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Ambala News: टांगरी में पहाड़ों से आए पानी ने बढ़ाई क्षेत्रवासियों की धड़कनें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2024 07:16 AM IST
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The water coming from the mountains in Tangri increased the heartbeats of the area residents.
अंबाला। टांगरी नदी में पहाड़ों से आए पानी ने एक बार फिर क्षेत्रवासियों की धड़कनें बढ़ा दी है। उन्हें पिछले वर्ष की तरह तबाही का भय सता रहा है। यही कारण है कि शुक्रवार को रामपुर गांव वासियों सहित आसपास बसी विकासपुरी, आजाद नगर, अर्जुन नगर, इंदिरा कॉलोनी, कमल नगर के लाग नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को आपबीती बता मदद की गुहार लगाई।
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बाढ़ की त्रासदी की भरपाई आज तक नहीं हो पाई है। अब एकबार फिर बाढ़ का खतरा सता रहा है। इससे पहले सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन बाढ़ की रोकथाम व पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध नहीं किए गए। इस संबंध में 25 जून को समाधान शिविर में भी क्षेत्रवासियों ने समस्या रखी पर समाधान नहीं हुआ। नगर परिषद में भी दो घंटे इंतजार के बाद कार्यकारी अभियंता से पीड़ितों की मुलाकात हुई, लेकिन कार्रवाई के लिए कोई ठोस आश्वासन भी नहीं मिला।
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नगर परिषद पहुंचे स्थानीय निवासी सतपाल वर्मा, कमलकांत शर्मा, कमलदीप राणा, रामचंद्र सैनी, राहुल पांडे, सुभाष सैनी, सुखवंत सैनी आदि ने बताया कि उनके क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। पिछले साल भी उन्होंने अपनी आंखों से मौत का मंजर देखा था जो कि टांगरी में पानी आते ही याद आ जाता है। बारिश के पानी की निकासी के लिए समाधान शिविर में 25 जून को उपायुक्त कार्यालय में पत्र दिया था, इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पिछली बाढ़ के दौरान कहा गया था कि हरमन सिटी सड़क को तीन फीट ऊंचा करके ओमला नदी का बारिश का पानी डाला जाएगा, वहीं विकासपुरी से नौ फीट डाया के आरसीसी होम पाइप डीएवी स्कूल के आगे से टांगरी नदी में पानी के बहाव के लिए डाले जाएंगे। इसी प्रकार कुछ अन्य योजनाओं के सुझाव दिए गए थे जो कि आज तक धरातल पर नहीं उतर सके।
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स्थानीय निवासियों ने बताया कि सरकार, प्रशासन व नगर परिषद से मदद की अब उन्हें उम्मीद नहीं है, इसलिए उन्होंंने बाढ़ के पानी की रोकथाम के लिए खुद ही प्रबंध किए हैं। इसके तहत वो घरों के आसपास उन स्थानों पर दीवारें बना रहे हैं, जहां से पिछली बार बाढ़ का पानी घरों में घुस गया था। इसके लिए लोग अपने घरों के गेट को बंद करके अस्थायी रास्ते का भी प्रबंध कर रहे हैं।


बाढ़ के पानी की निकासी को लेकर कुछ लोग मिले थे। उनकी समस्या सुनी गई है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी ताकि समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो। इसमें सिंचाई विभाग का भी काम है जो कि प्रशासनिक स्तर पर ही पूरा हो सकता है।
- मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।

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