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Ambala News: आसमान से बरसी मूसलाधार बारिश, क्षेत्र में तबाही का मंजर
Thu, 04 Sep 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 04 Sep 2025 12:57 AM IST
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मुलाना में कालपी फ्लाईओवर के नजदीक नेशनल हाईवे की एक तरफ जलभराव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। मंगलवार की देर रात आसमान से बरसी मूसलाधार बारिश ने क्षेत्र में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। तेज बरसात ने जहां सड़कों और कॉलोनियों को तालाब बना दिया, वहीं खेत-खलिहानों में खड़ी फसलें भी पानी में डूब गईं। देर रात से सुबह तक जारी बारिश ने लोगों के सामान्य जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। सबसे ज्यादा हालात दोसड़का, कालपी फ्लाईओवर, एमएम यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिगड़े।
सर्विस लेन जलमग्न
दोसड़का में बारिश का पानी नेशनल हाईवे-344 और दोनों ओर की सर्विस लेन तक फैल गया। सर्विस लेन पर इतना पानी जमा हो गया कि वहां से गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया। दुकानों के आगे भरे पानी ने व्यापारियों की दिनभर की कमाई पर पानी फेर दिया। दुकानदारों को अपने सामान को सुरक्षित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। आसपास की कॉलोनियों में भी पानी घुसने से लोगों के घरों में गंदगी और नमी फैल गई। स्थानीय लोग रातभर पानी निकालने में लगे रहे, मगर सुबह तक भी स्थिति जस की तस रही।
कालपी फ्लाईओवर के पास बंद यातायात
बेगना नदी के उफान और लगातार बारिश के कारण कालपी फ्लाईओवर से आगे हाईवे पर भारी जलभराव हो गया। पानी इतना गहरा हो गया कि प्रशासन को मजबूरन एहतियातन कदम उठाने पड़े और फ्लाईओवर के नीचे से लेकर ब्राह्मण माजरा कट तक का यातायात बंद कर दिया गया। वाहन चालकों को काफी दूरी तक घूमकर दूसरी साइड से गुजरना पड़ा। हालांकि फ्लाईओवर की दूसरी ओर से दोनों तरफ का ट्रैफिक चालू रहा।
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सढ़ौरा-दोसड़का मार्ग डूबा
सढ़ौरा-दोसड़का राज्य मार्ग पर डुलियानी गांव से आगे सड़क पर पानी जमा हो गया। वाहनों को धीरे-धीरे निकलना पड़ा और जगह-जगह जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की भयावह तस्वीर उन्होंने पिछले साल 2023 की बारिश में देखी थी, लेकिन इस बार पानी की मात्रा और अधिक है।
एमएम यूनिवर्सिटी में पहुंचा पानी
बारिश का असर मुलाना की एमएम यूनिवर्सिटी पर भी देखने को मिला। यूनिवर्सिटी तक जाने वाला मार्ग तो पहले से ही कई दिनों से पानी से भरा हुआ था, लेकिन मंगलवार रात की बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए। यूनिवर्सिटी के पार्क, अस्पताल जाने वाले रास्तों और हॉस्टल क्षेत्रों में कई फीट तक पानी भर गया। छात्र-छात्राएं और स्टाफ सदस्य घुटनों तक पानी से गुजरते नजर आए।
खेतों में तबाही,किसानों पर संकट
बरसात और नदियों के उफान ने क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सरदेहड़ी, जफरपुर, अल्यासपुर, शेरपुर, सुलखनी, सैहला, हेमामाजरा, ब्राह्मण माजरा, टमनौली, गोली, नहौनी, टंगैल सहित दर्जनों गांवों में धान और अन्य खरीफ फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। लगातार खड़े पानी ने फसलों को सड़ा दिया है। किसानों का कहना है कि अब पूरी फसल बचाना मुश्किल होगा, इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
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स्कूल की दीवार ढही, बाल-बाल बचे लोग
लगातार हो रही बरसात से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौरा की चारदीवारी भी ढह गई। दीवार सीधे गली में गिरी। गनीमत यह रही कि हादसे के समय वहां कोई राहगीर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद लोगों में दहशत फैल गई और बच्चों के अभिभावक स्कूल की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
प्रशासन अलर्ट
लगातार हो रही बरसात और जलभराव की शिकायतों के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। कालपी फ्लाईओवर क्षेत्र में यातायात को डायवर्ट किया गया और ग्रामीण इलाकों में राहत टीमों को भेजा गया। किसानों को नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं, वहीं स्थानीय लोग प्रशासन से नालों की सफाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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मुलाना। मंगलवार की देर रात आसमान से बरसी मूसलाधार बारिश ने क्षेत्र में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। तेज बरसात ने जहां सड़कों और कॉलोनियों को तालाब बना दिया, वहीं खेत-खलिहानों में खड़ी फसलें भी पानी में डूब गईं। देर रात से सुबह तक जारी बारिश ने लोगों के सामान्य जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। सबसे ज्यादा हालात दोसड़का, कालपी फ्लाईओवर, एमएम यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिगड़े।
सर्विस लेन जलमग्न
दोसड़का में बारिश का पानी नेशनल हाईवे-344 और दोनों ओर की सर्विस लेन तक फैल गया। सर्विस लेन पर इतना पानी जमा हो गया कि वहां से गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया। दुकानों के आगे भरे पानी ने व्यापारियों की दिनभर की कमाई पर पानी फेर दिया। दुकानदारों को अपने सामान को सुरक्षित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। आसपास की कॉलोनियों में भी पानी घुसने से लोगों के घरों में गंदगी और नमी फैल गई। स्थानीय लोग रातभर पानी निकालने में लगे रहे, मगर सुबह तक भी स्थिति जस की तस रही।
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कालपी फ्लाईओवर के पास बंद यातायात
बेगना नदी के उफान और लगातार बारिश के कारण कालपी फ्लाईओवर से आगे हाईवे पर भारी जलभराव हो गया। पानी इतना गहरा हो गया कि प्रशासन को मजबूरन एहतियातन कदम उठाने पड़े और फ्लाईओवर के नीचे से लेकर ब्राह्मण माजरा कट तक का यातायात बंद कर दिया गया। वाहन चालकों को काफी दूरी तक घूमकर दूसरी साइड से गुजरना पड़ा। हालांकि फ्लाईओवर की दूसरी ओर से दोनों तरफ का ट्रैफिक चालू रहा।
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सढ़ौरा-दोसड़का मार्ग डूबा
सढ़ौरा-दोसड़का राज्य मार्ग पर डुलियानी गांव से आगे सड़क पर पानी जमा हो गया। वाहनों को धीरे-धीरे निकलना पड़ा और जगह-जगह जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की भयावह तस्वीर उन्होंने पिछले साल 2023 की बारिश में देखी थी, लेकिन इस बार पानी की मात्रा और अधिक है।
एमएम यूनिवर्सिटी में पहुंचा पानी
बारिश का असर मुलाना की एमएम यूनिवर्सिटी पर भी देखने को मिला। यूनिवर्सिटी तक जाने वाला मार्ग तो पहले से ही कई दिनों से पानी से भरा हुआ था, लेकिन मंगलवार रात की बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए। यूनिवर्सिटी के पार्क, अस्पताल जाने वाले रास्तों और हॉस्टल क्षेत्रों में कई फीट तक पानी भर गया। छात्र-छात्राएं और स्टाफ सदस्य घुटनों तक पानी से गुजरते नजर आए।
खेतों में तबाही,किसानों पर संकट
बरसात और नदियों के उफान ने क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सरदेहड़ी, जफरपुर, अल्यासपुर, शेरपुर, सुलखनी, सैहला, हेमामाजरा, ब्राह्मण माजरा, टमनौली, गोली, नहौनी, टंगैल सहित दर्जनों गांवों में धान और अन्य खरीफ फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। लगातार खड़े पानी ने फसलों को सड़ा दिया है। किसानों का कहना है कि अब पूरी फसल बचाना मुश्किल होगा, इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
स्कूल की दीवार ढही, बाल-बाल बचे लोग
लगातार हो रही बरसात से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौरा की चारदीवारी भी ढह गई। दीवार सीधे गली में गिरी। गनीमत यह रही कि हादसे के समय वहां कोई राहगीर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद लोगों में दहशत फैल गई और बच्चों के अभिभावक स्कूल की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
प्रशासन अलर्ट
लगातार हो रही बरसात और जलभराव की शिकायतों के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। कालपी फ्लाईओवर क्षेत्र में यातायात को डायवर्ट किया गया और ग्रामीण इलाकों में राहत टीमों को भेजा गया। किसानों को नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं, वहीं स्थानीय लोग प्रशासन से नालों की सफाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

मुलाना में कालपी फ्लाईओवर के नजदीक नेशनल हाईवे की एक तरफ जलभराव। संवाद

मुलाना में कालपी फ्लाईओवर के नजदीक नेशनल हाईवे की एक तरफ जलभराव। संवाद

मुलाना में कालपी फ्लाईओवर के नजदीक नेशनल हाईवे की एक तरफ जलभराव। संवाद

मुलाना में कालपी फ्लाईओवर के नजदीक नेशनल हाईवे की एक तरफ जलभराव। संवाद