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बिना अध्यापकों के स्कूलों में एडमिशन पर जोर
ब्यूरो /अमर उजाला, अंबाला
Updated Tue, 29 Mar 2016 01:16 AM IST
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एक तरफ तो शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन पर जोर दिया जा रहा है वहीं स्कूलों में खाली पड़े पदों पर विभाग का कोई ध्यान नहीं है। आलम यह है कि जिलेभर में शिक्षकों के कुल 2578 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में स्कूलों में बेहतर पढ़ाई की उम्मीद करना भी बेकार है। प्रदेश में शिक्षा का नया सत्र एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों में अधिक से अधिक एडमिशन कराने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन स्कूलों में अध्यापकों के ज्यादातर पद खाली हैं। वहीं, दूसरी ओर हाईकोर्ट ने भी 31 मार्च के बाद प्रदेश में लगे गेस्ट टीचरों को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक अध्यापकों के खाली पदों को नहीं भरा है। ऐसे में बिना अध्यापकों के स्कूलों में पढ़ाई कैसे होगी, इस बात को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं।
प्रदेश के राजकीय स्कूलों में उचित प्रबंधन और अध्यापकों की कमी वजह से लगातार शिक्षा स्तर में गिरावट आ रही है। जिले के 35 स्कूलों में तो बरसों से मुखिया के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा, जिले के ज्यादातर स्कूलों में साइंस, इंगलिश, गणित, फिजिक्स व केमेस्ट्री जैसे विषयों के भी अध्यापक नहीं है। बिना अध्यापकों के चल रहे स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई खराब हो रही है। इससे लोगों का भी सरकारी स्कूलों से मोहभंग होता जा रहा है। जिले के प्राइमरी स्कूलों में तो अध्यापकों केा न्यूनतम एडमिशन की शर्त का पूरा करने में भी परेशानी हो रही है। लेकिन सरकार व शिक्षा विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
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जिले के 73 स्कूलों में मुखिया के पद खाली
जिले के 168 सीनियर सेकेंडरी व हाईस्कूलों में करीब 35 स्कूलों में मुखिया के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में उन स्कूलों का चार्ज अन्य स्कूलों के मुखिया को दिया गया है या फिर उसी स्कूल के किसी अध्यापक को डीडी पावर दी गई है। बिना मुखिया के चल रही इन स्कूलों में प्रबंधन हालात कुछ ज्यादा बेहतर नहीं है।
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करीब 28 अध्यापकों के पद खाली
जिले के करीब 79 हाई स्कूल व 89 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में से 55 स्कूलों में गणित व 56 स्कूलों में साइंस व अंग्रेजी विषय के अध्यापक नहीं है। इससे भी ज्यादा बदतर हालात तो साइंस संकाय वाले स्कूलों में है। जहां पिछले कई वर्षों से फिजिक्स, केमेस्ट्री व बायोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अध्यापक न होने बावजूद भी बच्चों को ये विषय पढ़ाए जा रहे हैं।
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जिले के स्कूलों में अध्यापकों की स्थिति
अध्यापक पद रेगूलर खाली पद
जेबीटी 1875 1506 369
हैड टीचर 417 157 260
सी एंड वी टीचर 1196 740 456
मास्टर 1400 742 658
एलेमेंटरी हैड 285 185 100
लेक्चरर 1611 949 662
हेडमास्टर 85 40 45
प्रिंसिपल 86 58 28
कुल 6955 4374 2578
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वर्ष 2015 में स्कूलों मे एडमिट हुए छात्रों की संख्या
स्कूलों में बच्चों की संख्या लड़के लड़कियां कुल
पहली से पांचवीं 27340 27820 55160
5 से 8 तक 20330 20513 40843
9 से 12 तक 15718 16241 31954
कुल 63388 64554 127942
नोट: जिले में रेगुलर अध्यापकों के अलावा 819 गेस्ट टीचर भी कार्यरत हैं।
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वर्जन
सरकार द्वारा अध्यापकों के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरे जाने उम्मीद है। छात्रों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षाधिकारी करनाल।
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प्रदेश के राजकीय स्कूलों में उचित प्रबंधन और अध्यापकों की कमी वजह से लगातार शिक्षा स्तर में गिरावट आ रही है। जिले के 35 स्कूलों में तो बरसों से मुखिया के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा, जिले के ज्यादातर स्कूलों में साइंस, इंगलिश, गणित, फिजिक्स व केमेस्ट्री जैसे विषयों के भी अध्यापक नहीं है। बिना अध्यापकों के चल रहे स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई खराब हो रही है। इससे लोगों का भी सरकारी स्कूलों से मोहभंग होता जा रहा है। जिले के प्राइमरी स्कूलों में तो अध्यापकों केा न्यूनतम एडमिशन की शर्त का पूरा करने में भी परेशानी हो रही है। लेकिन सरकार व शिक्षा विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
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जिले के 73 स्कूलों में मुखिया के पद खाली
जिले के 168 सीनियर सेकेंडरी व हाईस्कूलों में करीब 35 स्कूलों में मुखिया के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में उन स्कूलों का चार्ज अन्य स्कूलों के मुखिया को दिया गया है या फिर उसी स्कूल के किसी अध्यापक को डीडी पावर दी गई है। बिना मुखिया के चल रही इन स्कूलों में प्रबंधन हालात कुछ ज्यादा बेहतर नहीं है।
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करीब 28 अध्यापकों के पद खाली
जिले के करीब 79 हाई स्कूल व 89 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में से 55 स्कूलों में गणित व 56 स्कूलों में साइंस व अंग्रेजी विषय के अध्यापक नहीं है। इससे भी ज्यादा बदतर हालात तो साइंस संकाय वाले स्कूलों में है। जहां पिछले कई वर्षों से फिजिक्स, केमेस्ट्री व बायोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अध्यापक न होने बावजूद भी बच्चों को ये विषय पढ़ाए जा रहे हैं।
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जिले के स्कूलों में अध्यापकों की स्थिति
अध्यापक पद रेगूलर खाली पद
जेबीटी 1875 1506 369
हैड टीचर 417 157 260
सी एंड वी टीचर 1196 740 456
मास्टर 1400 742 658
एलेमेंटरी हैड 285 185 100
लेक्चरर 1611 949 662
हेडमास्टर 85 40 45
प्रिंसिपल 86 58 28
कुल 6955 4374 2578
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वर्ष 2015 में स्कूलों मे एडमिट हुए छात्रों की संख्या
स्कूलों में बच्चों की संख्या लड़के लड़कियां कुल
पहली से पांचवीं 27340 27820 55160
5 से 8 तक 20330 20513 40843
9 से 12 तक 15718 16241 31954
कुल 63388 64554 127942
नोट: जिले में रेगुलर अध्यापकों के अलावा 819 गेस्ट टीचर भी कार्यरत हैं।
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वर्जन
सरकार द्वारा अध्यापकों के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरे जाने उम्मीद है। छात्रों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षाधिकारी करनाल।