फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Water in the fields and tears in the eyes

Ambala News: खेतों में पानी और आंखों में आंसू

Wed, 26 Jul 2023 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Wed, 26 Jul 2023 01:18 AM IST
विज्ञापन
Water in the fields and tears in the eyes
अंबाला सिटी। जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित डडियाना गांव में बाढ़ के हालात से अभी तक किसानोंं को निजात नहीं मिली है। हाल ऐसा है कि किसान अगर किसी बाहरी व्यक्ति को देख लें ताे उसे रोककर पूछते हैं कि नुकसान का आंकलन करने आए हैं क्या, किसी विभाग से है। किसान आंखों में आंसू लेकर लोगों को पानी से भरे खेतों का मुआयना कराते हैं।
विज्ञापन

किसान बताते हैं कि बाढ़ में उनके घर की एक-एक मंजिल डूब गई थी। उन्होंने कैसे खुद व परिवार को बचाया। सिर्फ दर्द यहीं पर कम नहीं होता है। किसान अपने खेतों की स्थिति दिखाते हुए कहते हैं कि अब एक सीजन तक कोई फसल नहीं हो सकती है किसानों ने बताया कि अभी तक पानी खेतों से निकला नहीं है।
विज्ञापन

गांव में मुनादी कराई जा रही है कि आगामी तीन दिनों में फिर से पानी छोड़ा जा सकता है। जिन खेतों में पानी भरा हुआ है, वहां पर धान की बिजाई की थी। बाढ़ का पानी निकल भी जाए तब भी एक सीजन तक वह खेती नहीं कर सकेंगे। क्योंकि धान की पछेती बिजाई का समय भी निकल चुका है। अगर वह कोई और फसल लगा लेते हैं तो उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में किसान इन्ही बातों को लेकर काफी परेशान हैं। किसानों को सरकार की तरफ से प्रति एकड़ 15000 रुपये बतौर मुआवजा देने की जानकारी अभी तक सामने आ रही है। इसके लिए किसान को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जानकारी अपलोड करनी होगी। इसके बाद अधिकारी सत्यापन करेंगे और तब जाकर उनके खातों में मुआवजा आएगा।



कोई खास मदद भी नहीं मिली

हमारे यहां बाढ़ ने सबसे अधिक नुकसान किया है। अभी तक कोई खास मदद भी नहीं मिली है। आगे घर को कैसे चलाएंगे इसके बारे में भी कुछ नहीं कर सकते हैं। गांव के किसानों का बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। - हरविंद सिंह किसान।




बाढ़ का पानी अभी तक गांव के खेतों में भरा है। इसका मुआवजा कैसे मिलेगा इसकी जानकारी भी हमें नहीं है। अब बता रहे हैं फिर पानी पहाड़ों से छोड़ा जाएगा, यह हमें चिंता में डाल रहा है। - नाथीराम, पूर्व सरपंच
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed