{"_id":"83012d03e98fded819f05e08165bdb30","slug":"angry-departmental-staff-on-the-picket-secretariat","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाराज विभागीय कर्मचारियों ने सचिवालय पर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाराज विभागीय कर्मचारियों ने सचिवालय पर दिया धरना
फतेहाबाद/ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2013 09:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी ने कर्मचारियों की मांग पर शुक्रवार को हरियाणा के जिला फतेहाबाद स्थित सचिवालय में धरना दिया।
धरने में रोडवेज, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य, स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, लोक निर्माण, नगरपालिका, सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष हरिचंद कंबोज ने कहा कि प्रदेश के रोडवेज, बिजली, जनस्वास्थ्य, स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, लोक निर्माण, नगरपालिका, सिंचाई आदि सभी विभागों में जनता व कर्मचारी विरोधी आउटसोर्सिंग, निजीकरण, ठेका व पीपीपी की नीतियों को बड़ी तेजी से लागू कर विभागों के आकार को कम किया जा रहा है।
इन नीतियों से भ्रष्टाचार और आम जनता की परेशानियां बढ़ रही हैं। प्रदेश में श्रम कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
करोड़ों के ईपीएफ और ईएसआई के घोटालों का पर्दाफाश होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
उन्होंने कहा कि सरकार केन्द्र के समान वेतन व भत्ते देने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, नियमितीकरण की नीति में संशोधन करने, अधिक से अधिक सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, अनुबंध कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने, श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन करवाने, अपने वायदों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
विज्ञापन
इसी प्रकार प्रदेश के लिपिक वर्ग, चतुर्थ श्रेणी, पुलिस, राजस्व, वन विभाग के कर्मचारी पंजाब के समान वेतनमान की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है।
कर्मचारियों और शिक्षकों की मांगों की लगातार की जा रही अनदेखी के चलते राज्य सरकार के खिलाफ आगामी 13 नवंबर को राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है और 14 नवंबर की रोडवेज की हड़ताल को भी पूर्ण रूप से समर्थन दिया जाएगा।
विज्ञापन
धरने में रोडवेज, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य, स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, लोक निर्माण, नगरपालिका, सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष हरिचंद कंबोज ने कहा कि प्रदेश के रोडवेज, बिजली, जनस्वास्थ्य, स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, लोक निर्माण, नगरपालिका, सिंचाई आदि सभी विभागों में जनता व कर्मचारी विरोधी आउटसोर्सिंग, निजीकरण, ठेका व पीपीपी की नीतियों को बड़ी तेजी से लागू कर विभागों के आकार को कम किया जा रहा है।
विज्ञापन
इन नीतियों से भ्रष्टाचार और आम जनता की परेशानियां बढ़ रही हैं। प्रदेश में श्रम कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
करोड़ों के ईपीएफ और ईएसआई के घोटालों का पर्दाफाश होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
उन्होंने कहा कि सरकार केन्द्र के समान वेतन व भत्ते देने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, नियमितीकरण की नीति में संशोधन करने, अधिक से अधिक सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, अनुबंध कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने, श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन करवाने, अपने वायदों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
विज्ञापन
इसी प्रकार प्रदेश के लिपिक वर्ग, चतुर्थ श्रेणी, पुलिस, राजस्व, वन विभाग के कर्मचारी पंजाब के समान वेतनमान की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है।
कर्मचारियों और शिक्षकों की मांगों की लगातार की जा रही अनदेखी के चलते राज्य सरकार के खिलाफ आगामी 13 नवंबर को राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है और 14 नवंबर की रोडवेज की हड़ताल को भी पूर्ण रूप से समर्थन दिया जाएगा।