{"_id":"66c3acef4d6814fb770d37f3","slug":"candle-march-taken-out-against-rape-and-murder-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-121879-2024-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: दुष्कर्म कर चिकित्सक के हत्यारों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए निकाला कैंडल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: दुष्कर्म कर चिकित्सक के हत्यारों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए निकाला कैंडल मार्च
Tue, 20 Aug 2024 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 20 Aug 2024 02:07 AM IST
विज्ञापन
कोलकाता में मेडिकल छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ भिवानी में कैंडल मार्च निकालते जनसंगठ
भिवानी। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और जन संघर्ष समिति ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल काॅलेज परिसर में दुष्कर्म कर 31 वर्षीय महिला चिकित्सक की हत्या का विरोध किया। उन्होंने पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सोमवार शाम शहर में कैंडल मार्च निकाला। नेहरू पार्क से शुरू कैंडल मार्च घंटाघर, सराय चोपटा, नया बाजार, हांसी गेट होकर वापस नेहरू पार्क में समाप्त हुआ।
आईएमए के राज्य संरक्षक डाॅ. कर्ण पूनिया, जन संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड ओमप्रकाश और जनवादी महिला समिति की जिला सचिव बिमला घनघस ने कहा कि देश में संविधान के अनुछेद 14 और 21 के अनुसार महिलाओं को पुरुषों के बराबर समान अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन हमारा समाज अब भी व्यवहार में महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक समझता है। इसी कारण आए दिन महिलाएं घरेलू हिंसा, दहेज हिंसा और यौन हिंसा का शिकार हो रहीं हैं।
दोषियों को मौत की सजा का कानून बनने के बाद भी ऐसी घटनाएं कम नहीं हो रहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि लगातार 36 घंंटे ड्यूटी करने के बाद भी उसे आराम करने के लिए अस्पताल में सुरक्षित जगह नहीं मिल सकी। इस कारण उसे मजबूरी में सेमिनार हॉल में लेटना पड़ा और वहीं यह घटना हुई। दोनों सगठनों ने आरोप लगाया कि इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन और बंगाल सरकार दोषी है, जो दिन-रात मरीजों की सेवा कर रही महिला चिकित्सक को भी सुरक्षा नहीं दे सके।
विज्ञापन
उन्होंने इस कांड में संलिप्त सभी दोषियों को पकड़ने, उन्हें कठोर सजा दिलाने, अस्पतालों और समाज में महिला सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान संतोष देशवाल, डाॅ. चंचल धीर और पार्वती भंडारी ने की।
कैंडल मार्च में कंवर बीर सिंह, मास्टर वजीर सिंह, रामफल देशवाल, मास्टर शेर सिंह, सज्जन कुमार सिंगला, सुखदेव पालवास, डाॅ. अनंत कौर, नरेंद्र सोनी, हीरालाल सोनी, रामलाल गिरि, रतन जिंदल, एडवोकेट अशोक आर्य, दिलबाग ढुल, नरेंद्र धनाना, महाबीर फोजी, हुकम कौर, मोहन लाल भंडारी, नरेश शर्मा, महेंद्र तंवर, कंवर सिंह जांगड़ा, अमित सोनी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
आईएमए के राज्य संरक्षक डाॅ. कर्ण पूनिया, जन संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड ओमप्रकाश और जनवादी महिला समिति की जिला सचिव बिमला घनघस ने कहा कि देश में संविधान के अनुछेद 14 और 21 के अनुसार महिलाओं को पुरुषों के बराबर समान अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन हमारा समाज अब भी व्यवहार में महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक समझता है। इसी कारण आए दिन महिलाएं घरेलू हिंसा, दहेज हिंसा और यौन हिंसा का शिकार हो रहीं हैं।
विज्ञापन
दोषियों को मौत की सजा का कानून बनने के बाद भी ऐसी घटनाएं कम नहीं हो रहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि लगातार 36 घंंटे ड्यूटी करने के बाद भी उसे आराम करने के लिए अस्पताल में सुरक्षित जगह नहीं मिल सकी। इस कारण उसे मजबूरी में सेमिनार हॉल में लेटना पड़ा और वहीं यह घटना हुई। दोनों सगठनों ने आरोप लगाया कि इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन और बंगाल सरकार दोषी है, जो दिन-रात मरीजों की सेवा कर रही महिला चिकित्सक को भी सुरक्षा नहीं दे सके।
विज्ञापन
उन्होंने इस कांड में संलिप्त सभी दोषियों को पकड़ने, उन्हें कठोर सजा दिलाने, अस्पतालों और समाज में महिला सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान संतोष देशवाल, डाॅ. चंचल धीर और पार्वती भंडारी ने की।
कैंडल मार्च में कंवर बीर सिंह, मास्टर वजीर सिंह, रामफल देशवाल, मास्टर शेर सिंह, सज्जन कुमार सिंगला, सुखदेव पालवास, डाॅ. अनंत कौर, नरेंद्र सोनी, हीरालाल सोनी, रामलाल गिरि, रतन जिंदल, एडवोकेट अशोक आर्य, दिलबाग ढुल, नरेंद्र धनाना, महाबीर फोजी, हुकम कौर, मोहन लाल भंडारी, नरेश शर्मा, महेंद्र तंवर, कंवर सिंह जांगड़ा, अमित सोनी आदि शामिल रहे।