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Ambala News: मांगों के समर्थन में आशा वर्करों का हंगामा
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अंबाला सिटी। सिविल सर्जन कार्यालय में वीरवार दोपहर को आशा वर्करों ने मांगों को लेकर जमकर हंगामा किया। वर्करों ने सीएमओ पर धमकाने, ज्ञापन न लेने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर पुलिस बुलाने के आरोप लगाए। बाद में पुलिस द्वारा मध्यस्थता करते हुए डिप्टी सिविल सर्जन की चार सदस्यों की टीम बनाकर आशा वर्करों का ज्ञापन लिया गया।
टीम ने भी आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को दबाने के प्रयास किए गए। वर्करों ने अधिकारियों के इस व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तो 12 जून को पूरे प्रदेश की तमाम सीएचसी में आशा वर्कर धरना प्रदर्शन करेंगी। साथ ही 10 जुलाई को पूरे प्रदेश में जिला सिविल सर्जन कार्यालय पर बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे व आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। आंदोलन का संचालन जिला सचिव सरबजीत ने किया।
ये हैं मांगे
जिला प्रधान कविता मिर्ची ने कहा कि जिला प्रशासन आशा वर्कर से अलग-अलग तरह के कार्यों का दबाव बना रहा है। उन्हें कार्य से हटाने की धमकी दी जा रही हे। आशा वर्कर को गांव में नशा करने वाले लोगों की लिस्ट बनाने के आदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए जा रहे हैं। इसके अलावा निरोगी हरियाणा कार्यक्रम के तहत आशा वर्करों पर गांव में कैंप में ड्यूटी कराने, ऑनलाइन काम करने, नियमित गतिविधियों का रिकॉर्ड मेंटेन करने, स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही तमाम तरह की स्वास्थ्य सुधारक कार्यक्रमों को धरातल पर लागू करवाने का काम करवाया जा रहा है।
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हमारी मीटिंग चल रही थी, इसी दौरान आशा वर्करों ने बिना पूर्व सूचना के प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब इस संबंध में आशा वर्करों से बात करनी चाही तो कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ बुरा व्यवहार किया। इस कारण पुलिस को सूचित किया गया। वहीं बाद में ज्ञापन लिया है।
- डॉ. सुखप्रीत सिंह, अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
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टीम ने भी आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को दबाने के प्रयास किए गए। वर्करों ने अधिकारियों के इस व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तो 12 जून को पूरे प्रदेश की तमाम सीएचसी में आशा वर्कर धरना प्रदर्शन करेंगी। साथ ही 10 जुलाई को पूरे प्रदेश में जिला सिविल सर्जन कार्यालय पर बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे व आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। आंदोलन का संचालन जिला सचिव सरबजीत ने किया।
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ये हैं मांगे
जिला प्रधान कविता मिर्ची ने कहा कि जिला प्रशासन आशा वर्कर से अलग-अलग तरह के कार्यों का दबाव बना रहा है। उन्हें कार्य से हटाने की धमकी दी जा रही हे। आशा वर्कर को गांव में नशा करने वाले लोगों की लिस्ट बनाने के आदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए जा रहे हैं। इसके अलावा निरोगी हरियाणा कार्यक्रम के तहत आशा वर्करों पर गांव में कैंप में ड्यूटी कराने, ऑनलाइन काम करने, नियमित गतिविधियों का रिकॉर्ड मेंटेन करने, स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही तमाम तरह की स्वास्थ्य सुधारक कार्यक्रमों को धरातल पर लागू करवाने का काम करवाया जा रहा है।
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हमारी मीटिंग चल रही थी, इसी दौरान आशा वर्करों ने बिना पूर्व सूचना के प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब इस संबंध में आशा वर्करों से बात करनी चाही तो कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ बुरा व्यवहार किया। इस कारण पुलिस को सूचित किया गया। वहीं बाद में ज्ञापन लिया है।
- डॉ. सुखप्रीत सिंह, अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।