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Ambala News: सब सिखन को हुकुम है गुरु मानियो ग्रंथ...
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नारायणगढ़ के गुरुद्वारा श्री रातगढ़ साहिब में कीर्तन करते रागी । संस्था
गुरुद्वारा श्री रातगढ़ साहिब में मनाया गया प्रकाश पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। सब सिखन को हुकुम है गुरु मानियो ग्रंथ, गुरु ग्रंथ जी मानियो प्रगट गुरां की देह के जयघोष के साथ गुरुद्वारा श्री रातगढ़ साहिब में दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर संगत ने माथा टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई, जिसके उपरांत भव्य कीर्तन दरबार सजाया गया। हजूरी रागी और कथावाचक ने शब्द कीर्तन और गुरु इतिहास सुनाकर संगतों को निहाल किया।
संस्था के सचिव गुरजंट सिंह ने संगत को प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए गुरु साहिब के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कथावाचक ने गुरु साहिब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म पटना साहिब की धरती पर नौवें गुरु श्री तेग बहादुर साहिब के घर माता गुजरी जी की कोख से हुआ था। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आनंदपुर साहिब में वैसाखी के दिन पंज प्यारों को अमृत की दात देकर खालसा पंथ की सृजना की और स्वयं भी अमृत छककर गोविंद राय से गोविंद सिंह बने।
कथावाचक ने युवाओं से अमृत पान कर सिख स्वरूप से जुड़ने की अपील की। कोमलप्रीत कौर, प्रभजोत सिंह और गुरप्रीत सिंह ने गुरबाणी के शब्दों के माध्यम से गुरु महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। इस धार्मिक आयोजन में प्रधान भगत सिंह, सचिव गुरजंट सिंह, लाल सिंह, उप प्रधान जतिंदर सिंह अब्दुल्ला, पृथ्वी सिंह, तेजिंदर सिंह, सतनाम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। सब सिखन को हुकुम है गुरु मानियो ग्रंथ, गुरु ग्रंथ जी मानियो प्रगट गुरां की देह के जयघोष के साथ गुरुद्वारा श्री रातगढ़ साहिब में दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर संगत ने माथा टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई, जिसके उपरांत भव्य कीर्तन दरबार सजाया गया। हजूरी रागी और कथावाचक ने शब्द कीर्तन और गुरु इतिहास सुनाकर संगतों को निहाल किया।
संस्था के सचिव गुरजंट सिंह ने संगत को प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए गुरु साहिब के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कथावाचक ने गुरु साहिब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म पटना साहिब की धरती पर नौवें गुरु श्री तेग बहादुर साहिब के घर माता गुजरी जी की कोख से हुआ था। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आनंदपुर साहिब में वैसाखी के दिन पंज प्यारों को अमृत की दात देकर खालसा पंथ की सृजना की और स्वयं भी अमृत छककर गोविंद राय से गोविंद सिंह बने।
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कथावाचक ने युवाओं से अमृत पान कर सिख स्वरूप से जुड़ने की अपील की। कोमलप्रीत कौर, प्रभजोत सिंह और गुरप्रीत सिंह ने गुरबाणी के शब्दों के माध्यम से गुरु महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। इस धार्मिक आयोजन में प्रधान भगत सिंह, सचिव गुरजंट सिंह, लाल सिंह, उप प्रधान जतिंदर सिंह अब्दुल्ला, पृथ्वी सिंह, तेजिंदर सिंह, सतनाम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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