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पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
नारनौल/ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2014 10:25 PM IST
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गांव नांगल कालिया में अवैध शराब बिक्री के विरोध में जाम लगा रहे ग्रामीणों और पुलिस कर्मचारियों में हिंसक झड़प हो गई।
ग्रामीणों ने जहां पुलिस पर बेवजह लाठीचार्ज का आरोप लगाया, वहीं ग्रामीणों ने भी पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और एक ठेके को भी आग के हवाले कर दिया। ग्रामीण अवैध शराब बिक्री का विरोध करने वाले युवकों से मारपीट के विरोध में जाम लगा रहे थे। एसपी ने मामले में लापरवाही करने में आरोप में एसएचओ संदीप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।
गांव नांगल कालिया के सरपंच धमेंद्र ने बताया कि गांव में एक महिला अवैध शराब बेचती है। 19 दिसंबर को उक्त महिला के इशारे पर गांव के ही एक परिवार पर जानलेवा हमला हुआ था। वहीं पुलिस ने उल्टे ही पीड़ित पक्ष पर नाजायज मुकदमा बना दिया, जबकि पीड़ित को गंभीर चोटें भी आई थीं। इस मुद्दे पर रविवार शाम को करीब सात बजे गांव की एक धर्मशाला में कुछ ग्रामीणों के साथ वे विचार कर रहे थे कि अचानक गांव मोहनपुर के कुछ युवकों ने वहां पर गाली गलौच व तोड़फोड़ की। वहीं घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचने की बजाय मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया।
इसके विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने बस स्टॉप के पास जाम लगा दिया। जाम लगाने के करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को जाम हटाने को कहा, जिस लोगों ने नहीं माना। इससे कुछ पुलिसकर्मियों ने जाम पर बैठे लोगों और महिलाओं पर लाठी भांजना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने भी पुलिस कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। इस वारदात में चार महिलाओं सहित एक ग्रामीण घायल हुए हैं, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। इस बीच महिलाओं ने गांव के अस्थायी बस अड्डे के निकट बने शराब के ठेके पर रखी शराब की बोतलों को ध्वस्त कर ठेके को भी आग के हवाले कर दिया।
इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं। वहीं नांगल चौधरी थाने के एसएचओ संदीप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
-जगत सिंह हुड्डा, एसपी, नारनौल।
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ग्रामीणों ने जहां पुलिस पर बेवजह लाठीचार्ज का आरोप लगाया, वहीं ग्रामीणों ने भी पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और एक ठेके को भी आग के हवाले कर दिया। ग्रामीण अवैध शराब बिक्री का विरोध करने वाले युवकों से मारपीट के विरोध में जाम लगा रहे थे। एसपी ने मामले में लापरवाही करने में आरोप में एसएचओ संदीप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।
गांव नांगल कालिया के सरपंच धमेंद्र ने बताया कि गांव में एक महिला अवैध शराब बेचती है। 19 दिसंबर को उक्त महिला के इशारे पर गांव के ही एक परिवार पर जानलेवा हमला हुआ था। वहीं पुलिस ने उल्टे ही पीड़ित पक्ष पर नाजायज मुकदमा बना दिया, जबकि पीड़ित को गंभीर चोटें भी आई थीं। इस मुद्दे पर रविवार शाम को करीब सात बजे गांव की एक धर्मशाला में कुछ ग्रामीणों के साथ वे विचार कर रहे थे कि अचानक गांव मोहनपुर के कुछ युवकों ने वहां पर गाली गलौच व तोड़फोड़ की। वहीं घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचने की बजाय मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया।
इसके विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने बस स्टॉप के पास जाम लगा दिया। जाम लगाने के करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को जाम हटाने को कहा, जिस लोगों ने नहीं माना। इससे कुछ पुलिसकर्मियों ने जाम पर बैठे लोगों और महिलाओं पर लाठी भांजना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने भी पुलिस कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। इस वारदात में चार महिलाओं सहित एक ग्रामीण घायल हुए हैं, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। इस बीच महिलाओं ने गांव के अस्थायी बस अड्डे के निकट बने शराब के ठेके पर रखी शराब की बोतलों को ध्वस्त कर ठेके को भी आग के हवाले कर दिया।
इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं। वहीं नांगल चौधरी थाने के एसएचओ संदीप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
-जगत सिंह हुड्डा, एसपी, नारनौल।