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इस बार पढ़ी-लिखी छह महिलाएं देंगी पुरुष उम्मीदवारों को चुनौती
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सभी राजनीतिक दल भले ही महिलाओं को टिकट देने में तवज्जों की बात करते हो मगर भिवानी जिले में ऐसा नहीं है। भिवानी जिले के चार विधानसभा सीटों पर इस बार छह महिला उम्मीदवार पुरुष उम्मीदवारों को चुनौती दे रही हैं। भिवानी के चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 71 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। जिनमें सिर्फ छह महिला उम्मीदवार है यानी महज 8.4 फीसदी। प्रमुख राजनीतिक दलों में कुछ ने महिलाओं को तवज्जों जरूर दी है। इस बार इनेलो दो महिला उम्मीदवारों को उतारा है। इनमें बवानीखेड़ा से पूर्व मंत्री जगन्नाथ की पत्नी धर्म देवी और तोशाम से कमला रानी है। कांग्रेस ने तोशाम से निवर्तमान किरण चौधरी को टिकट दी है। भाजपा ने चारों विधानसभा क्षेत्रों में किसी महिला उम्मीदवार को नहीं उतारा। जेजेपी ने लोहारू से अलका रानी को महिला उम्मीदवार के तौर पर उतारा है। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने भिवानी में जरूर महिला उम्मीदवार अमन राघव तंवर को टिकट दी है। अब ये छह महिला उम्मीदवार चार विधानसभा क्षेत्रों में पुरुष उम्मीदवारों को चुनौती दे रही है।
तोशाम से कांग्रेस उम्मीदवार किरण चौधरी एलएलबी हैं तो भिवानी से लोसुपा उम्मीदवार अमन राघव तंवर और लोहारू से जेजेपी उम्मीदवार अलका आर्य स्नातकोत्तर है। सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही बवानीखेड़ा विधानसभा से इनेलो प्रत्याशी धर्म देवी विद्या विनोदीनी और जेबीटी है। बाकी दो उम्मीदवारों की बात करें तो तोशाम में इनेलो की कमला रानी और बवानीखेड़ा से आप प्रत्याशी सविता नंदा बारहवीं तक पढ़ी है।
नहीं दी जाती ज्यादा तवज्जो : महिला उम्मीदवारों को भिवानी जिले में शुरूआत से ही किसी राजनीतिक दल ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। इस कारण यहां से एक-दो महिलाएं ही आगे बढ़ पाईं। 2005 में चारों विधानसभा क्षेत्रों में से महज एक पर बवानीखेड़ा में ही एक महिला उम्मीदवार थी। 2009 में चार। पिछले विधानसभा चुनाव 2014 में पहला ऐसा मौका था जब जिले की चारों विधानसभाओं में कम से कम एक महिला प्रत्याशी अवश्य किस्मत आजमा रही थी। इस बार भी चारों विधानसभाओं में हरेक जगह कम से कम एक महिला उम्मीदवार अवश्य है। तोशाम और बवानीखेड़ा में दो-दो महिलाएं चुनाव लड़ रही है तो भिवानी और लोहारू में एक-एक महिला उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रही है। भिवानी जिले से अब तक किरण चौधरी और चंद्रावती ही विधायक बनी हैं।
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कब कितनी महिलाएं उतरी चुनावी रण में
वर्ष भिवानी बवानीखेड़ा तोशाम लोहारू
2005 -- 01 -- --
2009 01 -- 02 01
2014 02 01 03 01
2019 01 02 02 01
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तोशाम से कांग्रेस उम्मीदवार किरण चौधरी एलएलबी हैं तो भिवानी से लोसुपा उम्मीदवार अमन राघव तंवर और लोहारू से जेजेपी उम्मीदवार अलका आर्य स्नातकोत्तर है। सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही बवानीखेड़ा विधानसभा से इनेलो प्रत्याशी धर्म देवी विद्या विनोदीनी और जेबीटी है। बाकी दो उम्मीदवारों की बात करें तो तोशाम में इनेलो की कमला रानी और बवानीखेड़ा से आप प्रत्याशी सविता नंदा बारहवीं तक पढ़ी है।
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नहीं दी जाती ज्यादा तवज्जो : महिला उम्मीदवारों को भिवानी जिले में शुरूआत से ही किसी राजनीतिक दल ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। इस कारण यहां से एक-दो महिलाएं ही आगे बढ़ पाईं। 2005 में चारों विधानसभा क्षेत्रों में से महज एक पर बवानीखेड़ा में ही एक महिला उम्मीदवार थी। 2009 में चार। पिछले विधानसभा चुनाव 2014 में पहला ऐसा मौका था जब जिले की चारों विधानसभाओं में कम से कम एक महिला प्रत्याशी अवश्य किस्मत आजमा रही थी। इस बार भी चारों विधानसभाओं में हरेक जगह कम से कम एक महिला उम्मीदवार अवश्य है। तोशाम और बवानीखेड़ा में दो-दो महिलाएं चुनाव लड़ रही है तो भिवानी और लोहारू में एक-एक महिला उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रही है। भिवानी जिले से अब तक किरण चौधरी और चंद्रावती ही विधायक बनी हैं।
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कब कितनी महिलाएं उतरी चुनावी रण में
वर्ष भिवानी बवानीखेड़ा तोशाम लोहारू
2005 -- 01 -- --
2009 01 -- 02 01
2014 02 01 03 01
2019 01 02 02 01