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Ambala News: हाईवे पर छह माह से बंद पड़ीं हैं तिरंगा लाइटें
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अंबाला। जिले को सुंदर बनाने के लिए अंबाला कैंट और अंंबाला शहर मेंं तिरंगा लाइटें लगाई गईं थी। अंबाला कैंट के प्रमुख बाजार और अंबाला जगाधरी राजमार्ग पर पिछले छह माह से ये तिरंगा लाइटें बंद पड़ी है।
वहीं कुछ एक खंभों पर आधी जल रही हैं। इसी प्रकार अंबाला सिटी में जंंडली चौक से पॉलीटेक्निक चौक तक कई खंभों पर तिरंगा लाइटें बंद हैं। इन लाइटों को खरीदकर ठेकेदार के माध्यम से लगाया गया था। अब इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इनमें से अधिकांश लाइटें चाइनीज हैं। जिससे इनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। वहीं ठेका देते समय लाइटों की गुणवत्ता को सुनिश्चित नहीं किया गया।
यही कारण है कि तिरंगा लाइटें लगने के बाद से ही इनमें शिकायतें आने लगी थी। अंबाला जगाधरी राजमार्ग व अंबाला कैंट के बाजारों में एक दो बार तो ठेकेदार ने इन्हें सही करने का प्रयास किया मगर अब दोबारा से लाइटें खराब हो चुकी हैं। नगर परिषद के अधिकारियों का तर्क है कि चीन में निर्मित होने के कारण् लाइटें अधिक दिन तक नहीं चलती हैं। अब जब लाइटों को चलने की समय सीमा नहीं है तो यह भी नहीं कहा जा सकता है कि कब तक यह चलेंगी। रखरखाव के अभाव भी लाइटों को लेकर दिक्कत पैदा कर रहा है। जहां एक तरफ नगर परिषद हाथ पर हाथ रखकर बैठा है तो दूसरी तरफ लाइटों को लगाने वाले भी ठेकेदार भी इसको लेकर शांत बैठे हैं। ब्यूरो
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वहीं कुछ एक खंभों पर आधी जल रही हैं। इसी प्रकार अंबाला सिटी में जंंडली चौक से पॉलीटेक्निक चौक तक कई खंभों पर तिरंगा लाइटें बंद हैं। इन लाइटों को खरीदकर ठेकेदार के माध्यम से लगाया गया था। अब इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इनमें से अधिकांश लाइटें चाइनीज हैं। जिससे इनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। वहीं ठेका देते समय लाइटों की गुणवत्ता को सुनिश्चित नहीं किया गया।
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यही कारण है कि तिरंगा लाइटें लगने के बाद से ही इनमें शिकायतें आने लगी थी। अंबाला जगाधरी राजमार्ग व अंबाला कैंट के बाजारों में एक दो बार तो ठेकेदार ने इन्हें सही करने का प्रयास किया मगर अब दोबारा से लाइटें खराब हो चुकी हैं। नगर परिषद के अधिकारियों का तर्क है कि चीन में निर्मित होने के कारण् लाइटें अधिक दिन तक नहीं चलती हैं। अब जब लाइटों को चलने की समय सीमा नहीं है तो यह भी नहीं कहा जा सकता है कि कब तक यह चलेंगी। रखरखाव के अभाव भी लाइटों को लेकर दिक्कत पैदा कर रहा है। जहां एक तरफ नगर परिषद हाथ पर हाथ रखकर बैठा है तो दूसरी तरफ लाइटों को लगाने वाले भी ठेकेदार भी इसको लेकर शांत बैठे हैं। ब्यूरो
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