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Bhiwani News: बदहाली... बिना पहियों के स्ट्रेचर पर जोखिम में जान
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जिला नागरिक अस्पताल में स्थित आपात विभाग के गेट पर टूटी हुई स्ट्रेचर पर मरीज को लेकर जाते परि
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर ट्रॉली के टायर गायब होने से गंभीर मरीजों को माइनर ओटी तक पहुंचाना जोखिम भरा हो गया है। वहीं अस्पताल से 28 कर्मचारियों को वापस बुलाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की भीड़ नियंत्रित नहीं हो पा रही है।
आपात विभाग के मुख्य गेट पर एंबुलेंस से उतारे जाने वाले गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए माइनर ओटी तक पहुंचाने के लिए व्हीलचेयर और स्ट्रेचर रखे गए हैं। इनमें से कुछ के टायर गायब हैं। ऐसे में मरीज को ले जाते समय स्ट्रेचर एक तरफ झुक जाता है और उसके नीचे गिरने का खतरा बना रहता है। पहले भी मरीजों के गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर पर निजी एक्स-रे केंद्रों तक भी ले जाया जाता है जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आपात विभाग में नई व्हीलचेयर और स्ट्रेचर ट्रॉली उपलब्ध कराई थीं। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त उपकरणों का इस्तेमाल मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। शनिवार को गंभीर महिला मरीज को एंबुलेंस से लेकर पहुंचे दिनेश ने बताया कि गेट के बाहर मिले स्ट्रेचर पर मरीज को लिटाकर ले जाने लगे तो वह एक तरफ झुक गया। जांच करने पर पता चला कि एक तरफ का टायर गायब था। इसके बाद दो-तीन लोगों की मदद से स्ट्रेचर को संभालते हुए माइनर ओटी तक पहुंचाया गया।
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ओपीडी में वार्ड बॉय नहीं, चिकित्सकों के कक्ष में उमड़ रहे मरीज
जिला नागरिक अस्पताल से 28 कर्मचारियों को वापस बुलाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी अव्यवस्था बढ़ गई है। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों को कतार में रखने के लिए वार्ड बॉय नहीं होने से लोग बिना अनुमति सीधे अंदर प्रवेश कर रहे हैं। इससे मरीजों की जांच के दौरान चिकित्सकों के आसपास भीड़ जमा हो जाती है और व्यवस्था प्रभावित होती है।
वार्ड बॉय मरीजों की ओपीडी पर्चियां लेकर उन्हें बारी-बारी से चिकित्सकों के पास भेजते हैं। इससे मरीजों की जांच और परामर्श व्यवस्थित ढंग से हो पाता है। कर्मचारियों की कमी के कारण यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में नई व्हीलचेयर और स्ट्रेचर ट्रॉली उपलब्ध कराई गई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को संबंधित वार्डों में शिफ्ट करने के लिए इनका इस्तेमाल होता है। कई बार उपकरण वार्डों से समय पर वापस नहीं पहुंचते। इस संबंध में कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी जाएगी और क्षतिग्रस्त स्ट्रेचर ट्रॉली व व्हीलचेयर हटवाई जाएंगी। - डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी
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ये 28 कर्मचारी मेडिकल कॉलेज से वापस बुलाए गए
1. तैनाती कमरा नंबर- कर्मचारी का नाम- पद
2. 50- संदीप सुपरवाइजर
3 317- मंजू- डॉटा आपरेटर
4 43- मोहित- टेलीफोन ऑपरेटर
5 44- अजीत सिंह- टेलीफोन ऑपरेटर
6 41- संतोष - टेलीफोन ऑपरेटर
7 39- करमबीर- लिफ्ट ऑपरेटर
8 89- सुमित- वार्ड सर्वेंट
9 162- महेश- वार्ड सर्वेंट
10 103- मनजीत- वार्ड सर्वेंट
11 82- कृष्ण- वार्ड सर्वेंट
12 118- अमन- वार्ड सर्वेंट
13 115- साहिल- वार्ड सर्वेंट
14 100- राकेश- वार्ड सर्वेंट
15 94- मनीष- वार्ड सर्वेंट
16 182- संजय- स्वीपर
17 240- अरुण- स्वीपर
18 261- रानी- स्वीपर
19 260- पिंकी- स्वीपर
20 248- साहिल- स्वीपर
21 263- अनिल- स्वीपर
22 233- अमित- स्वीपर
23 270- सुमित्रा- स्वीपर
24 195- आजाद- स्वीपर
25 225- अंकित- स्वीपर
26 293- अंकुर- सिक्योरिटी गार्ड
27 296- प्रदीप- सिक्योरिटी गार्ड
28 290- विकास- सिक्योरिटी गार्ड
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आपात विभाग के मुख्य गेट पर एंबुलेंस से उतारे जाने वाले गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए माइनर ओटी तक पहुंचाने के लिए व्हीलचेयर और स्ट्रेचर रखे गए हैं। इनमें से कुछ के टायर गायब हैं। ऐसे में मरीज को ले जाते समय स्ट्रेचर एक तरफ झुक जाता है और उसके नीचे गिरने का खतरा बना रहता है। पहले भी मरीजों के गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर पर निजी एक्स-रे केंद्रों तक भी ले जाया जाता है जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आपात विभाग में नई व्हीलचेयर और स्ट्रेचर ट्रॉली उपलब्ध कराई थीं। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त उपकरणों का इस्तेमाल मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। शनिवार को गंभीर महिला मरीज को एंबुलेंस से लेकर पहुंचे दिनेश ने बताया कि गेट के बाहर मिले स्ट्रेचर पर मरीज को लिटाकर ले जाने लगे तो वह एक तरफ झुक गया। जांच करने पर पता चला कि एक तरफ का टायर गायब था। इसके बाद दो-तीन लोगों की मदद से स्ट्रेचर को संभालते हुए माइनर ओटी तक पहुंचाया गया।
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ओपीडी में वार्ड बॉय नहीं, चिकित्सकों के कक्ष में उमड़ रहे मरीज
जिला नागरिक अस्पताल से 28 कर्मचारियों को वापस बुलाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी अव्यवस्था बढ़ गई है। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों को कतार में रखने के लिए वार्ड बॉय नहीं होने से लोग बिना अनुमति सीधे अंदर प्रवेश कर रहे हैं। इससे मरीजों की जांच के दौरान चिकित्सकों के आसपास भीड़ जमा हो जाती है और व्यवस्था प्रभावित होती है।
वार्ड बॉय मरीजों की ओपीडी पर्चियां लेकर उन्हें बारी-बारी से चिकित्सकों के पास भेजते हैं। इससे मरीजों की जांच और परामर्श व्यवस्थित ढंग से हो पाता है। कर्मचारियों की कमी के कारण यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में नई व्हीलचेयर और स्ट्रेचर ट्रॉली उपलब्ध कराई गई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को संबंधित वार्डों में शिफ्ट करने के लिए इनका इस्तेमाल होता है। कई बार उपकरण वार्डों से समय पर वापस नहीं पहुंचते। इस संबंध में कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी जाएगी और क्षतिग्रस्त स्ट्रेचर ट्रॉली व व्हीलचेयर हटवाई जाएंगी। - डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी
ये 28 कर्मचारी मेडिकल कॉलेज से वापस बुलाए गए
1. तैनाती कमरा नंबर- कर्मचारी का नाम- पद
2. 50- संदीप सुपरवाइजर
3 317- मंजू- डॉटा आपरेटर
4 43- मोहित- टेलीफोन ऑपरेटर
5 44- अजीत सिंह- टेलीफोन ऑपरेटर
6 41- संतोष - टेलीफोन ऑपरेटर
7 39- करमबीर- लिफ्ट ऑपरेटर
8 89- सुमित- वार्ड सर्वेंट
9 162- महेश- वार्ड सर्वेंट
10 103- मनजीत- वार्ड सर्वेंट
11 82- कृष्ण- वार्ड सर्वेंट
12 118- अमन- वार्ड सर्वेंट
13 115- साहिल- वार्ड सर्वेंट
14 100- राकेश- वार्ड सर्वेंट
15 94- मनीष- वार्ड सर्वेंट
16 182- संजय- स्वीपर
17 240- अरुण- स्वीपर
18 261- रानी- स्वीपर
19 260- पिंकी- स्वीपर
20 248- साहिल- स्वीपर
21 263- अनिल- स्वीपर
22 233- अमित- स्वीपर
23 270- सुमित्रा- स्वीपर
24 195- आजाद- स्वीपर
25 225- अंकित- स्वीपर
26 293- अंकुर- सिक्योरिटी गार्ड
27 296- प्रदीप- सिक्योरिटी गार्ड
28 290- विकास- सिक्योरिटी गार्ड