{"_id":"3076fe867e19088b14910e9f9e88714b","slug":"become-a-world-class-engineering-institute-in-rohtak-and-ambala","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहतक और अंबाला में बनेंगे वर्ल्ड क्लास इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहतक और अंबाला में बनेंगे वर्ल्ड क्लास इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट
रोहतक/ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2013 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला के साहा और रोहतक में 200 करोड़ रुपये की लागत से दो टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर एवं ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (टूल रूम) खोले जाएंगे।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की इन परियोजनाओं से युवा इंजीनियर तैयार हो सकेंगे। इन केंद्रों पर युवाओं के लिए इंजीनियरिंग की विभिन्न ट्रेड में बीटेक, एमटेक और डिप्लोमा कोर्सेज कराए जाएंगे।
खास बात यह है कि हरियाणा में करीब सौ करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले एक केंद्र में पांच से आठ हजार बच्चे एक साथ इंजीनियरिंग की अत्याधुनिक तकनीक से रूबरू होंगे। इस तरह यह केंद्र प्रौद्योगिकी से जुड़ी शिक्षा के लिए एक तकनीकी विश्वविद्यालय के समकक्ष होंगे। पूरे देश में इस तरह के सात ही इंस्टीट्यूट हैं।
रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इन परियोजनाओं के लिए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री केएच मुनियप्पा का आभार जताया है। दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि इन केंद्रों के स्थापित होने से प्रदेश के हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा में महारत हासिल होगी, वहीं हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। सांसद ने इन परियोजनाओं की शीघ्र ही आधारशिला रखने के लिए केंद्रीय मंत्री केएच मुनियप्पा से समय भी मांगा है।
विज्ञापन
इंडस्ट्री को यह होगा फायदा
एमएसएमई मंत्रालय की ओर से प्रौद्योगिकी केंद्र तंत्र कार्यक्रम (टीसीएसपी) के तहत इन स्वायत संस्थानों के माध्यम से लघु एवं मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के लिए टूलिंग, प्रौद्योगिकी और कुशल श्रमशक्ति उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की इन परियोजनाओं से युवा इंजीनियर तैयार हो सकेंगे। इन केंद्रों पर युवाओं के लिए इंजीनियरिंग की विभिन्न ट्रेड में बीटेक, एमटेक और डिप्लोमा कोर्सेज कराए जाएंगे।
खास बात यह है कि हरियाणा में करीब सौ करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले एक केंद्र में पांच से आठ हजार बच्चे एक साथ इंजीनियरिंग की अत्याधुनिक तकनीक से रूबरू होंगे। इस तरह यह केंद्र प्रौद्योगिकी से जुड़ी शिक्षा के लिए एक तकनीकी विश्वविद्यालय के समकक्ष होंगे। पूरे देश में इस तरह के सात ही इंस्टीट्यूट हैं।
विज्ञापन
रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इन परियोजनाओं के लिए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री केएच मुनियप्पा का आभार जताया है। दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि इन केंद्रों के स्थापित होने से प्रदेश के हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा में महारत हासिल होगी, वहीं हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। सांसद ने इन परियोजनाओं की शीघ्र ही आधारशिला रखने के लिए केंद्रीय मंत्री केएच मुनियप्पा से समय भी मांगा है।
विज्ञापन
इंडस्ट्री को यह होगा फायदा
एमएसएमई मंत्रालय की ओर से प्रौद्योगिकी केंद्र तंत्र कार्यक्रम (टीसीएसपी) के तहत इन स्वायत संस्थानों के माध्यम से लघु एवं मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के लिए टूलिंग, प्रौद्योगिकी और कुशल श्रमशक्ति उपलब्ध कराई जाएगी।