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Ambala News: शाहबाद के शराब कारोबारी शांतनु की हत्या के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
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अंबाला। कुरुक्षेत्र के शाहबाद में हुई शराब कारोबारी शांतनु की हत्या के मामले में वीरवार को एसटीएफ अंबाला और करनाल की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में मुख्य शूटर करनाल के इंद्री स्थित गांव खानपुर निवासी सुजल समेत बराड़ा के अकालगढ़ निवासी बलजिंद्र सिंह उर्फ मंगू व शाहबाद के मोहल्ला खतरवाडा निवासी शुभम खुराना भी शामिल हैं। इन्हें शाहबाद और इंद्री से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले के तार यमुनानगर जेल से जुड़े हुए मिले हैं।
एसटीएफ अंबाला के डीएसपी अमन कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में पूरा मामला शराब के कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई के लिए दिखाई दे रहा है। तीनों आरोपियों का सुबह अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराया गया। दोपहर को उन्हें कोर्ट में पेश कर एसटीएफ ने 10 दिन का रिमांड मांगा था लेकिन छह दिन का रिमांड मिला है। डीएसपी ने आशंका जताई है कि इस हत्याकांड की साजिश यमुनानगर जेल में रची गई हो। इन आरोपियों से कुछ लोग जेल से संपर्क में थे। इसीलिए यमुनानगर की जेल से हिस्ट्रीशीटर जंधेड़ी निवासी राजन को पूछताछ के लिए लाया गया हैं। उससे पूछा जाएगा कि इस हत्याकांड का असल मास्टरमाइंड कौन है। बताया जाता है कि राजन लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करता है। इस पर हत्या, हत्या का प्रयास सहित कई संगीन अपराधों के आरोप हैं। डीएसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी गैंग का नाम सामने नहीं आया है। अब रिमांड पर पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। ब्यूरो
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19 साल के सुजल ने चलाईं थी गोलियां, भागते समय लगी थी चोट
डीएसपी अमन कुमार ने बताया कि 19 वर्षीय शूटर सुजल मुख्य शूटरों में से एक है। उसकी यह पहली वारदात है। जब यह घटना स्थल से बाइक से भागने का प्रयास कर रहा था तो शराब कारोबारी शांतनु के ड्राइवर ने अपनी गाड़ी से इसकी बाइक में टक्कर मारी थी। जिससे यह गिर गया था और उसके हाथ पर चोट लगी है। इन हत्यारोपियों के पास 9 एमएम बोर की पिस्टल थी। वहीं दूसरे आरोपी बलजिंद्र और शुभम खुराना ने कारोबारी की रेकी करने का काम किया था। इसमें बलजिंद्र पर यमुनानगर के थाना छप्पर व बराड़ा में धोखाधड़ी व एक्साइज एक्ट के दो केस दर्ज हैं। वहीं शुभम पर थाना यमुनानगर में हत्या का प्रयास आर्म्स एक्ट का केस और कुरुक्षेत्र के शाहबाद में तीन एक्साइज एक्ट के मामले दर्ज हैं। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया है कि हत्याकांड के आरोपी शराब के कारोबार से जुड़े हुए थे।
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नहीं दी थी कारोबारी को धमकी
इंस्पेक्टर प्रतीक कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कारोबारी को किसी तरह से धमकी नहीं थी। उनकी अपने क्षेत्र में शराब के कारोबार पर नजर थी। इनमें दो बदमाशों को कुरुक्षेत्र के शाहबाद से गिरफ्तार किया है तो दूसरे को इंद्री से गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीक की मदद ली गई।
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रिमांड के दौरान इन प्रश्नों के जवाब तलाशेगी एसटीएफ
एसटीएफ के सामने अभी पूरे मामले का पटाक्षेप करने की चुनौती है। आरोपियों से रिमांड के दौरान पता किया जाएगा कि मुख्य तौर पर हत्याकांड में अभी तक मुख्य साजिशकर्ता कौन थे, उन्होंने हत्याकांड से पहले सचेत क्यों नहीं किया। किन गाड़ियों पर आरोपियों ने रैकी की, जिनमें बोलेरो, बाइक व एक स्कूटी शामिल उसकी बरामदगी करनी है। इसके साथ ही जिस बाइक पर आरोपी भागे थे उसकी बरामदगी की जाएगी। पूरे घटनाक्रम में जहां-जहां आरोपी गए उसकाे चिन्हित किया जाएगा। इसके साथ ही हत्या में प्रयोग किए गई पिस्टल कहां से आई और उसे भी बरामद किया जाएगा।
10वीं के बाद शराब के ठेकों पर करने लगा था काम
बराड़ा के अकालगढ़ का निवासी बलजिंद्र सिंह 10वीं पास है। ग्रामीणों ने बताया कि 10वीं करने के बाद ही वर्ष 2017 के बाद से वह शराब के ठेकों पर काम करने लगा था। कुरुक्षेत्र में जाकर भी काम करता था। कभी शराब के ठेकों पर कारिंदे का काम करता तो कभी शराब के गोदामों पर माल सप्लाई करने का काम करता था। गांव से सुबह निकलता और देर रात्रि को ही घर में दाखिल होता। पिता गुरमीत सिंह एक साल पहले प्राइवेट स्कूल में बस चलाते थे। अब अधरंग के शिकार हैं और एक साल से घर पर ही हैं। बलजिंद्र के घर पर पत्नी और दो बेटे हैं।
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एसटीएफ अंबाला के डीएसपी अमन कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में पूरा मामला शराब के कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई के लिए दिखाई दे रहा है। तीनों आरोपियों का सुबह अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराया गया। दोपहर को उन्हें कोर्ट में पेश कर एसटीएफ ने 10 दिन का रिमांड मांगा था लेकिन छह दिन का रिमांड मिला है। डीएसपी ने आशंका जताई है कि इस हत्याकांड की साजिश यमुनानगर जेल में रची गई हो। इन आरोपियों से कुछ लोग जेल से संपर्क में थे। इसीलिए यमुनानगर की जेल से हिस्ट्रीशीटर जंधेड़ी निवासी राजन को पूछताछ के लिए लाया गया हैं। उससे पूछा जाएगा कि इस हत्याकांड का असल मास्टरमाइंड कौन है। बताया जाता है कि राजन लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करता है। इस पर हत्या, हत्या का प्रयास सहित कई संगीन अपराधों के आरोप हैं। डीएसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी गैंग का नाम सामने नहीं आया है। अब रिमांड पर पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। ब्यूरो
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19 साल के सुजल ने चलाईं थी गोलियां, भागते समय लगी थी चोट
डीएसपी अमन कुमार ने बताया कि 19 वर्षीय शूटर सुजल मुख्य शूटरों में से एक है। उसकी यह पहली वारदात है। जब यह घटना स्थल से बाइक से भागने का प्रयास कर रहा था तो शराब कारोबारी शांतनु के ड्राइवर ने अपनी गाड़ी से इसकी बाइक में टक्कर मारी थी। जिससे यह गिर गया था और उसके हाथ पर चोट लगी है। इन हत्यारोपियों के पास 9 एमएम बोर की पिस्टल थी। वहीं दूसरे आरोपी बलजिंद्र और शुभम खुराना ने कारोबारी की रेकी करने का काम किया था। इसमें बलजिंद्र पर यमुनानगर के थाना छप्पर व बराड़ा में धोखाधड़ी व एक्साइज एक्ट के दो केस दर्ज हैं। वहीं शुभम पर थाना यमुनानगर में हत्या का प्रयास आर्म्स एक्ट का केस और कुरुक्षेत्र के शाहबाद में तीन एक्साइज एक्ट के मामले दर्ज हैं। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया है कि हत्याकांड के आरोपी शराब के कारोबार से जुड़े हुए थे।
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नहीं दी थी कारोबारी को धमकी
इंस्पेक्टर प्रतीक कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कारोबारी को किसी तरह से धमकी नहीं थी। उनकी अपने क्षेत्र में शराब के कारोबार पर नजर थी। इनमें दो बदमाशों को कुरुक्षेत्र के शाहबाद से गिरफ्तार किया है तो दूसरे को इंद्री से गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीक की मदद ली गई।
रिमांड के दौरान इन प्रश्नों के जवाब तलाशेगी एसटीएफ
एसटीएफ के सामने अभी पूरे मामले का पटाक्षेप करने की चुनौती है। आरोपियों से रिमांड के दौरान पता किया जाएगा कि मुख्य तौर पर हत्याकांड में अभी तक मुख्य साजिशकर्ता कौन थे, उन्होंने हत्याकांड से पहले सचेत क्यों नहीं किया। किन गाड़ियों पर आरोपियों ने रैकी की, जिनमें बोलेरो, बाइक व एक स्कूटी शामिल उसकी बरामदगी करनी है। इसके साथ ही जिस बाइक पर आरोपी भागे थे उसकी बरामदगी की जाएगी। पूरे घटनाक्रम में जहां-जहां आरोपी गए उसकाे चिन्हित किया जाएगा। इसके साथ ही हत्या में प्रयोग किए गई पिस्टल कहां से आई और उसे भी बरामद किया जाएगा।
10वीं के बाद शराब के ठेकों पर करने लगा था काम
बराड़ा के अकालगढ़ का निवासी बलजिंद्र सिंह 10वीं पास है। ग्रामीणों ने बताया कि 10वीं करने के बाद ही वर्ष 2017 के बाद से वह शराब के ठेकों पर काम करने लगा था। कुरुक्षेत्र में जाकर भी काम करता था। कभी शराब के ठेकों पर कारिंदे का काम करता तो कभी शराब के गोदामों पर माल सप्लाई करने का काम करता था। गांव से सुबह निकलता और देर रात्रि को ही घर में दाखिल होता। पिता गुरमीत सिंह एक साल पहले प्राइवेट स्कूल में बस चलाते थे। अब अधरंग के शिकार हैं और एक साल से घर पर ही हैं। बलजिंद्र के घर पर पत्नी और दो बेटे हैं।