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Ambala News: घर और व्यवसाय संभालने के साथ समाजसेवा में अहम योगदान दे रहीं महिलाएं
Wed, 17 Apr 2024 05:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 17 Apr 2024 05:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। आज के दौर में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाएं न केवल घर का कार्य संभालती हैं, बल्कि अपने व्यवसाय के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी कार्य कर रही हैं। यही नहीं जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क पढ़ाने के साथ ही महिलाओं को भी सशक्त बना रही हैं। अमर उजाला ने नौ देवियों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली नौ महिलाओं के साथ बातचीत की। इन महिलाओं ने बताया कि वह किन-किन प्रोजेक्ट के साथ जुड़कर समाजसेवा कर रही हैं।
महिलाओं को सिलाई का दे रहीं प्रशिक्षण
कदम फाउंडेशन के जरिए सामाजिक कार्य कर रही हैं। लोगों के लिए निशुल्क मेडिकल शिविर, महिलाओं के लिए निशुल्क सिलाई सेंटर, ब्यूटी प्रशिक्षण केंद्र और जरूरतमंद बच्चों को जूते व किताबें वितरित करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान 18 परिवारों को गोद लिया था। बाल कल्याण समिति की मनोनीत सदस्य भी हैं। - रेखा शर्मा, चेयरपर्सन, कदम फाउंडेशन।
शिक्षा व चिकित्सा क्षेत्र में कर रहीं कार्य
वह जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहायता करती हैं। साथ ही चिकित्सा के लिए भी कार्य करती हैं। अगर किसी व्यक्ति को चिकित्सा के लिए किसी तरह की मदद चाहिए होती है, वह करवाते हैं। वह शहीद उधम सिंह जागृति मंच से भी जुड़ी हैं। महिला रोजगार के लिए भी कार्य कर रही हैं। महिलाओं के लिए रोजगार संबंधी प्रशिक्षण दिया। - एडवोकेट अंजू शर्मा, समाजसेवी।
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बच्चों को करातीं हैं निशुल्क पढ़ाई
महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करती हैं। ग्रामीण एरिया में बच्चों को निशुल्क पढ़ाई करवाती हैं। महिलाएं के लिए सेल्फ डिफेंस, ब्यूटी पॉर्लर, सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती हैं। साथ ही इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स भी निशुल्क करवाती हैं। बाल सुधार गृह में भी बच्चों को दो वर्ष से निशुल्क पढ़ाई करवा रही हैं। डलसा से भी जुड़ी हैं। - बिंपी रेखी, चेयरपर्सन, गुरु की रहमत सेवा समिति ट्रस्ट, अंबाला शहर।
संभाल रहीं मालगाड़ी की कमान
अंबाला छावनी के रेलवे कॉलोनी निवासी मनोरमा अंबाला रेल मंडल में लोको पायलट हैं और मालगाड़ी का जिम्मा संभाले हुए है। मूलरूप से से वह झांसी की रहने वाली है और उसके पिता भी रेलवे में लोको पायलट पद से सेवानिवृत हुए थे। वहीं पति भी लोको पायलट के तौर पर रेलवे में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। - मनोरमा, लोको पायलट।
सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़ी
वह विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़ी हुई हैं। इनमें इद्रिश फाउंडेशन, रोटरी क्लब अंबाला सेंट्रल और डीएलएसए सदस्य भी हैं। वह जागरुकता सेमिनार के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को उनके अधिकारियों के प्रति जागरूक करती हैं। महिला सशक्तिकरण पर कार्य कर रही हैं। जरुरतमंद बच्चों को पढ़ाने में भी योगदान करती हैं। - एडवोकेट सूक्षम अग्रवाल, समाजसेवी।
भारतीय बॉक्सिंग टीम की कोच
अंबाला कैंट में रहने वाली पूनम शर्मा इन दिनों भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम की भी कोच की जिम्मेदारी निभा रही हूं। आठ साल की उम्र में बॉक्सिंग कर रही हूं। पिता स्वर्गीय प्रेम कुमार भी आर्मी से सेवानिवृत्त थे और वह खुद भी बॉक्सर थे। खेल नर्सरी भी चलाकर महिला खिलाड़ियों की फौज तैयार कर हैं। - पूनम शर्मा, महिला भारतीय बॉक्सिंग टीम कोच।
दौड़, लंबी कूद में जीते पदक
अंबाला के कोंकपुर गांव निवासी पहली नर्सिंग ऑफिसर हूं और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लंबी कूद व 100 मीटर की दौड़ लगाती हूं। प्रदेशभर से इस श्रेणी में केवल मै ही भाग लेती है और पदकों की झड़ी लगा चुकी हैं। इसके अलावा तीन बच्चों की मां होने के साथ परिवार को संभालने के अलावा नियमित तौर पर अपनी ड्यूटी भी करती हूं - मनजीत, नर्सिंग ऑफिसर स्वास्थ्य विभाग।
पीड़ितों को दिला रहीं न्याय
वह विश्व मानवाधिकार परिषद से जुड़ी हूं। दहेज प्रथा, पीड़ित महिलाओं को न्याय, बुजुर्गों को न्याय दिलाने के लिए कार्य कर रही हूं। खिलौना बैंक चलाती हैं और फादर डे पर कूड़ा बीनने वाले बच्चों को खिलौने, पानी की बोतल, स्टेशनरी, छतरी भी देते हैं। दिव्यांग बच्चों का यूडीआईडी कार्ड बनवाने में सहयोग करते हैं। - पूजा गोयल, राष्ट्रीय महासचिव, विश्व मानवाधिकार परिषद।
मां के नाम पर फाउंडेशन शुरू किया
अपनी माता के नाम एक भगवती फाउंडेशन शुरू किया गया है। बच्चों को परीक्षा में अच्छे अंक आने पर सम्मानित करते हैं और पौधे लगाओ अभियान भी चलाते हैं। साथ ही जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क किताबें देते हैं। जरूरतमंदों को निशुल्क कानूनी व स्वास्थ्य सलाह देते हैं। - एडवोकेट डॉ. अमिता वर्मा, समाजसेवी।
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अंबाला सिटी। आज के दौर में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाएं न केवल घर का कार्य संभालती हैं, बल्कि अपने व्यवसाय के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी कार्य कर रही हैं। यही नहीं जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क पढ़ाने के साथ ही महिलाओं को भी सशक्त बना रही हैं। अमर उजाला ने नौ देवियों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली नौ महिलाओं के साथ बातचीत की। इन महिलाओं ने बताया कि वह किन-किन प्रोजेक्ट के साथ जुड़कर समाजसेवा कर रही हैं।
महिलाओं को सिलाई का दे रहीं प्रशिक्षण
कदम फाउंडेशन के जरिए सामाजिक कार्य कर रही हैं। लोगों के लिए निशुल्क मेडिकल शिविर, महिलाओं के लिए निशुल्क सिलाई सेंटर, ब्यूटी प्रशिक्षण केंद्र और जरूरतमंद बच्चों को जूते व किताबें वितरित करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान 18 परिवारों को गोद लिया था। बाल कल्याण समिति की मनोनीत सदस्य भी हैं। - रेखा शर्मा, चेयरपर्सन, कदम फाउंडेशन।
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शिक्षा व चिकित्सा क्षेत्र में कर रहीं कार्य
वह जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहायता करती हैं। साथ ही चिकित्सा के लिए भी कार्य करती हैं। अगर किसी व्यक्ति को चिकित्सा के लिए किसी तरह की मदद चाहिए होती है, वह करवाते हैं। वह शहीद उधम सिंह जागृति मंच से भी जुड़ी हैं। महिला रोजगार के लिए भी कार्य कर रही हैं। महिलाओं के लिए रोजगार संबंधी प्रशिक्षण दिया। - एडवोकेट अंजू शर्मा, समाजसेवी।
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बच्चों को करातीं हैं निशुल्क पढ़ाई
महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करती हैं। ग्रामीण एरिया में बच्चों को निशुल्क पढ़ाई करवाती हैं। महिलाएं के लिए सेल्फ डिफेंस, ब्यूटी पॉर्लर, सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती हैं। साथ ही इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स भी निशुल्क करवाती हैं। बाल सुधार गृह में भी बच्चों को दो वर्ष से निशुल्क पढ़ाई करवा रही हैं। डलसा से भी जुड़ी हैं। - बिंपी रेखी, चेयरपर्सन, गुरु की रहमत सेवा समिति ट्रस्ट, अंबाला शहर।
संभाल रहीं मालगाड़ी की कमान
अंबाला छावनी के रेलवे कॉलोनी निवासी मनोरमा अंबाला रेल मंडल में लोको पायलट हैं और मालगाड़ी का जिम्मा संभाले हुए है। मूलरूप से से वह झांसी की रहने वाली है और उसके पिता भी रेलवे में लोको पायलट पद से सेवानिवृत हुए थे। वहीं पति भी लोको पायलट के तौर पर रेलवे में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। - मनोरमा, लोको पायलट।
सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़ी
वह विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़ी हुई हैं। इनमें इद्रिश फाउंडेशन, रोटरी क्लब अंबाला सेंट्रल और डीएलएसए सदस्य भी हैं। वह जागरुकता सेमिनार के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को उनके अधिकारियों के प्रति जागरूक करती हैं। महिला सशक्तिकरण पर कार्य कर रही हैं। जरुरतमंद बच्चों को पढ़ाने में भी योगदान करती हैं। - एडवोकेट सूक्षम अग्रवाल, समाजसेवी।
भारतीय बॉक्सिंग टीम की कोच
अंबाला कैंट में रहने वाली पूनम शर्मा इन दिनों भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम की भी कोच की जिम्मेदारी निभा रही हूं। आठ साल की उम्र में बॉक्सिंग कर रही हूं। पिता स्वर्गीय प्रेम कुमार भी आर्मी से सेवानिवृत्त थे और वह खुद भी बॉक्सर थे। खेल नर्सरी भी चलाकर महिला खिलाड़ियों की फौज तैयार कर हैं। - पूनम शर्मा, महिला भारतीय बॉक्सिंग टीम कोच।
दौड़, लंबी कूद में जीते पदक
अंबाला के कोंकपुर गांव निवासी पहली नर्सिंग ऑफिसर हूं और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लंबी कूद व 100 मीटर की दौड़ लगाती हूं। प्रदेशभर से इस श्रेणी में केवल मै ही भाग लेती है और पदकों की झड़ी लगा चुकी हैं। इसके अलावा तीन बच्चों की मां होने के साथ परिवार को संभालने के अलावा नियमित तौर पर अपनी ड्यूटी भी करती हूं - मनजीत, नर्सिंग ऑफिसर स्वास्थ्य विभाग।
पीड़ितों को दिला रहीं न्याय
वह विश्व मानवाधिकार परिषद से जुड़ी हूं। दहेज प्रथा, पीड़ित महिलाओं को न्याय, बुजुर्गों को न्याय दिलाने के लिए कार्य कर रही हूं। खिलौना बैंक चलाती हैं और फादर डे पर कूड़ा बीनने वाले बच्चों को खिलौने, पानी की बोतल, स्टेशनरी, छतरी भी देते हैं। दिव्यांग बच्चों का यूडीआईडी कार्ड बनवाने में सहयोग करते हैं। - पूजा गोयल, राष्ट्रीय महासचिव, विश्व मानवाधिकार परिषद।
मां के नाम पर फाउंडेशन शुरू किया
अपनी माता के नाम एक भगवती फाउंडेशन शुरू किया गया है। बच्चों को परीक्षा में अच्छे अंक आने पर सम्मानित करते हैं और पौधे लगाओ अभियान भी चलाते हैं। साथ ही जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क किताबें देते हैं। जरूरतमंदों को निशुल्क कानूनी व स्वास्थ्य सलाह देते हैं। - एडवोकेट डॉ. अमिता वर्मा, समाजसेवी।