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Ambala News: डीएफसीसीआईएल के नए कॉरिडोर पर दौड़ा इंजन, डेढ़ घंटे में पूरा किया 75 किमी. का सफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Sep 2023 11:41 PM IST
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The engine ran on the new corridor of DFCCIL, completed the journey of 75 km in one and a half hour
अंबाला। रेलवे फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन लिमिटेड डीएफसीसीआईएल के तहत बिछाए गए नए रेलवे ट्रैक पर रविवार को 75 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से निरीक्षण किया गया। बिजली संचालित लोको इंजन ने यह सफर मात्र डेढ़ घंटे में पूरा करके एक रिकॉर्ड कायम किया।
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यह निरीक्षण अंबाला मंडल के अधीन साहनेवाल से पिलखनी तक बनाए गए रेल सेक्शन पर न्यू शंभू रेलवे स्टेशन से लेकर न्यू कलानौर स्टेशन तक किया गया। इस मौके पर खुद डीएफसीसीआईएल के मुख्य महाप्रबंंधक पंकज गुप्ता अन्य विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि लोको इंजन का सफल ट्रायल होना एक बड़ी उपलब्धि है। अब जल्द ही इस सेक्शन पर मालगाड़ियों का संचालन आरंभ कर दिया जाएगा।
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जुलाई 2016 में शुरू हुआ था कार्य
पंजाब के साहनेवाल से सहारनपुर के पिलखनी तक लगभग तीन हजार करोड़ की लागत से 175 किमी. लंबा अलग रेलवे ट्रैक बिछाने का कार्य जुलाई 2016 में शुरू किया गया था। यह परियोजना 2005 में बनी थी और 2006 में इसे मंजूरी मिली थी। इस ट्रैक पर 75 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से मालगाड़ियां दौड़ेंगी। ट्रैक का कार्य तीन चरणों में शुरू किया गया था।
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व्यापारियों के लिए बड़ी सौगात
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दौड़ने वाली मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि इस कॉरिडोर पर कहीं भी रेलवे फाटक नहीं है। यह व्यापारियों के लिए एक बड़ी सौगात है। लुधियाना से सहारनपुर तक 46 बड़े पुल, 154 छोटे पुल, चार रेलवे फ्लाईओवर, यमुना और मारकंडा नदियों पर दो पुल और 11 नए रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। फ्रेट कॉरिडोर के तैयार होने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और यूपी के बीच उद्योग को रफ्तार मिलेगी। जल्द से जल्द सामान एक से दूसरी जगह पर सुरक्षित पहुंचेगा। पंजाब के थर्मल प्लांट में कोयले की निर्बाध सप्लाई मिलेगी। वहीं यहां से उर्वरक, सीमेंट और अन्य सामान दूसरी जगह भेजा जा सकेगा।



डीडीएफसीसीआईएल परियोजना के तहत पिलखनी से शंभू तक रेलवे ट्रैक बिछ गया है। इसका अंतिम परीक्षण 24 सितंबर को किया गया जोकि सफल रहा। लोको इंजन ने 75 किलोमीटर का सफर मात्र डेढ़ घंटे में पूरा कर लिया। पहले इसे पूरा करने में तीन से चार घंटे लग जाते थे। जल्द ही पूरे सेक्शन पर मालगाड़ियों का संचालन आरंभ कर दिया जाएगा।
-पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला।
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