2022
123
2023
278
2024
175
2025
03
जिले में दस सालों का मलेरिया रिकॉर्ड
वर्ष
मरीज
2017
65
2018
70
2019
03
2020
01
2021
00
2022
01
2023
01
2024
01
2025
03
लारवा जांच अभियान
जिले में लारवा जांच अभियान लगातार जारी है। अब तक 1592 घरों में लारवा पॉजिटिव मिलने पर नोटिस भेजा जा चुका है।
जिले की स्थिति:
श्रेणी
संख्या
शहरी क्षेत्र में घर कवर
1,21,978
ग्रामीण क्षेत्र में घर कवर
1,69,454
रेपिड फीवर मास सर्वे
1,81,743
शहरी क्षेत्र में ब्लड स्लाइड
13,331
ग्रामीण क्षेत्र में ब्लड स्लाइड
76,997
जिले में कुल ब्लड स्लाइड
90,301
कंटेनर जांच
23,28,929
पॉजिटिव कंटेनर
5,263
जिले में डेंगू और मलेरिया के लारवा जांच के लिए टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। अब तक तीन-तीन मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों में फ्रीज ट्रे, गमलों, कूलर टंकी की नियमित सफाई करें और पानी जमा न होने दें। -डॉ. रघुबीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भिवानी
ओपीडी में फिलहाल बुखार और शरीर में कमजोरी वाले मरीज आ रहे हैं। जरूरत के अनुसार खून की जांच भी की जा रही है। बारिश रुकने के दो-तीन दिन बाद मच्छर जनित बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है। - डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशियन, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज भिवानी
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शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़कर 1200 से सीधे 2000 तक पहुंच गई है। बुधवार को दोपहर 12:41 बजे तक 1776 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ उचित देखभाल की सलाह दे रहे हैं। जिले में जलभराव की समस्या पिछले एक माह से बनी हुई है जिससे कई गांव डूब चुके हैं और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा है। चिकित्सकों के अनुसार बारिश रुकने के दो-तीन दिन बाद मच्छर जनित बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है।
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इन स्थानों पर ज्यादा खतरा
जिले के गांव बीरण, सागवान, दांग खुर्द, बापोड़ा, बलियाली, रामुपुरा, सूई, धनाना, जमालपुर, तिगड़ाना, जताई, धनाना, प्रेमनगर, पुर, सिवाड़ा, मुंढाल, मंढाणा, मिताथल और बवानीखेड़ा सहित लगभग 20-25 गांव पानी में डूब चुके हैं। वार्ड नंबर सात, छह और सोलह में शहर में सबसे ज्यादा परेशानी बनी हुई है।
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जिले में नौ सालों का डेंगू का रिकॉर्ड
वर्ष
मरीज
2017
85
2018
50
2019
13
2020
49
2021
356
2022
123
2023
278
2024
175
2025
03
जिले में दस सालों का मलेरिया रिकॉर्ड
वर्ष
मरीज
2017
65
2018
70
2019
03
2020
01
2021
00
2022
01
2023
01
2024
01
2025
03
लारवा जांच अभियान
जिले में लारवा जांच अभियान लगातार जारी है। अब तक 1592 घरों में लारवा पॉजिटिव मिलने पर नोटिस भेजा जा चुका है।
जिले की स्थिति:
श्रेणी
संख्या
शहरी क्षेत्र में घर कवर
1,21,978
ग्रामीण क्षेत्र में घर कवर
1,69,454
रेपिड फीवर मास सर्वे
1,81,743
शहरी क्षेत्र में ब्लड स्लाइड
13,331
ग्रामीण क्षेत्र में ब्लड स्लाइड
76,997
जिले में कुल ब्लड स्लाइड
90,301
कंटेनर जांच
23,28,929
पॉजिटिव कंटेनर
5,263
जिले में डेंगू और मलेरिया के लारवा जांच के लिए टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। अब तक तीन-तीन मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों में फ्रीज ट्रे, गमलों, कूलर टंकी की नियमित सफाई करें और पानी जमा न होने दें। -डॉ. रघुबीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भिवानी
ओपीडी में फिलहाल बुखार और शरीर में कमजोरी वाले मरीज आ रहे हैं। जरूरत के अनुसार खून की जांच भी की जा रही है। बारिश रुकने के दो-तीन दिन बाद मच्छर जनित बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है। - डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशियन, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज भिवानी