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ऑपरेशन में कोताही बरतने के परिजनों ने लगाए आरोप, डॉक्टर ने नकारे
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The family members accused of negligence in the operation, the doctor denied
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। शहर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बुजुर्ग को पेट में दर्द था और डॉक्टर ने बिना अल्ट्रासाउंड किए ही हमारे मरीज का ऑपरेशन कर दिया, जिसके चलते मरीज को तीन दिनों से खून की उल्टियां लग रही हैं। उधर डॉक्टर ने सारे आरोप नकार दिए हैं।
सिटी के रामनगर निवासी मरीज काला राम के पुत्र सागर व दामाद दीपक ने बताया कि हमारे पिता को पेट में दर्द रहता था, जिसके उपचार के लिए हम यहां 9 अगस्त को आए थे, डॉक्टर ने 10 तारीख को बिना कोई अल्ट्रासाउंड करवाए मरीज का पित्ते का ऑपरेशन कर दिया। उसके बाद हमें 15 अगस्त को यह कह कर घर भेज दिया गया। घर जाकर अगले दिन पिता काला राम को खून की उल्टी लगी। फिर से हम अस्पताल में आ गए। यहां से हमें 16 अगस्त को पीजीआई 32 भेज दिया गया। 32 सेक्टर के सरकारी अस्पताल से हमें 17 अगस्त को एंडोस्कॉपी के लिए पीजीआई भेज दिया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि मरीज का लीवर खराब है और एक टीका व कुछ दवाइयों देकर हमें वापस भेज दिया गया। आज वीरवार को फिर जब मरीज की हालत खराब हुई तो वह उसी निजी अस्पताल में आए। किसी ने भी मरीज को चेक करना तो दूर मरीज को आकर देखना भी लाजिमी नहीं समझा। हंगामा बढ़ता देख सूचना पाकर बलदेव नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। यहां मरीज के बेटे सागर ने पुलिस को शिकायत देते हुए इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई।
मरीज जब हमारे पास आया था तो मरीज के परिजनों ने हमें 31 जुलाई को करवाया गया अल्ट्रासाउंड दिखाया था। जिसमें पित्ते में पत्थरी होने की जानकारी दी गई थी। मरीज का ऑपरेशन सफल रहा था, जिसके कुछ दिन बाद हमने मरीज को घर भेज दिया था। मरीज वास्तव में शराब का सेवन करता था। शायद इसीलिए उसके लीवर में परेशानी है।
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- डॉक्टर विपिन जैन, निजी अस्पताल संचालक।
हमारे पास शिकायत आई है जो कि मरीज के बेटे ने दी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- बलबीर सिंह, थाना प्रभारी बलदेव नगर।
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सिटी के रामनगर निवासी मरीज काला राम के पुत्र सागर व दामाद दीपक ने बताया कि हमारे पिता को पेट में दर्द रहता था, जिसके उपचार के लिए हम यहां 9 अगस्त को आए थे, डॉक्टर ने 10 तारीख को बिना कोई अल्ट्रासाउंड करवाए मरीज का पित्ते का ऑपरेशन कर दिया। उसके बाद हमें 15 अगस्त को यह कह कर घर भेज दिया गया। घर जाकर अगले दिन पिता काला राम को खून की उल्टी लगी। फिर से हम अस्पताल में आ गए। यहां से हमें 16 अगस्त को पीजीआई 32 भेज दिया गया। 32 सेक्टर के सरकारी अस्पताल से हमें 17 अगस्त को एंडोस्कॉपी के लिए पीजीआई भेज दिया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि मरीज का लीवर खराब है और एक टीका व कुछ दवाइयों देकर हमें वापस भेज दिया गया। आज वीरवार को फिर जब मरीज की हालत खराब हुई तो वह उसी निजी अस्पताल में आए। किसी ने भी मरीज को चेक करना तो दूर मरीज को आकर देखना भी लाजिमी नहीं समझा। हंगामा बढ़ता देख सूचना पाकर बलदेव नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। यहां मरीज के बेटे सागर ने पुलिस को शिकायत देते हुए इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई।
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मरीज जब हमारे पास आया था तो मरीज के परिजनों ने हमें 31 जुलाई को करवाया गया अल्ट्रासाउंड दिखाया था। जिसमें पित्ते में पत्थरी होने की जानकारी दी गई थी। मरीज का ऑपरेशन सफल रहा था, जिसके कुछ दिन बाद हमने मरीज को घर भेज दिया था। मरीज वास्तव में शराब का सेवन करता था। शायद इसीलिए उसके लीवर में परेशानी है।
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- डॉक्टर विपिन जैन, निजी अस्पताल संचालक।
हमारे पास शिकायत आई है जो कि मरीज के बेटे ने दी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- बलबीर सिंह, थाना प्रभारी बलदेव नगर।