फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Teams will monitor the railway bridges and inform DRM if water level rises

Ambala News: रेल पुलों की निगरानी करेंगी टीम, जलस्तर बढ़ने पर देंगे डीआरएम को सूचना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2024 10:28 PM IST
विज्ञापन
Teams will monitor the railway bridges and inform DRM if water level rises
अंबाला। मानसून की आहट होते ही रेलवे पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इसलिए नदी पर बने रेल पुलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन

इसके लिए मंडल रेल प्रबंधक ने टीमों का गठन करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं, जिससे कि तुरंत प्रभाव से कार्य शुरू किया जा सके।
डीआरएम के निर्देश मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने पांच टीमों का गठन करके उन्हें रेल पुलों की निगरानी के आदेश जारी किए हैं। वहीं, इन पुलों की रेल लाइनों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि अगर नदी का जलस्तर बढ़ता है तो तुरंत इसकी जानकारी डीआरएम सहित विभागीय अधिकारियों को देंगे, जिससे कि ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को लेकर आगामी कार्यवाही की जा सके।
विज्ञापन

टांगरी और मारकंडा नदी पर हैं अहम पुल
अंबाला रेल मंडल के अधीन अंबाला-दिल्ली और अंबाला-सहारनपुर सेक्शन पर छोटे-बड़े लगभग 20 से अधिक रेल पुल हैं। लेकिन मोहड़ा और दुखेड़ी के पास दो अहम पुल हैं जो ट्रेनों के संचालन को लेकर बहुत उपयोगी हैं। इन्हीं के नीचे से टांगरी और मारकंडा नदी बहती है जोकि पहाड़ों पर होने वाली बारिश पर निर्भर करती है। जैसे ही पहाड़ों से पानी छोड़ा जाता है तो दोनों नदियां रौद्र रूप धारण कर लेती हैं। इससे रेल पुलों को भी खतरा पैदा हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किनारे किए जा रहे दुरुस्त
रेल पुलों को मजबूती प्रदान करने के लिए दोनों किनारों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे कि कालका-शिमला सेक्शन पर जिस प्रकार पुल नंबर 100 में दरार आ गई थी, वैसी स्थिति अंबाला में न हो। इसे देखते हुए किनारों को मजबूत करने की प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है।
पिछली बार झेलनी पड़ी थी मुसीबत
पिछले वर्ष जुलाई माह में बारिश के दौरान ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया था क्योंकि दुखेड़ी के नजदीक टांगरी नदी में पानी का जलस्तर काफी बढ़ गया था जोकि रेल पुल तक पहुंच गया था। इसलिए ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा था। हालांकि इस बार सिंचाई विभाग ने रेल पुल के नीचे से काफी मिट्टी व रेत बाहर निकाल दिया है तो उम्मीद जताई गई है कि पिछली बार की तरह इस बार रेल पुल के नीचे जलभराव की समस्या नहीं आएगी।
दूसरे मंडल अपना रहे आधुनिक तकनीक
आने वाले दिनों में संभावित बाढ़ के दौरान रेलवे के पुलों से ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से हो, इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने ऑनलाइन मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। इन पुलों पर सेंसर लगाए गए हैं ताकि किसी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ता है तो अधिकारियों तक इसकी सूचना पहुंच जाए। नैनी स्थित यमुना ब्रिज समेत जोन के 20 बड़े ऐसे पुल चिह्नित किए गए हैं, जहां जलस्तर बढ़ने के बाद ट्रेनों को कॉशन पर चलाया जा सकता है।

वर्जन
मानसून को देखते हुए रेल पुलों की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों की निगरानी में टीमें तैनात की गई हैं जोकि टांगरी और मारकंडा नदी के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में ट्रेनों के संचालन को लेकर योजना तैयार की जा सके। वहीं रेल पुलों पर सेंसर लगाने को लेकर अभी कोई योजना नहीं है।
मंदीप सिंह, डीआरएम अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed