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Ambala News: श्री दिगंबर जैन सभा की कार्यकारिणी के अस्तित्व पर संकट
Thu, 03 Jul 2025 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 03 Jul 2025 02:51 AM IST
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अंबाला। छावनी की प्रतिष्ठित श्री दिगंबर जैन सभा में प्रधान पद के चुनाव पर सोसायटी रजिस्ट्रार कार्यालय के आदेश ने रोक लगा दी है। इस पर जिला रजिस्ट्रार ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम रोक का आदेश जारी किया है। इस आदेश में यह भी लिखा गया है कि सभा की मौजूदा कार्यकारिणी किसी प्रकार से वैध नहीं है। क्योंकि विभाग के पास सभा से जुड़े या इनके चुनाव से जुड़े किसी प्रकार की कोई जानकारी ही नहीं है। इसके साथ ही ऑनलाइन पोर्टल पर भी इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है। ऐसे में कार्यकारिणी के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है।
दिगंबर जैन सभा को लेकर अधिवक्ता रोहित जैन ने याचिका लगाई थी । जिसमें उन्होंने बताया कि सभा के संचालन में कई कमियां हैं। नियमों का दरकिनार किया जा रहा है। चुनाव कराने में भी गड़बड़ियां भी दिखाई देती हैं। इसकी जांच होनी चाहिए और प्रधान के चुनाव पर रोक लगनी चाहिए। इस मामले से पहले सभा के पूर्व प्रधान अशोक जैन पर सभा के ही सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा भी दे दिया था। अब वह आरोप सही थे या गलत इस पर जांच होनी बाकी है। सभा को संचालित करने के लिए गवर्निंग बॉडी की जानकारी के साथ स्वीकृति लेनी होती है। मगर सभा के पदाधिकारियों ने यह स्वीकृति भी नहीं ली है। सभा का वर्ष 2020 में नवीनीकरण कराया गया था। इस दौरान इस स्वीकृति को लेना चाहिए था मगर नहीं लिया गया। इसी प्रकार सभी सदस्यों की जानकारी, वित्तीय जानकारियों, बैंलेंसशीट आदि जानकारी भी सोसायटी को जिला रजिस्ट्रार को देनी होती है मगर सभा की तरफ से वह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। अब अगर वित्तीय जांच बैठ गई तो सभा के पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जिला रजिस्ट्रार के आदेश को दे सकते हैं चुनौती
अभी तक जिला सोसायटी रजिस्ट्रार ने याचिकाकर्ता रोहित जैन की याचिका पर अंतरिम आदेश दिया है। यानि अंतिम आदेश के लिए अभी रजिस्ट्रार सुनवाई करेंगे। मगर सभा के पदाधिकारियों के पास स्टेट रजिस्ट्रार के पास इस अंतरिम आदेश को चुनौती देने का अधिकार सुरक्षित है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि सभा के पदाधिकारी क्या कदम उठाते हैं। वहीं अब प्रधान पद के चुनाव तो टल गए हैं। मगर सभा और सभा की कार्यकारिणी के लिए अपने आप को बचाने की चुनौती सामने आ गई है।
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दिगंबर जैन सभा को लेकर अधिवक्ता रोहित जैन ने याचिका लगाई थी । जिसमें उन्होंने बताया कि सभा के संचालन में कई कमियां हैं। नियमों का दरकिनार किया जा रहा है। चुनाव कराने में भी गड़बड़ियां भी दिखाई देती हैं। इसकी जांच होनी चाहिए और प्रधान के चुनाव पर रोक लगनी चाहिए। इस मामले से पहले सभा के पूर्व प्रधान अशोक जैन पर सभा के ही सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा भी दे दिया था। अब वह आरोप सही थे या गलत इस पर जांच होनी बाकी है। सभा को संचालित करने के लिए गवर्निंग बॉडी की जानकारी के साथ स्वीकृति लेनी होती है। मगर सभा के पदाधिकारियों ने यह स्वीकृति भी नहीं ली है। सभा का वर्ष 2020 में नवीनीकरण कराया गया था। इस दौरान इस स्वीकृति को लेना चाहिए था मगर नहीं लिया गया। इसी प्रकार सभी सदस्यों की जानकारी, वित्तीय जानकारियों, बैंलेंसशीट आदि जानकारी भी सोसायटी को जिला रजिस्ट्रार को देनी होती है मगर सभा की तरफ से वह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। अब अगर वित्तीय जांच बैठ गई तो सभा के पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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जिला रजिस्ट्रार के आदेश को दे सकते हैं चुनौती
अभी तक जिला सोसायटी रजिस्ट्रार ने याचिकाकर्ता रोहित जैन की याचिका पर अंतरिम आदेश दिया है। यानि अंतिम आदेश के लिए अभी रजिस्ट्रार सुनवाई करेंगे। मगर सभा के पदाधिकारियों के पास स्टेट रजिस्ट्रार के पास इस अंतरिम आदेश को चुनौती देने का अधिकार सुरक्षित है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि सभा के पदाधिकारी क्या कदम उठाते हैं। वहीं अब प्रधान पद के चुनाव तो टल गए हैं। मगर सभा और सभा की कार्यकारिणी के लिए अपने आप को बचाने की चुनौती सामने आ गई है।
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