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Ambala News: आचार संहिता के कारण रुका संपत्ति आईडी का सत्यापन
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अंबाला। नगर परिषद की ओर से संपत्ति आईडी को सत्यापित करने का कार्य बंद कर दिया है। मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद यह कार्य रोका गया है और इसका हवाला आचार संहिता दिया गया है।
कार्य को रोकने से पहले नगर परिषद सदर अंबाला छावनी ने 20 हजार के करीब संपत्ति की आईडी को सत्यापित कर दिया है। ऐसे में अभी भी 92 हजार के करीब संपत्तियां सत्यापन के लिए लंबित हैं। ऐसे में आचार संहिता हटते ही एक बार फिर नगर परिषद पर कार्य का दबाव बढ़ जाएगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह ने बताया कि संपत्ति आईडी को सत्यापित करने के लिए पहले वार्ड स्तर पर और फिर कार्यालय स्तर पर सहायता केंद्र खोले गए थे।
इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी संपत्ति करदाताओं को फोन करके आईडी को सत्यापित करने की जानकारी दे रहे थे। वहीं उनसे फोन के माध्यम से भी ओटीपी मांगे जा रहे थे जो लोग ओटीपी दे देते थे, उन्हें ऑनलाइन तरीके से ही सत्यापन की सुविधा प्रदान कर दी जाती थी और जो लोग मोबाइल पर आए ओटीपी की जानकारी नहीं देते थे, उन्हें नप कार्यालय आने का आग्रह किया जाता था और उनके कार्यालय आने के बाद संपत्ति आईडी को सत्यापित कर दिया जाता था।
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उन्होंने बताया कि संपत्ति आईडी को सत्यापित करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी है। इस सुविधा से दुकान, मकान व जमीन की रजिस्ट्री के दौरान होने वाली धोखाधड़ी पूर्णतौर पर बंद हो जाएगी। जब भी कोई संपत्ति आईडी से छेड़छाड़ करेगा तो इसका संदेश संपत्ति मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आएगा और वो सतर्क हो जाएगा। ऐसे में दस्तावेजों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।
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कार्य को रोकने से पहले नगर परिषद सदर अंबाला छावनी ने 20 हजार के करीब संपत्ति की आईडी को सत्यापित कर दिया है। ऐसे में अभी भी 92 हजार के करीब संपत्तियां सत्यापन के लिए लंबित हैं। ऐसे में आचार संहिता हटते ही एक बार फिर नगर परिषद पर कार्य का दबाव बढ़ जाएगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह ने बताया कि संपत्ति आईडी को सत्यापित करने के लिए पहले वार्ड स्तर पर और फिर कार्यालय स्तर पर सहायता केंद्र खोले गए थे।
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इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी संपत्ति करदाताओं को फोन करके आईडी को सत्यापित करने की जानकारी दे रहे थे। वहीं उनसे फोन के माध्यम से भी ओटीपी मांगे जा रहे थे जो लोग ओटीपी दे देते थे, उन्हें ऑनलाइन तरीके से ही सत्यापन की सुविधा प्रदान कर दी जाती थी और जो लोग मोबाइल पर आए ओटीपी की जानकारी नहीं देते थे, उन्हें नप कार्यालय आने का आग्रह किया जाता था और उनके कार्यालय आने के बाद संपत्ति आईडी को सत्यापित कर दिया जाता था।
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उन्होंने बताया कि संपत्ति आईडी को सत्यापित करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी है। इस सुविधा से दुकान, मकान व जमीन की रजिस्ट्री के दौरान होने वाली धोखाधड़ी पूर्णतौर पर बंद हो जाएगी। जब भी कोई संपत्ति आईडी से छेड़छाड़ करेगा तो इसका संदेश संपत्ति मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आएगा और वो सतर्क हो जाएगा। ऐसे में दस्तावेजों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।