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Ambala News: बच्ची की मासिक धर्म की परत मिली बंद, ऑपरेशन से बना रास्ता
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अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में बच्ची के सफल ऑपरेशन के बाद महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी व संग
अंशु शर्मा
अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल की महिला ओपीडी में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। 13 साल की बच्ची पेट में असहनीय दर्द और मासिक धर्म (पीरियड) नहीं आने की शिकायत लेकर पहुंची। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी ने छावनी की बच्ची को जांचा तो उसकी मासिक धर्म की परत बंद मिली।
इस बात से परिजन और खुद बच्ची भी अनजान थे। अल्ट्रासाउंड की जांच की गई तो पाया गया कि कुछ माह पहले ही बच्ची को मासिक धर्म शुरू हो गए थे लेकिन वो रास्ता बंद होने के कारण बाहर नहीं आ रहे थे। ऐसे में असहनीय दर्द रहता था। साथ ही बच्ची की बच्चेदानी में काफी मात्रा में खून जमा हो गया था। जो ऑपरेशन कर बाहर निकाला।
एक घंटे तक चला था ऑपरेशन
इस चुनौती को स्वीकार कर महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी ने अपनी टीम बेहोशी के डॉक्टर हरीश और नर्सिंग ऑफिसर अंजू और मीनाक्षी के साथ बच्ची का ऑपरेशन किया। करीब एक घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान बच्ची की बंद परत को खोला गया। पांच दिन तक अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद बच्ची की छुट्टी मिल गई।
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कॉस्मेटिक सर्जरी से बनाया रास्ता
डॉ. रजनी ने बताया कि क्रिप्टोमेनोरिया की समस्या थी। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मासिक धर्म तो होता है, लेकिन वह योनि मार्ग से बाहर नहीं निकल पाता है। यह आमतौर पर योनि या गर्भाशय में रुकावट के कारण होता है, जिससे रक्त का जमाव हो जाता है। ऐसे में ऑपरेशन कर रास्ता बनाया। उसके बाद हाइमनोप्लास्टी यानी हाइमन रिपेयर ऑपरेशन किया था। इसमें हाइमन बनाया जाता है। इसे एक कॉस्मेटिक सर्जरी भी कहा जाता है। ऐसे में बच्ची अब बड़े होकर मां बनने का सुख भी प्राप्त कर सकेगी।
बच्ची का परिवार था अंजान
डॉक्टर ने जब बच्ची की केस हिस्ट्री तैयार की गई तो पता चला कि अंबाला कैंट निवासी बच्ची के प्रवासी परिजन मजदूरी करते हैं। अज्ञानता के चलते उन्हें बच्ची की स्थिति का पता नहीं चल पाया। हालांकि अक्सर छोटी उम्र में ही बच्ची की इस परत के बंद होने का पता चल जाता है और बाद में ऑपरेशन हो जाता है। 13 साल की बच्ची के केस में मासिक धर्म रुकने के बाद ही यह पता चला। डॉ. रजनी ने बताया कि इस तरह के केस हजारों में एक आते हैं।
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अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल की महिला ओपीडी में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। 13 साल की बच्ची पेट में असहनीय दर्द और मासिक धर्म (पीरियड) नहीं आने की शिकायत लेकर पहुंची। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी ने छावनी की बच्ची को जांचा तो उसकी मासिक धर्म की परत बंद मिली।
इस बात से परिजन और खुद बच्ची भी अनजान थे। अल्ट्रासाउंड की जांच की गई तो पाया गया कि कुछ माह पहले ही बच्ची को मासिक धर्म शुरू हो गए थे लेकिन वो रास्ता बंद होने के कारण बाहर नहीं आ रहे थे। ऐसे में असहनीय दर्द रहता था। साथ ही बच्ची की बच्चेदानी में काफी मात्रा में खून जमा हो गया था। जो ऑपरेशन कर बाहर निकाला।
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एक घंटे तक चला था ऑपरेशन
इस चुनौती को स्वीकार कर महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी ने अपनी टीम बेहोशी के डॉक्टर हरीश और नर्सिंग ऑफिसर अंजू और मीनाक्षी के साथ बच्ची का ऑपरेशन किया। करीब एक घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान बच्ची की बंद परत को खोला गया। पांच दिन तक अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद बच्ची की छुट्टी मिल गई।
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कॉस्मेटिक सर्जरी से बनाया रास्ता
डॉ. रजनी ने बताया कि क्रिप्टोमेनोरिया की समस्या थी। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मासिक धर्म तो होता है, लेकिन वह योनि मार्ग से बाहर नहीं निकल पाता है। यह आमतौर पर योनि या गर्भाशय में रुकावट के कारण होता है, जिससे रक्त का जमाव हो जाता है। ऐसे में ऑपरेशन कर रास्ता बनाया। उसके बाद हाइमनोप्लास्टी यानी हाइमन रिपेयर ऑपरेशन किया था। इसमें हाइमन बनाया जाता है। इसे एक कॉस्मेटिक सर्जरी भी कहा जाता है। ऐसे में बच्ची अब बड़े होकर मां बनने का सुख भी प्राप्त कर सकेगी।
बच्ची का परिवार था अंजान
डॉक्टर ने जब बच्ची की केस हिस्ट्री तैयार की गई तो पता चला कि अंबाला कैंट निवासी बच्ची के प्रवासी परिजन मजदूरी करते हैं। अज्ञानता के चलते उन्हें बच्ची की स्थिति का पता नहीं चल पाया। हालांकि अक्सर छोटी उम्र में ही बच्ची की इस परत के बंद होने का पता चल जाता है और बाद में ऑपरेशन हो जाता है। 13 साल की बच्ची के केस में मासिक धर्म रुकने के बाद ही यह पता चला। डॉ. रजनी ने बताया कि इस तरह के केस हजारों में एक आते हैं।