{"_id":"83db7110e18d73cd01653b82c7a1de2f","slug":"banner-try-to-burn","type":"story","status":"publish","title_hn":"रावण दहन में सियासत, चौटाला के बैनर फूंकने की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रावण दहन में सियासत, चौटाला के बैनर फूंकने की कोशिश
जींद/ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2013 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दशहरा मैदान में रविवार शाम को रावण के पुतले के साथ-साथ कुछ शरारती तत्वों ने इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के फोटो लगे बैनर को फूंकने की कोशिश की।
बैनर पर ओमप्रकाश चौटाला और अजय को सजायाफ्ता बताया गया। इस कार्यक्रम में रावण दहन के लिए हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई को आना था और उनके आने से पहले ही यह सारा प्रकरण हुआ। आयोजकों ने बैनरों को जलाने से पहले ही उन्हें बरामद कर लिया, लेकिन उससे पहले काफी लोग बैनरों को पैरों तले कुचलते चले गए। हजकां प्रमुख ने इस सारे मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की है। वहीं, इनेलो ने इसे हजकां की सोची-समझी साजिश करार देते हुए जांच की मांग की है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।
रविवार शाम को जींद जंक्शन के पास दशहरा मैदान में रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाना था। इसके लिए हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई को आमंत्रित किया गया था। लगभग छह बजे कुछ शरारती तत्व इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के फोटो लगे बैनर पुतलों तक ले आए। उनकी इन्हें रावण के पुतले के साथ फूंकने की साजिश थी। आयोजकों ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया, लेकिन पुलिस के हवाले नहीं किया।
विज्ञापन
इनेलो ने दी आंदोलन की चेतावनी
इनेलो जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह बरवाला ने कहा कि हजकां प्रमुख बौखला गए हैं और बौखलाहट में ही अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। दशहरा मैदान की घटना की इनेलो कड़ी निंदा करती है। इस घटना के विरोध में सोमवार को बैठक बुलाई गई है। डीसी और एसपी को भी इनेलो द्वारा ज्ञापन सौंपकर ऐसी हरकत करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी। वहीं, विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि कुलदीप कांग्रेस की बी टीम है। वे कांग्रेस को जनविरोधी फैसलों पर घेरने की बजाय इनेलो के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं, लेकिन वे अपने इन इरादों में सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसी गलत हरकत करने वालों को करारा जवाब देगी।
हजकां की विजय यात्रा में भी बवाल
हजकां-भाजपा गठबंधन की विजय यात्रा के दौरान रविवार को बवाल हो गया। जब हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई यात्रा के साथ पुरानी अनाजमंडी के पास पहुंचे तो यहां विवाद हो गया। पुरानी अनाजमंडी में हजकां के प्रदेश प्रवक्ता सुधीर गौतम ने एक जनसभा का आयोजन किया था। इसको कुलदीप बिश्नोई को संबोधित करना था, लेकिन जब वे इसमें नहीं पहुंचते तो कुछ कथित कार्यकर्ताओं ने उनके वाहन को रोक लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ समर्थक कुलदीप के वाहन के आगे लेट गए। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। काफी मशक्कत के बाद वहां से बवाल करने वालों को हटाया जा सका। वहीं, प्रदेश प्रवक्ता सुधीर गौतम ने कहा कि उनके समर्थकों ने कोई बवाल नहीं किया है। यह उनकी छवि को बिगाड़ने की कोशिश है। हजकां की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से शरारती तत्व ऐसा कर रहे हैं।
यह एक धार्मिक कार्यक्रम है, इसको राजनीतिक बनाने की कोशिश कुछ लोगों ने की। ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के बैनर पुतलों तक कैसे पहुंचे, इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है।
- अशोक कपूर, मेला आयोजक
विज्ञापन
बैनर पर ओमप्रकाश चौटाला और अजय को सजायाफ्ता बताया गया। इस कार्यक्रम में रावण दहन के लिए हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई को आना था और उनके आने से पहले ही यह सारा प्रकरण हुआ। आयोजकों ने बैनरों को जलाने से पहले ही उन्हें बरामद कर लिया, लेकिन उससे पहले काफी लोग बैनरों को पैरों तले कुचलते चले गए। हजकां प्रमुख ने इस सारे मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की है। वहीं, इनेलो ने इसे हजकां की सोची-समझी साजिश करार देते हुए जांच की मांग की है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
रविवार शाम को जींद जंक्शन के पास दशहरा मैदान में रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाना था। इसके लिए हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई को आमंत्रित किया गया था। लगभग छह बजे कुछ शरारती तत्व इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के फोटो लगे बैनर पुतलों तक ले आए। उनकी इन्हें रावण के पुतले के साथ फूंकने की साजिश थी। आयोजकों ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया, लेकिन पुलिस के हवाले नहीं किया।
विज्ञापन
इनेलो ने दी आंदोलन की चेतावनी
इनेलो जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह बरवाला ने कहा कि हजकां प्रमुख बौखला गए हैं और बौखलाहट में ही अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। दशहरा मैदान की घटना की इनेलो कड़ी निंदा करती है। इस घटना के विरोध में सोमवार को बैठक बुलाई गई है। डीसी और एसपी को भी इनेलो द्वारा ज्ञापन सौंपकर ऐसी हरकत करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी। वहीं, विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि कुलदीप कांग्रेस की बी टीम है। वे कांग्रेस को जनविरोधी फैसलों पर घेरने की बजाय इनेलो के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं, लेकिन वे अपने इन इरादों में सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसी गलत हरकत करने वालों को करारा जवाब देगी।
हजकां की विजय यात्रा में भी बवाल
हजकां-भाजपा गठबंधन की विजय यात्रा के दौरान रविवार को बवाल हो गया। जब हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई यात्रा के साथ पुरानी अनाजमंडी के पास पहुंचे तो यहां विवाद हो गया। पुरानी अनाजमंडी में हजकां के प्रदेश प्रवक्ता सुधीर गौतम ने एक जनसभा का आयोजन किया था। इसको कुलदीप बिश्नोई को संबोधित करना था, लेकिन जब वे इसमें नहीं पहुंचते तो कुछ कथित कार्यकर्ताओं ने उनके वाहन को रोक लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ समर्थक कुलदीप के वाहन के आगे लेट गए। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। काफी मशक्कत के बाद वहां से बवाल करने वालों को हटाया जा सका। वहीं, प्रदेश प्रवक्ता सुधीर गौतम ने कहा कि उनके समर्थकों ने कोई बवाल नहीं किया है। यह उनकी छवि को बिगाड़ने की कोशिश है। हजकां की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से शरारती तत्व ऐसा कर रहे हैं।
यह एक धार्मिक कार्यक्रम है, इसको राजनीतिक बनाने की कोशिश कुछ लोगों ने की। ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के बैनर पुतलों तक कैसे पहुंचे, इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है।
- अशोक कपूर, मेला आयोजक