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Ambala News: वायरल फीवर का संक्रमण बढ़ा दो दिन में कम हो रहीं प्लेटलेट्स
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में मौसम के बदलते ही वायरल और फीवर का प्रकोप एक बार फिर तेज हो गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों बुखार और खांसी से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस बार के वायरल फीवर का सबसे खतरनाक लक्षण यह सामने आ रहा है कि मरीज को महज दो दिन बुखार रहने के बाद ही शरीर में प्लेटलेट्स का स्तर तेजी से नीचे गिरने लग रहा है, जिससे लोग दहशत में आ रहे हैं।
बीमारी की शुरुआत हल्की खांसी, गले में खराश और बदन दर्द के साथ होती है। इसके बाद अचानक तेज बुखार चढ़ता है। दो दिन बीतते-बीतते मरीजों की प्लेटलेट्स काफी कम हो जा रही हैं, जिससे उन्हें कमजोरी महसूस होने लगती है।
मॉडल टाउन के विकास कुमार ने बताया कि दो दिन पहले हल्का जुकाम और बुखार हुआ था। जब निजी अस्पताल में जांच कराई तो प्लेटलेट्स घटकर एक लाख हजार पर पहुंच गईं। डॉक्टर ने तुरंत भर्ती होने की सलाह दी थी। उनको अब आराम है।
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सेक्टर-11 के अशोक कुमार ने बताया कि उनको पहले हल्की खांसी हुई थी। वह इसे सामान्य समझता रहा लेकिन अगले ही दिन तेज बुखार हो गया। शरीर में जोड़ों में तेज दर्द होने लगा। सेक्टर-11 के ही एक अस्पताल में जांच कराई। उनको तीन दिन दवा खाने के बाद आराम हुआ है।
जिला नागरिक अस्पताल की फिजिशियन डॉ. जैसमीन ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। प्लेटलेट्स कम होना हर बार डेंगू ही नहीं होता, कई सामान्य वायरल इंफेक्शन में भी प्लेटलेट्स अस्थायी रूप से गिर जाती हैं। मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के कोई एंटीबायोटिक या पेनकिलर न लें। बुखार होने पर खूब पानी पिएं, आराम करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड टेस्ट कराएं।
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पानीपत। जिले में मौसम के बदलते ही वायरल और फीवर का प्रकोप एक बार फिर तेज हो गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों बुखार और खांसी से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस बार के वायरल फीवर का सबसे खतरनाक लक्षण यह सामने आ रहा है कि मरीज को महज दो दिन बुखार रहने के बाद ही शरीर में प्लेटलेट्स का स्तर तेजी से नीचे गिरने लग रहा है, जिससे लोग दहशत में आ रहे हैं।
बीमारी की शुरुआत हल्की खांसी, गले में खराश और बदन दर्द के साथ होती है। इसके बाद अचानक तेज बुखार चढ़ता है। दो दिन बीतते-बीतते मरीजों की प्लेटलेट्स काफी कम हो जा रही हैं, जिससे उन्हें कमजोरी महसूस होने लगती है।
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मॉडल टाउन के विकास कुमार ने बताया कि दो दिन पहले हल्का जुकाम और बुखार हुआ था। जब निजी अस्पताल में जांच कराई तो प्लेटलेट्स घटकर एक लाख हजार पर पहुंच गईं। डॉक्टर ने तुरंत भर्ती होने की सलाह दी थी। उनको अब आराम है।
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सेक्टर-11 के अशोक कुमार ने बताया कि उनको पहले हल्की खांसी हुई थी। वह इसे सामान्य समझता रहा लेकिन अगले ही दिन तेज बुखार हो गया। शरीर में जोड़ों में तेज दर्द होने लगा। सेक्टर-11 के ही एक अस्पताल में जांच कराई। उनको तीन दिन दवा खाने के बाद आराम हुआ है।
जिला नागरिक अस्पताल की फिजिशियन डॉ. जैसमीन ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। प्लेटलेट्स कम होना हर बार डेंगू ही नहीं होता, कई सामान्य वायरल इंफेक्शन में भी प्लेटलेट्स अस्थायी रूप से गिर जाती हैं। मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के कोई एंटीबायोटिक या पेनकिलर न लें। बुखार होने पर खूब पानी पिएं, आराम करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड टेस्ट कराएं।