{"_id":"6568e0c7a3182ccd800769e4","slug":"the-test-inspection-vehicle-prepared-on-the-lines-of-vande-bharat-will-become-the-special-identity-of-ambala-division-ambala-news-c-36-1-amb1001-14534-2023-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: वंदे भारत की तर्ज पर तैयार परख निरीक्षण यान बनेगा अंबाला मंडल की विशेष पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: वंदे भारत की तर्ज पर तैयार परख निरीक्षण यान बनेगा अंबाला मंडल की विशेष पहचान
विज्ञापन
हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। वंदे भारत की तर्ज पर तैयार किया गया परख निरीक्षण यान अंबाला रेल मंडल की एक विशेष पहचान होगा। इसे चेन्नई के पैरामबुर स्थित इंटेग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने बनाया है जोकि आधुनिक प्रकार की सभी जरूरी सुविधाओं से लैस है। इस पर लगभग 4.65 करोड़ रुपये खर्च आया है।
इस निरीक्षण यान की मदद से महाप्रबंधक सहित मंडल रेल प्रबंधक रेलवे सेक्शन, रेल लाइनों और स्टेशनों का निरीक्षण कर सकेंगे। इसके लिए ज्यादा कर्मचारियों व अन्य सामान को साथ ले जाने की जरूरत नहीं होगी। सेल्फ प्रोपेल्ड लोको समाहित यानी स्वचलित निरीक्षण यान को परख का नाम दिया गया है। पूरे भारत में 41 यान अलग-अलग मंडलों में दिए गए हैं।
इसमें इंजन और बोगी एक ही है। इसे चलाने के लिए अलग से इंजन की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह डीजल से संचालित यान है। इसमें लगा पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक है। इसे चलाने के लिए केवल एक चालक की आवश्यकता पड़ेगी। इसमें गार्ड या अन्य तकनीकी स्टाफ की ड्यूटी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका डिजाइन इतना बढि़या है कि अंदर बैठे-बैठे हर सेक्शन की विंडो जांच बड़ी आसानी से हो सकेगी।
विज्ञापन
परख का पूरा ढांचा वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसके अंदर कुल 34 सीटे हैं। इसमें दो सीटें चालक के लिए हैं। वहीं एक केबिन में छह और दूसरे बड़े केबिन में 26 सीटें हैं। इसकी गति 105 किमी प्रति घंटा है। निरीक्षण यान में एक छोटा बेड रूम, रसोई और शौचालय है।
निरीक्षण यान की क्षमता 350 हार्सपावर की है। इसमें लगे ईंधन टैंक की क्षमता 1500 लीटर है। इसमें डेड मैन हैंडल सिस्टम लगा हुआ है। निष्क्रिय स्थिति में लुढ़कने से रोकने के लिए पार्किंग ब्रेक की सुविधा। एयर सस्पेंशन सिस्टम के साथ सेकेंडरी सस्पेंशन, एलईडी हेड लाइट, मार्कर लाइट, टेल लैंप, एफओजी लाइट और फ्लैशर लाइट, सात टन की क्षमता वाला ऑटो एसी, चार एलईडी डिस्प्ले, दो सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल स्टैंड के दोनों तरफ एक अतिरिक्त छोटा डिस्प्ले सिस्टम लगाया गया है। इसमें घोषणा प्रणाली भी उपलब्ध है। निरीक्षण यान के अंदर बैठे ही डीआरएम बाहर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दे सकते हैं।
रेल सेक्शनों, पटरियों व स्टेशन आदि के निरीक्षण लगातार होते रहते हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी साथ रहते थे। इस दौरान रेल इंजन व कोच की भी आवश्यकता होती थी जोकि अब निरीक्षण यान परख के आने से खत्म हो जाएगी। इस निरीक्षण यान में ऐसी सुविधाएं हैं जो आज के समय की जरूरत है।
-मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला।
विज्ञापन
अंबाला। वंदे भारत की तर्ज पर तैयार किया गया परख निरीक्षण यान अंबाला रेल मंडल की एक विशेष पहचान होगा। इसे चेन्नई के पैरामबुर स्थित इंटेग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने बनाया है जोकि आधुनिक प्रकार की सभी जरूरी सुविधाओं से लैस है। इस पर लगभग 4.65 करोड़ रुपये खर्च आया है।
इस निरीक्षण यान की मदद से महाप्रबंधक सहित मंडल रेल प्रबंधक रेलवे सेक्शन, रेल लाइनों और स्टेशनों का निरीक्षण कर सकेंगे। इसके लिए ज्यादा कर्मचारियों व अन्य सामान को साथ ले जाने की जरूरत नहीं होगी। सेल्फ प्रोपेल्ड लोको समाहित यानी स्वचलित निरीक्षण यान को परख का नाम दिया गया है। पूरे भारत में 41 यान अलग-अलग मंडलों में दिए गए हैं।
विज्ञापन
इसमें इंजन और बोगी एक ही है। इसे चलाने के लिए अलग से इंजन की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह डीजल से संचालित यान है। इसमें लगा पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक है। इसे चलाने के लिए केवल एक चालक की आवश्यकता पड़ेगी। इसमें गार्ड या अन्य तकनीकी स्टाफ की ड्यूटी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका डिजाइन इतना बढि़या है कि अंदर बैठे-बैठे हर सेक्शन की विंडो जांच बड़ी आसानी से हो सकेगी।
विज्ञापन
परख का पूरा ढांचा वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसके अंदर कुल 34 सीटे हैं। इसमें दो सीटें चालक के लिए हैं। वहीं एक केबिन में छह और दूसरे बड़े केबिन में 26 सीटें हैं। इसकी गति 105 किमी प्रति घंटा है। निरीक्षण यान में एक छोटा बेड रूम, रसोई और शौचालय है।
निरीक्षण यान की क्षमता 350 हार्सपावर की है। इसमें लगे ईंधन टैंक की क्षमता 1500 लीटर है। इसमें डेड मैन हैंडल सिस्टम लगा हुआ है। निष्क्रिय स्थिति में लुढ़कने से रोकने के लिए पार्किंग ब्रेक की सुविधा। एयर सस्पेंशन सिस्टम के साथ सेकेंडरी सस्पेंशन, एलईडी हेड लाइट, मार्कर लाइट, टेल लैंप, एफओजी लाइट और फ्लैशर लाइट, सात टन की क्षमता वाला ऑटो एसी, चार एलईडी डिस्प्ले, दो सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल स्टैंड के दोनों तरफ एक अतिरिक्त छोटा डिस्प्ले सिस्टम लगाया गया है। इसमें घोषणा प्रणाली भी उपलब्ध है। निरीक्षण यान के अंदर बैठे ही डीआरएम बाहर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दे सकते हैं।
रेल सेक्शनों, पटरियों व स्टेशन आदि के निरीक्षण लगातार होते रहते हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी साथ रहते थे। इस दौरान रेल इंजन व कोच की भी आवश्यकता होती थी जोकि अब निरीक्षण यान परख के आने से खत्म हो जाएगी। इस निरीक्षण यान में ऐसी सुविधाएं हैं जो आज के समय की जरूरत है।
-मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला।