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मृतक और उसके परिवार के खातों की हो रही जांच, बिसरा रिपोर्ट का भी इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला शहर। गांव बलाना में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत के मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही मृतक और उसके परिजनों के खातों की भी जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस को मृतकों की बिसरा रिपोर्ट का भी इंतजार है। विदित हो कि गांव बलाना निवासी सुखविंद्र सिंह दो व्यक्तियों द्वारा जबरन 10 लाख रुपये मांगने से परेशान होकर माता-पिता, पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद खुद फंदे पर झूल गया था।
परिवार के छह सदस्यों की मौत के बाद पुलिस ने सुखविंदर के पास से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद किया था। उसमें बाल किशन ठाकुर और साई होंडा यमुनानगर के मालिक कवि नरूला को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। आरोप था कि संबंधित व्यक्ति पैसे मांगने के साथ-साथ उसे और पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की भी धमकी दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। आशंका जताई जा रही है कि सुखविंद्र ने रात के समय खाने या फिर दूध में परिजनों को कोई जहरीला या नशीला पदार्थ दिया था। इसके बाद देर रात दो बजे के करीब बेसुध होने पर सभी को मौत के घाट उतार दिया। पड़ोसियों के अनुसार सुखविंद्र सिंह ने सुबह छह बजे खिड़की से दूध लिया और पड़ोसी को खुरपा भी दिया था। उसके बाद ही सुखविंद्र ने फंदा लगाया, हालांकि मौत के असल कारणों और समय का पता बिसरा रिपोर्ट से ही लगेगा।
दादा जगीर सिंह से सुखविंद्र के पिता को मिली थी नंबरदारी
गांव बलाना में नंबरदार परिवार का अच्छा रसूख है। सुखविंद्र के दादा जगीर सिंह नंबरदार थे, उसके बाद यह जिम्मा सुखविंद्र सिंह के पिता संगत राम को मिला था। संगत राम कुल पांच भाई हैं, जिसमें से तीन भाई बलाना में ही रहते हैं और एक बड़ा भाई पिंजौर में रहता है। नंबरदार के साथ संगत राम जूतों की कंपनी में बतौर ठेकेदार थे और पहले यह कंपनी बलाना गांव में ही थी। उसके बाद दुर्गा नगर नसीरपुर के पास चली गई थी। पिता कंपनी में भी जाया करते थे।
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अंबाला शहर। गांव बलाना में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत के मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही मृतक और उसके परिजनों के खातों की भी जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस को मृतकों की बिसरा रिपोर्ट का भी इंतजार है। विदित हो कि गांव बलाना निवासी सुखविंद्र सिंह दो व्यक्तियों द्वारा जबरन 10 लाख रुपये मांगने से परेशान होकर माता-पिता, पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद खुद फंदे पर झूल गया था।
परिवार के छह सदस्यों की मौत के बाद पुलिस ने सुखविंदर के पास से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद किया था। उसमें बाल किशन ठाकुर और साई होंडा यमुनानगर के मालिक कवि नरूला को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। आरोप था कि संबंधित व्यक्ति पैसे मांगने के साथ-साथ उसे और पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की भी धमकी दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। आशंका जताई जा रही है कि सुखविंद्र ने रात के समय खाने या फिर दूध में परिजनों को कोई जहरीला या नशीला पदार्थ दिया था। इसके बाद देर रात दो बजे के करीब बेसुध होने पर सभी को मौत के घाट उतार दिया। पड़ोसियों के अनुसार सुखविंद्र सिंह ने सुबह छह बजे खिड़की से दूध लिया और पड़ोसी को खुरपा भी दिया था। उसके बाद ही सुखविंद्र ने फंदा लगाया, हालांकि मौत के असल कारणों और समय का पता बिसरा रिपोर्ट से ही लगेगा।
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दादा जगीर सिंह से सुखविंद्र के पिता को मिली थी नंबरदारी
गांव बलाना में नंबरदार परिवार का अच्छा रसूख है। सुखविंद्र के दादा जगीर सिंह नंबरदार थे, उसके बाद यह जिम्मा सुखविंद्र सिंह के पिता संगत राम को मिला था। संगत राम कुल पांच भाई हैं, जिसमें से तीन भाई बलाना में ही रहते हैं और एक बड़ा भाई पिंजौर में रहता है। नंबरदार के साथ संगत राम जूतों की कंपनी में बतौर ठेकेदार थे और पहले यह कंपनी बलाना गांव में ही थी। उसके बाद दुर्गा नगर नसीरपुर के पास चली गई थी। पिता कंपनी में भी जाया करते थे।
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