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Ambala News: नगर परिषद के पास रैन बसेरे की कमान पर नहीं इस पर ध्यान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 12:43 AM IST
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The city council is not in command of the night shelter but is paying attention to it.
अंबाला। कैंट में करोड़ रुपये से गरीबों के सोने के लिए बने रैन बसेरा का अभी तक वारिस मिल नहीं रहा था। जहां पूछा तो इसका जवाब नहीं मिल रहा था। किसी ने निर्माण कराया तो आगे जिम्मेदारी रेडक्रॉस को देने की बात कही तो किसी ने कहा कि रैन बसेरा कैंट में आता है यह हमारे तहत नहीं है।
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अमर उजाला ने पड़ताल की तो पाया कि नगर परिषद ही रैन बसेरा की देखरेख के लिए जिम्मेदार है। दरअसल कुछ समय पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और सीजेएम सौरभ गुप्ता ने सरकार को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने रैन बसेरे की अव्यवस्थाओं को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट फोटो सहित दी थी। इस मामले में सरकार को पत्र तब लिखा जब स्थानीय विभागों ने हाथ खड़े कर दिए कि हमारे पास यह रैन बसेरा आता ही नहीं है। अब रैन बसेरा के मालिक को खोजने के लिए जद्दोजहद शुरू हो गई। अब यह स्पष्ट हो गया है कि नगर परिषद के पास रैन बसेरा के प्रबंधन की कमान है।
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नगर परिषद के सचिव राजेश कुमार बताते हैं कि इसका निर्माण वर्ष 2019 से पहले के वर्षों में हुआ था। इस प्रोजेक्ट के लिए नेशनल अर्बन लाइवहुड मिशन (एसयूएच- एनयूएलएम) के तहत शहरी बेघर लोगों को छत देने की योजना के तहत निर्माण किया गया था। निर्माण पूरा होने के बाद इसे नगर परिषद अंबाला सदर को सौंप दिया गया था। इसके प्रबंधन की जिम्मेदारी भी नगर परिषद के पास है। नगर परिषद ने ही रैन बसेरा की देखभाल के लिए अपना कर्मचारियों को तैनात किया है।
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निदेशालय को अभी तक नहीं मिला जवाब
इस मामले में जब सीजेएम सौरभ गुप्ता ने सरकार को पत्र लिखा तो इस मामले को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशालय में स्टेट अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी को पत्र भेज दिया गया। जिसके बाद एडिशनल मिशन डायरेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर अंबाला से दो दिन में रिपोर्ट तलब की और उन्हें लिखा भी कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करें। मगर अभी तक इस मामले में नगर निगम की तरफ से पत्राचार भी नहीं शुरू हुआ।

पड़ताल में यह बात आई सामने
पड़ताल में सामने आया कि जिला प्रशासन से लेकर और नगर निकाय तक जिस रैन बसेरे की जिम्मेदारी एक दूसरे पर डाल रहे थे, उसी रैन बसेरे को लेकर नगर परिषद सचिव की तरफ से करीब 10 दिन पहले एमई शाखा को एक पत्र लिखा गया है। इस पत्र में कहा गया है कि जल्द से जल्द रैन बसेरा के रखरखाव व मूलभूत सुविधाएं देने के लिए एस्टिमेट तैयार करें ताकि इसे नगर निगमायुक्त समक्ष रख कर पास कराया जा सके। 10 दिन बीत जाने के बाद भी नगर परिषद की एमई शाखा इस मामले की फाइल पर कुंडली मारे बैठी है।


लीगल अथॉरिटी के अधिवक्ताओं को यह मिली रैन बसेरा में कमिया
रैन बसेरा में 184 बेड का प्रावधान है, मौके पर 72 बेड ही हैं।
रैन बसेरा का गेट पूरी तरह से टूटा हुआ है।

पेयजल के लिए आरओ मशीन संचालित नहीं थी।

गीजर और बिजली की फिटिंग काफी बुरी हालत में दिखी।

सोलर सिस्टम पूरी तरह से टूटा हुआ था और कमरे में पड़ा खराब हो रहा है।

अग्निशमन यंत्रों की तिथि निकल चुकी है।

शौचालय में यूरिनल पाइप टूटे हुए मिले।

सेप्टिक टैंक का सीमेंट का बना ढक्कन टूटा हुआ मिला।





अंबाला कैंट का रैन बसेरा नगर परिषद के अधीन आता है। हमने हाल ही में इस मामले में संज्ञान लेते हुए एमई शाखा को एस्टिमेट तैयार करने के लिए लिखा है। जल्द इसका प्रबंधन कराया जाएगा। -राजेश कुमार, सचिव, नगर परिषद
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