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Ambala News: मनरेगा कानून को कमजोर कर रही सरकार, जिला कांग्रेस कमेटी ने लगाए आरोप
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अंबाला सिटी में आयोजित पत्रकार वार्ता में मनरेगा से संबंधित जानकारी देते कांग्रेस नेता। प्रवक्
अंबाला। जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार पर मनरेगा कानून को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को अंबाला के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस विधायकों और जिला अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार वीबी-जी-राम-जी स्कीम की आड़ में गरीबों के रोजगार के अधिकार पर हमला कर रही है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ विधायक निर्मल सिंह, विधायक शैली चौधरी और पूजा चौधरी ने कहा कि मनरेगा कोई मामूली सरकारी योजना नहीं, बल्कि संसद द्वारा पारित एक सशक्त कानून है। यह कानून गरीबों को 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानूनी मजबूरी से पीछा छुड़ाना चाहती है, इसीलिए मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की पटकथा लिखी जा रही है। नेताओं ने कहा कि इससे पहले उज्ज्वला जैसी योजनाओं का भी यही हश्र हुआ है।
सड़क से संसद तक मचेगा घमासान
तीनों जिला अध्यक्ष,पवन अग्रवाल डिंपी (शहरी), दुष्यंत राणा (ग्रामीण) और परविंदर सिंह परी (कैंट) ने कहा कि सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। अब वह गरीबों के हाथ में मौजूद एकमात्र कानूनी हथियार मनरेगा को भी छीनना चाहती है। कांग्रेस नेताओं ने दोटूक चेतावनी दी कि सरकार की इस गरीब-विरोधी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा और इसके खिलाफ गांव-गांव जाकर जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस अवसर पर अशोक मेहता, रोहित जैन, पार्षद मिथुन वर्मा और इशू गोयल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी।
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प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ विधायक निर्मल सिंह, विधायक शैली चौधरी और पूजा चौधरी ने कहा कि मनरेगा कोई मामूली सरकारी योजना नहीं, बल्कि संसद द्वारा पारित एक सशक्त कानून है। यह कानून गरीबों को 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानूनी मजबूरी से पीछा छुड़ाना चाहती है, इसीलिए मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की पटकथा लिखी जा रही है। नेताओं ने कहा कि इससे पहले उज्ज्वला जैसी योजनाओं का भी यही हश्र हुआ है।
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सड़क से संसद तक मचेगा घमासान
तीनों जिला अध्यक्ष,पवन अग्रवाल डिंपी (शहरी), दुष्यंत राणा (ग्रामीण) और परविंदर सिंह परी (कैंट) ने कहा कि सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। अब वह गरीबों के हाथ में मौजूद एकमात्र कानूनी हथियार मनरेगा को भी छीनना चाहती है। कांग्रेस नेताओं ने दोटूक चेतावनी दी कि सरकार की इस गरीब-विरोधी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा और इसके खिलाफ गांव-गांव जाकर जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस अवसर पर अशोक मेहता, रोहित जैन, पार्षद मिथुन वर्मा और इशू गोयल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी।
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