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मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर 43 एकड़ में चने की फसल, खेत में फसल ही नहीं
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गिरदावरी की जांच करते उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य व अन्य अधिकारी। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर एक किसान के खेत में 43 एकड़ में चने की फसल दर्शाई गई। खेत में जाकर जांच की तो चने की फसल ही नहीं मिली। यह खुलासा उपायुक्त की पड़ताल में सामने आया। उपायुक्त ने पटवारियों और तहसीलदारों को पूरी जांच करने के निर्देश दिए।
मंडियों में वास्तविक फसल की ही खरीद किए जाने को लेकर उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने शुक्रवार को विभिन्न जगहों पर जाकर पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी की पड़ताल की। जिसमें एक जगह पर भारी गड़बड़ी पाई गई। उपायुक्त ने कहा कि गिरदावरी में हेराफेरी करने व फसल पंजीकरण में किसी भी स्तर पर दोषी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सरकार के निर्देश पर मंडियों में फसल खरीद का कार्य शुरु हो गया है। सरकार के निर्देश पर पटवारियों, कृषि विभाग और हरसेक द्वारा फसल की गिरदावरी करवाई गई और बाद में किसानों द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है ताकि उनकी फसल की बिक्री हो सके।
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इस बीच उपायुक्त जयबीर आर्य के सामने गिरदावरी कार्य में आंकड़ों का मेल नहीं खाने का मामला संज्ञान में आया। इस पर उपायुक्त ने बवानीखेड़ा, बलियाली, खानक, झांवरी, दांगकला और बापोड़ा में गिरदावरी के कार्य की जांच की। गांव खानक में पड़ताल के दौरान सामने आया कि एक व्यक्ति द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्यौपा पोर्टल पर करीब 43 एकड़ पर चने की फसल दिखाई गई है, जबकि हकीकत खेत में चने की फसल मिली ही नहीं। उपायुक्त पड़ताल के दौरान सभी तहसीलदारों व पटवारियों को निर्देश दिए कि वे चने व जौ की फसल की वेरीफिकेशन मौके पर जाकर करें। उन्होंने कहा कि मंडियों में फर्जी ढंग से फसल की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। वास्तविक फसल की ही बिक्री होगी। किसी भी स्तर पर मिली गड़बड़ी पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर उपायुक्त ने तोशाम अनाज मंडी का भी दौरा किया। उन्होंने पड़ताल कार्य के दौरान गांव झांवरी के पास बारूद गोदाम का भी निरीक्षण किया और सुरक्षा के हिसाब से जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान तोशाम के एसडीएम मनीष फौगाट, संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी व एएसके मौजूद रहे।
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मंडियों में वास्तविक फसल की ही खरीद किए जाने को लेकर उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने शुक्रवार को विभिन्न जगहों पर जाकर पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी की पड़ताल की। जिसमें एक जगह पर भारी गड़बड़ी पाई गई। उपायुक्त ने कहा कि गिरदावरी में हेराफेरी करने व फसल पंजीकरण में किसी भी स्तर पर दोषी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि सरकार के निर्देश पर मंडियों में फसल खरीद का कार्य शुरु हो गया है। सरकार के निर्देश पर पटवारियों, कृषि विभाग और हरसेक द्वारा फसल की गिरदावरी करवाई गई और बाद में किसानों द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है ताकि उनकी फसल की बिक्री हो सके।
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इस बीच उपायुक्त जयबीर आर्य के सामने गिरदावरी कार्य में आंकड़ों का मेल नहीं खाने का मामला संज्ञान में आया। इस पर उपायुक्त ने बवानीखेड़ा, बलियाली, खानक, झांवरी, दांगकला और बापोड़ा में गिरदावरी के कार्य की जांच की। गांव खानक में पड़ताल के दौरान सामने आया कि एक व्यक्ति द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्यौपा पोर्टल पर करीब 43 एकड़ पर चने की फसल दिखाई गई है, जबकि हकीकत खेत में चने की फसल मिली ही नहीं। उपायुक्त पड़ताल के दौरान सभी तहसीलदारों व पटवारियों को निर्देश दिए कि वे चने व जौ की फसल की वेरीफिकेशन मौके पर जाकर करें। उन्होंने कहा कि मंडियों में फर्जी ढंग से फसल की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। वास्तविक फसल की ही बिक्री होगी। किसी भी स्तर पर मिली गड़बड़ी पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर उपायुक्त ने तोशाम अनाज मंडी का भी दौरा किया। उन्होंने पड़ताल कार्य के दौरान गांव झांवरी के पास बारूद गोदाम का भी निरीक्षण किया और सुरक्षा के हिसाब से जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान तोशाम के एसडीएम मनीष फौगाट, संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी व एएसके मौजूद रहे।