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Ambala News: कार्यालयों के धक्के के बाद बिजली दरबार पहुंचे फरियादी, मिला केवल आश्वासन.
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अंबाला सिटी के बलदेव नगर क्षेत्र स्थित बिजली कार्यालय में लगाए गए बिजली दरबार में उपभोक्ताओं की ?
- फोटो : Ambala
अंबाला। अपनी शिकायतों के समाधान को लेकर बिजली विभाग के कार्यालयों के धक्के खाने के बाद भी फरियादियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। यही कारण है कि बुधवार को बिजली अधीक्षक अभियंता कार्यालय में लगे उपभोक्ता शिकायत निवारण समिति की बैठक में नौ शिकायतें पहुंची। इसमें अधिकतर शिकायतें बिल माफी योजना में बिल जमा करवाने के बाद भी अधिक बिल आने की थी।
इस दौरान उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्होंने उस समय योजना का लाभ तो ले लिया, परंतु अब वह योजना उनके लिए ही मुसीबत बनती जा रही है। ऐसे में वह कई बार बिल भर चुके हैं। बावजूद इसके बिजली निगम बार-बार बिल बढ़ाकर वापस भेज रहा है। इसको लेकर वह पहले भी कई बार शिकायतें कर चुके हैं और अधिकारियों के सामने भी फरियाद लगा चुके हैं। बावजूद इसके उनकी इस समस्या का समाधान होता नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं अब जब उन्होंने बैठक में फरियाद लगवाई तब भी उन्हें केवल आश्वासन के ओर कुछ भी हाथ नहीं लगा है।
यह बोले फरियादी
बिल ठीक कराने के लिए लगा रहे चक्कर
शुरुआत में हमारा मिल 95 सौ रुपये आया था। जब बिल माफी योजना चली तो वहां मौजूद अधिकारियों ने तीन हजार रुपये जमा करवाने के लिए कहा, जो कि हमने जमा करवा दिए और उसके बाद हम आश्वस्त हो गए। परंतु जब अगली बार बिल आया तो वह बिल बढ़ा हुआ था। इसके बाद कई बार चक्कर लगाए, परंतु किसी भी अधिकारी ने कोई भी जवाब नहीं दिया। अब स्थिति यह है कि बिल लाखों रुपये में पहुंच गया है। जिसे भर पाना हमारे लिए भी संभव नहीं है। बिजली विभाग की इसी लापरवाही को ठीक करवाने के लिए धक्के खा रहे हैं। वहीं अब तो बिजली का मीटर तक काट दिया गया है।
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- अरविंद साहनी, उपभोक्ता।
बिजली दफ्तर से नहीं मिला जवाब
पहले हमारा बिल 400 रुपये तक आता था। फिर एकाएक बिल 20 हजार रुपये आ गया। जब यह सब पता करने के लिए बिजली निगम के चक्कर काटे तो कोई जवाब नहीं मिला। अब यह रुपये बढ़कर 35 से 40 हजार रुपये पहुंच गया। इस दौरान बिल ज्यादा न बढ़े इसके लिए 15 हजार रुपये अपने स्तर पर जमा करवा दिए, परंतु इसके बाद भी बिल ज्यादा आ रहा है। हम तो बिजली निगम की इस लापरवाही से परेशान हो गए हैं।
- चहूड़ सिंह, उपभोक्ता।
बिल मीटर रीडिंग के हिसाब से भेजा जाए
जो दुकान पिछले छह साल से बंद है। उसका बिल बिजली निगम एवरेज भेज रहा है, जो कि ज्यादा आ रहा है। हमने बिजली निगम से मांग की थी कि बिल को मीटर रीडिंग के हिसाब से भेजा जाए। इससे कि कुछ हद तक राहत मिल सके। अभी तो बिजली निगम ने केवल आश्वासन दिया है। इसके अलावा ओर कुछ नहीं है।
- कोमल बंसल, उपभोक्ता।
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इस दौरान उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्होंने उस समय योजना का लाभ तो ले लिया, परंतु अब वह योजना उनके लिए ही मुसीबत बनती जा रही है। ऐसे में वह कई बार बिल भर चुके हैं। बावजूद इसके बिजली निगम बार-बार बिल बढ़ाकर वापस भेज रहा है। इसको लेकर वह पहले भी कई बार शिकायतें कर चुके हैं और अधिकारियों के सामने भी फरियाद लगा चुके हैं। बावजूद इसके उनकी इस समस्या का समाधान होता नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं अब जब उन्होंने बैठक में फरियाद लगवाई तब भी उन्हें केवल आश्वासन के ओर कुछ भी हाथ नहीं लगा है।
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यह बोले फरियादी
बिल ठीक कराने के लिए लगा रहे चक्कर
शुरुआत में हमारा मिल 95 सौ रुपये आया था। जब बिल माफी योजना चली तो वहां मौजूद अधिकारियों ने तीन हजार रुपये जमा करवाने के लिए कहा, जो कि हमने जमा करवा दिए और उसके बाद हम आश्वस्त हो गए। परंतु जब अगली बार बिल आया तो वह बिल बढ़ा हुआ था। इसके बाद कई बार चक्कर लगाए, परंतु किसी भी अधिकारी ने कोई भी जवाब नहीं दिया। अब स्थिति यह है कि बिल लाखों रुपये में पहुंच गया है। जिसे भर पाना हमारे लिए भी संभव नहीं है। बिजली विभाग की इसी लापरवाही को ठीक करवाने के लिए धक्के खा रहे हैं। वहीं अब तो बिजली का मीटर तक काट दिया गया है।
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- अरविंद साहनी, उपभोक्ता।
बिजली दफ्तर से नहीं मिला जवाब
पहले हमारा बिल 400 रुपये तक आता था। फिर एकाएक बिल 20 हजार रुपये आ गया। जब यह सब पता करने के लिए बिजली निगम के चक्कर काटे तो कोई जवाब नहीं मिला। अब यह रुपये बढ़कर 35 से 40 हजार रुपये पहुंच गया। इस दौरान बिल ज्यादा न बढ़े इसके लिए 15 हजार रुपये अपने स्तर पर जमा करवा दिए, परंतु इसके बाद भी बिल ज्यादा आ रहा है। हम तो बिजली निगम की इस लापरवाही से परेशान हो गए हैं।
- चहूड़ सिंह, उपभोक्ता।
बिल मीटर रीडिंग के हिसाब से भेजा जाए
जो दुकान पिछले छह साल से बंद है। उसका बिल बिजली निगम एवरेज भेज रहा है, जो कि ज्यादा आ रहा है। हमने बिजली निगम से मांग की थी कि बिल को मीटर रीडिंग के हिसाब से भेजा जाए। इससे कि कुछ हद तक राहत मिल सके। अभी तो बिजली निगम ने केवल आश्वासन दिया है। इसके अलावा ओर कुछ नहीं है।
- कोमल बंसल, उपभोक्ता।