{"_id":"272e0b412e259d558d8c664fa7b93fe2","slug":"auto-drivers-strike-in-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑटो चालकों ने हड़ताल कर लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑटो चालकों ने हड़ताल कर लगाया जाम
रोहतक/ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2014 10:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला प्रशासन द्वारा ऑटो के रूट में किए गए बदलाव के विरोध में बुधवार को दूसरे दिन भी ऑटो चालकों ने हड़ताल रखी।
ऑटो चालकों ने प्रशासन से बातचीत विफल रहने पर सीएम आवास को घेरने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें अशोक चौक पर ही रोक दिया। इस पर गुस्साए ऑटो चालकों ने वहीं पर बीच सड़क पर ऑटो खड़े कर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक यहां पर जाम लगा रहने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों के न मानने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन ले आई।
सड़क पर जाम लगाने के लिए खड़े किए ऑटो को पुलिसकर्मियों ने हटाया। वहीं, ऑटो चालकों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर पीजीआई आने वाले मरीजों को वाहन के लिए बस अड्डे पर भटकते देखते गया। प्रशासन ने मेडिकल मोड़ से लेकर सोनीपत स्टैंड तक का रास्ता ऑटो चालकों के लिए बंद कर दिया है, जिसका चालक विरोध कर रहे हैं।
तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे काफी संख्या में ऑटो चालक पुराने आईटीआई मैदान में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष तस्वीर सिंह टांक की अध्यक्षता में एकत्रित हुए। मैदान पर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन उनकी मांग नहीं मान रहा है, इसलिए वे मुख्यमंत्री निवास के बाहर ऑटो खडे़ कर धरना देंगे। इसके बाद सभी ऑटो चालक प्रदर्शन करते हुए अशोक चौक पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले से ही बेरीकेड लगा रखे थे। पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया तो ऑटो चालकों ने वहीं पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने भी एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया, परंतु वार्ता सफल नहीं हो पाई। इससे पहले एसोसिएशन के पदाधिकारी विधायक से भी मिले थे। कई घंटे तक जब जाम नहीं खुला तो पुलिस ने ऑटो चालकों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया और पुलिसकर्मियों ने स्वयं ऑटो को सड़क के बीच से हटाया।
मैक्सी कैब भी नहीं चलने दी
सुबह दस बजे ही ऑटो न चलने का असर साफ दिखाई देने लगा। सड़क पर पैदल लोगों की भीड़ नजर आई और रिक्शा में तीन से चार सवारियां बैठीं। मैक्सी कैब चालकों ने सवारियां भरनी शुरू की तो ऑटो चालकों ने उन्हें घेर लिया और मैक्सी कैब से सवारियां नीचे उतरवा दी। ऑटो चालकों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। वहीं, रिक्शा चालकों ने दोगुना किराया वसूला।
यूनियन की होगी आपात बैठक
ऑटो चालक यूनियन ने आगामी रणनीति के लिए वीरवार सुबह आपात बैठक बुलाई है। बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि हड़ताल कब तक जारी रखेगी जाएगी। साथ ही रूटों को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। यूनियन के प्रधान का कहना है कि जिस तरह से पुलिस ने रूट बदले हैं, वे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।
आटो चालकों के समर्थन में उतरी आप
पुराने रूटों की बहाली को लेकर प्रशासन और ऑटो चालकों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए आम आदमी पार्टी ऑटो चालकों के समर्थन में उतर आई है। पार्टी की राज्यस्तरीय कार्यकारिणी के सदस्य बलजीत ने कहा कि ऑटो चालकों की रोजी-रोटी नहीं छीनने देंगे।
जगह-जगह रही जाम की स्थिति
ऑटो चालकों की हड़ताल के चलते पूरे दिन शहर में जाम की स्थिति रही। मेडिकल मोड़ पर से तो पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला। साथ ही मुख्यमंत्री निवास की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।
विज्ञापन
ऑटो चालकों ने प्रशासन से बातचीत विफल रहने पर सीएम आवास को घेरने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें अशोक चौक पर ही रोक दिया। इस पर गुस्साए ऑटो चालकों ने वहीं पर बीच सड़क पर ऑटो खड़े कर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक यहां पर जाम लगा रहने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों के न मानने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन ले आई।
सड़क पर जाम लगाने के लिए खड़े किए ऑटो को पुलिसकर्मियों ने हटाया। वहीं, ऑटो चालकों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर पीजीआई आने वाले मरीजों को वाहन के लिए बस अड्डे पर भटकते देखते गया। प्रशासन ने मेडिकल मोड़ से लेकर सोनीपत स्टैंड तक का रास्ता ऑटो चालकों के लिए बंद कर दिया है, जिसका चालक विरोध कर रहे हैं।
तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे काफी संख्या में ऑटो चालक पुराने आईटीआई मैदान में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष तस्वीर सिंह टांक की अध्यक्षता में एकत्रित हुए। मैदान पर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन उनकी मांग नहीं मान रहा है, इसलिए वे मुख्यमंत्री निवास के बाहर ऑटो खडे़ कर धरना देंगे। इसके बाद सभी ऑटो चालक प्रदर्शन करते हुए अशोक चौक पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले से ही बेरीकेड लगा रखे थे। पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया तो ऑटो चालकों ने वहीं पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने भी एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया, परंतु वार्ता सफल नहीं हो पाई। इससे पहले एसोसिएशन के पदाधिकारी विधायक से भी मिले थे। कई घंटे तक जब जाम नहीं खुला तो पुलिस ने ऑटो चालकों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया और पुलिसकर्मियों ने स्वयं ऑटो को सड़क के बीच से हटाया।
मैक्सी कैब भी नहीं चलने दी
सुबह दस बजे ही ऑटो न चलने का असर साफ दिखाई देने लगा। सड़क पर पैदल लोगों की भीड़ नजर आई और रिक्शा में तीन से चार सवारियां बैठीं। मैक्सी कैब चालकों ने सवारियां भरनी शुरू की तो ऑटो चालकों ने उन्हें घेर लिया और मैक्सी कैब से सवारियां नीचे उतरवा दी। ऑटो चालकों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। वहीं, रिक्शा चालकों ने दोगुना किराया वसूला।
यूनियन की होगी आपात बैठक
ऑटो चालक यूनियन ने आगामी रणनीति के लिए वीरवार सुबह आपात बैठक बुलाई है। बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि हड़ताल कब तक जारी रखेगी जाएगी। साथ ही रूटों को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। यूनियन के प्रधान का कहना है कि जिस तरह से पुलिस ने रूट बदले हैं, वे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।
आटो चालकों के समर्थन में उतरी आप
पुराने रूटों की बहाली को लेकर प्रशासन और ऑटो चालकों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए आम आदमी पार्टी ऑटो चालकों के समर्थन में उतर आई है। पार्टी की राज्यस्तरीय कार्यकारिणी के सदस्य बलजीत ने कहा कि ऑटो चालकों की रोजी-रोटी नहीं छीनने देंगे।
जगह-जगह रही जाम की स्थिति
ऑटो चालकों की हड़ताल के चलते पूरे दिन शहर में जाम की स्थिति रही। मेडिकल मोड़ पर से तो पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला। साथ ही मुख्यमंत्री निवास की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।