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Ambala News: श्रवण कुमार वध के मंचन से दर्शक हुए भावुक
Sat, 20 Sep 2025 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 20 Sep 2025 02:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब द्वारा 98 वीं श्री रामलीला के मंचन की शुरूआत की गई। थाना प्रभारी प्रमोद राणा ने पूजन कर श्री रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान सभी क्लब सदस्य मौजूद रहे।
श्रीराम लीला के पहले दिन श्रवण लीला और श्री राम जन्म का मंचन किया गया। श्रवण लीला के मार्मिक मंचन से दर्शक भावुक हो गए। लीला में दिखाया कि श्रवण कुमार अपने माता-पिता को चार धाम की यात्रा कराने के लिए ले जाते हैं। यात्रा के दौरान उनके माता-पिता को प्यास लगती है, तब श्रवण कुमार उन्हें अयोध्या में वृक्ष के नीचे बैठाकर उनके लिए सरयू नदी में जल लेने चले जाते हैं। इसी दौरान राजा दशरथ वहां शिकार करने पहुंचते हैं। राजा दशरथ जंगली जीव समझकर श्रवण कुमार को तीर मार देते हैं, वहीं श्रवण कुमार की तड़पने की आवाज सुनकर राजा दशरथ उनके पास जाकर अपने किए का पश्चाताप करते हुए श्रवण कुमार से माफी मांगते हुए दंड देने के लिए कहते हैं।
श्रवण कुमार दशरथ को माफ करते हुए उनसे अपने माता-पिता को पानी पिलाने के लिए कहते हुए प्राण त्याग देते हैं। राजा दशरथ श्रवण के बूढ़े माता-पिता के लिए पानी लेकर जाते हैं तथा उन्हें सारी घटना बताते हैं। इस पर बूढ़े परिजन क्रोधित होकर राजा दशरथ को पुत्र वियोग में तड़पने का श्राप देकर दम तोड़ देते हैं। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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मुलाना। श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब द्वारा 98 वीं श्री रामलीला के मंचन की शुरूआत की गई। थाना प्रभारी प्रमोद राणा ने पूजन कर श्री रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान सभी क्लब सदस्य मौजूद रहे।
श्रीराम लीला के पहले दिन श्रवण लीला और श्री राम जन्म का मंचन किया गया। श्रवण लीला के मार्मिक मंचन से दर्शक भावुक हो गए। लीला में दिखाया कि श्रवण कुमार अपने माता-पिता को चार धाम की यात्रा कराने के लिए ले जाते हैं। यात्रा के दौरान उनके माता-पिता को प्यास लगती है, तब श्रवण कुमार उन्हें अयोध्या में वृक्ष के नीचे बैठाकर उनके लिए सरयू नदी में जल लेने चले जाते हैं। इसी दौरान राजा दशरथ वहां शिकार करने पहुंचते हैं। राजा दशरथ जंगली जीव समझकर श्रवण कुमार को तीर मार देते हैं, वहीं श्रवण कुमार की तड़पने की आवाज सुनकर राजा दशरथ उनके पास जाकर अपने किए का पश्चाताप करते हुए श्रवण कुमार से माफी मांगते हुए दंड देने के लिए कहते हैं।
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श्रवण कुमार दशरथ को माफ करते हुए उनसे अपने माता-पिता को पानी पिलाने के लिए कहते हुए प्राण त्याग देते हैं। राजा दशरथ श्रवण के बूढ़े माता-पिता के लिए पानी लेकर जाते हैं तथा उन्हें सारी घटना बताते हैं। इस पर बूढ़े परिजन क्रोधित होकर राजा दशरथ को पुत्र वियोग में तड़पने का श्राप देकर दम तोड़ देते हैं। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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