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Ambala News: अनोखे प्रयोग से बुजुर्गों का सहारा बनी तमन्ना तो अत्यधिक हॉर्न बजाने वालों को ठीक करेंगे प्रभजोत
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छात्रा तमन्ना जिला शिक्षाधिकारी सुधीर कालड़ा को अपना प्रोजेक्ट दिखाती हुईं। विभाग
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। इंसपायर मानक अवाॅर्ड योजना में अंबाला के सरकारी स्कूलों के दो बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर अवाॅर्ड हासिल किया है। इसमें 12वीं की छात्रा तमन्ना ने एक ऐसा छाता बनाया जो बुजुर्गों के लिए है। यह छाता और लाठी दोनों का काम करेगा। वहीं दूसरे छात्र प्रभजोत सिंह ने गाड़ियों में अत्यधिक हॉर्न बजाने वालों की आदत दूर करने के लिए प्रोजेक्ट बनाया है।
उनका बनाया सिस्टम में अगर कोई अत्यधिक हॉर्न बजाता है तो कुछ देर के लिए उसके हॉर्न को स्लीप मोड में डाल देता है। अगर बार-बार वाहन चालक ऐसी हरकत करता है तो उसका चालान भी कट सकेगा। इन विद्यार्थियों के इन अभिनव प्रयोगों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है। दोनों ही विद्यार्थियों को 12 अक्तूबर को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित कार्यक्रम में अपने प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का मौका मिलेगा।
जिले को यह वर्ष 2014 से योजना शुरू होने के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का मौका मिला है। इससे पहले दोनों विद्यार्थियों को जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने कार्यालय पर बुलाकर मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने उनके शिक्षकों को इसमें सुधार के निर्देश दिए थे। इन परियोजनाओं में छात्रा तमन्ना के मार्गदर्शक रसायन शास्त्र पीजीटी प्रवीण ढाका और प्रभजोत के विज्ञान अध्यापक कमलजीत सिंह बने।
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आईआईटी दिल्ली में भी हुई तारीफ
डीईओ सुधीर कालडा ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से संचालित इंसपायर मानक अवार्ड योजना छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देती है। इस प्रतिष्ठित योजना के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलहेड़ी गुजरान (साहा) की 12वीं कक्षा की छात्रा तमन्ना ने सहारा अंबरेला फॉर एल्डर्स पीपल नाम से प्रोजेक्ट तैयार किया। वहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बोह की छात्रा प्रभजोत के अभिनव प्रोजेक्ट्स का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ है, जिससे पूरे जिले का मान बढ़ा है। दोनों ही प्रोजेक्ट को आईआईटी दिल्ली में सराहना मिली।
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सुपर-40 में 60 बच्चों को बुलाया
इसके अलावा, सुपर-40 कार्यक्रम के तहत जिले में कुल 1,567 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से शीर्ष 60 बच्चों को ओरिएंटेशन के लिए आमंत्रित किया गया। इनमें से 33 मेधावी बच्चों और उनके अभिभावकों ने सुपर-40 के अगले चरण में भाग लेने की सहमति दी है। जिला सचिवालय में उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में क्रियान्वयन की जा रही शैक्षणिक गतिविधियों और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक भी आयोजित की।
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उल्लास योजना में हासिल किया प्रदेशभर में प्रथम स्थान
जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालडा ने बैठक में उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी उल्लास योजना के तहत 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षर वयस्कों व बुजुर्गों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान प्रदान किया जाता है। अंबाला जिला को इस योजना के तहत 34,636 निरक्षर लोगों को पंजीकृत करने का लक्ष्य सौंपा गया था, जो सितंबर 2026 तक 35,172 लोगों को पंजीकृत कर अपीयर कराया गया। इस उपलब्धि के साथ अंबाला ने उल्लास योजना क्रियान्वयन में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
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अंबाला सिटी। इंसपायर मानक अवाॅर्ड योजना में अंबाला के सरकारी स्कूलों के दो बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर अवाॅर्ड हासिल किया है। इसमें 12वीं की छात्रा तमन्ना ने एक ऐसा छाता बनाया जो बुजुर्गों के लिए है। यह छाता और लाठी दोनों का काम करेगा। वहीं दूसरे छात्र प्रभजोत सिंह ने गाड़ियों में अत्यधिक हॉर्न बजाने वालों की आदत दूर करने के लिए प्रोजेक्ट बनाया है।
उनका बनाया सिस्टम में अगर कोई अत्यधिक हॉर्न बजाता है तो कुछ देर के लिए उसके हॉर्न को स्लीप मोड में डाल देता है। अगर बार-बार वाहन चालक ऐसी हरकत करता है तो उसका चालान भी कट सकेगा। इन विद्यार्थियों के इन अभिनव प्रयोगों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है। दोनों ही विद्यार्थियों को 12 अक्तूबर को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित कार्यक्रम में अपने प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का मौका मिलेगा।
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जिले को यह वर्ष 2014 से योजना शुरू होने के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का मौका मिला है। इससे पहले दोनों विद्यार्थियों को जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने कार्यालय पर बुलाकर मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने उनके शिक्षकों को इसमें सुधार के निर्देश दिए थे। इन परियोजनाओं में छात्रा तमन्ना के मार्गदर्शक रसायन शास्त्र पीजीटी प्रवीण ढाका और प्रभजोत के विज्ञान अध्यापक कमलजीत सिंह बने।
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आईआईटी दिल्ली में भी हुई तारीफ
डीईओ सुधीर कालडा ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से संचालित इंसपायर मानक अवार्ड योजना छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देती है। इस प्रतिष्ठित योजना के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलहेड़ी गुजरान (साहा) की 12वीं कक्षा की छात्रा तमन्ना ने सहारा अंबरेला फॉर एल्डर्स पीपल नाम से प्रोजेक्ट तैयार किया। वहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बोह की छात्रा प्रभजोत के अभिनव प्रोजेक्ट्स का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ है, जिससे पूरे जिले का मान बढ़ा है। दोनों ही प्रोजेक्ट को आईआईटी दिल्ली में सराहना मिली।
सुपर-40 में 60 बच्चों को बुलाया
इसके अलावा, सुपर-40 कार्यक्रम के तहत जिले में कुल 1,567 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से शीर्ष 60 बच्चों को ओरिएंटेशन के लिए आमंत्रित किया गया। इनमें से 33 मेधावी बच्चों और उनके अभिभावकों ने सुपर-40 के अगले चरण में भाग लेने की सहमति दी है। जिला सचिवालय में उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में क्रियान्वयन की जा रही शैक्षणिक गतिविधियों और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक भी आयोजित की।
उल्लास योजना में हासिल किया प्रदेशभर में प्रथम स्थान
जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालडा ने बैठक में उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी उल्लास योजना के तहत 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षर वयस्कों व बुजुर्गों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान प्रदान किया जाता है। अंबाला जिला को इस योजना के तहत 34,636 निरक्षर लोगों को पंजीकृत करने का लक्ष्य सौंपा गया था, जो सितंबर 2026 तक 35,172 लोगों को पंजीकृत कर अपीयर कराया गया। इस उपलब्धि के साथ अंबाला ने उल्लास योजना क्रियान्वयन में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

छात्रा तमन्ना जिला शिक्षाधिकारी सुधीर कालड़ा को अपना प्रोजेक्ट दिखाती हुईं। विभाग

छात्रा तमन्ना जिला शिक्षाधिकारी सुधीर कालड़ा को अपना प्रोजेक्ट दिखाती हुईं। विभाग