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Ambala News: बाल मजदूरी कर रहे 15 बच्चों को टीम ने कराया मुक्त
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अंबाला सिटी। जिला युवा विकास संगठन द्वारा संचालित चाइल्डलाइन अंबाला व कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के तत्वावधान में बाल मजबूरी कर रहे 15 बच्चों को मुक्त करवाया गया। इस दौरान बच्चों को पकड़ने के लिए चाइल्ड लेबर फ्री इंडिया के तहत एमडीडी ऑफ इंडिया बाल कल्याण समिति, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट क्राइम ब्रांच, लेबर डिपार्टमेंट, पुलिस डिपार्टमेंट, जिला बाल सरंक्षण युनिट द्वारा चलाए जा रहे न्याय तक पहुंच व बचपन बचाओ आंदोलन के तहत मानव चौक, कचहरी चौक व रेलवे स्टेशन शहर के आसपास अभियान चलाया।
टीम ने सूचना के आधार पर दुकानों में नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी करवा रहे बच्चों का रेस्क्यू किया। प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर अंबाला परमजीत सिंह बड़ौला, को-ऑर्डिनेटर अजय तिवारी, टीम सदस्य गजेंद्र भारद्वाज, रूबल राजल, चंचल, लेबर इंस्पेक्टर तेजबीर सिंह, एसआई राजिन्दर, एएसआई जगजीत सिंह एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट क्राइम ब्रांच अंबाला, ओआरडब्लयू रणधीर डीसीपीयू की संयुक्त टीम द्वारा दुकानों पर नाबालिग बच्चों को काम करते हुए पाया गया। टीम ने बच्चों की सुरक्षा को देखते तुरंत प्रभाव से बाल मजदूरी से मुक्त करवाकर अपने सरंक्षण में लिया। बातचीत के दौरान ज्यादातर बच्चों ने बताया कि वह स्थाई रूप से यूपी व बिहार के निवासी हैं। यहां अंबाला में रोजगार के लिए आए हैं।
रेस्क्यू किए बच्चों में एक मामला ऐसा भी
बाल मजदूरी से मुक्त करवाए बच्चों में एक ऐसे बच्चे को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया जिसके माता पिता नहीं हैं और न ही बच्चे को अपने माता पिता या परिवार की कोई जानकारी है। बच्चे को तस्करी करके लाया गया था। जिसके बाद बच्चा कुछ समय तक रेलवे स्टेशन पर रहा। उसके बाद बच्चे ने एक दुकान में काम करना शुरू कर दिया। टीम द्वारा बच्चों के परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके बाद टीम द्वारा चौकी नंबर दो व पांच से बच्चों की डीडीआर व मेडिकल करवाया गया। बाल कल्याण समिति चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के निर्देश पर टीम ने बच्चों को सुरक्षित हालत में ओपन शेल्टर होम में छोड़ दिया।
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टीम ने सूचना के आधार पर दुकानों में नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी करवा रहे बच्चों का रेस्क्यू किया। प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर अंबाला परमजीत सिंह बड़ौला, को-ऑर्डिनेटर अजय तिवारी, टीम सदस्य गजेंद्र भारद्वाज, रूबल राजल, चंचल, लेबर इंस्पेक्टर तेजबीर सिंह, एसआई राजिन्दर, एएसआई जगजीत सिंह एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट क्राइम ब्रांच अंबाला, ओआरडब्लयू रणधीर डीसीपीयू की संयुक्त टीम द्वारा दुकानों पर नाबालिग बच्चों को काम करते हुए पाया गया। टीम ने बच्चों की सुरक्षा को देखते तुरंत प्रभाव से बाल मजदूरी से मुक्त करवाकर अपने सरंक्षण में लिया। बातचीत के दौरान ज्यादातर बच्चों ने बताया कि वह स्थाई रूप से यूपी व बिहार के निवासी हैं। यहां अंबाला में रोजगार के लिए आए हैं।
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रेस्क्यू किए बच्चों में एक मामला ऐसा भी
बाल मजदूरी से मुक्त करवाए बच्चों में एक ऐसे बच्चे को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया जिसके माता पिता नहीं हैं और न ही बच्चे को अपने माता पिता या परिवार की कोई जानकारी है। बच्चे को तस्करी करके लाया गया था। जिसके बाद बच्चा कुछ समय तक रेलवे स्टेशन पर रहा। उसके बाद बच्चे ने एक दुकान में काम करना शुरू कर दिया। टीम द्वारा बच्चों के परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके बाद टीम द्वारा चौकी नंबर दो व पांच से बच्चों की डीडीआर व मेडिकल करवाया गया। बाल कल्याण समिति चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के निर्देश पर टीम ने बच्चों को सुरक्षित हालत में ओपन शेल्टर होम में छोड़ दिया।
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