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एक नहीं दो सुसाइड नोट ने उलझाई आढ़ती मदन लाल जिंदल आत्महत्या की गुत्थी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 01:39 AM IST
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suicide matter
दो पेज वाले सुसाइड नोट का पहला पेज। - फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। शुभम राइस मिल संचालक एवं आढ़ती मदन लाल जिंदल की आत्महत्या की गुत्थी उलझ गई है। अब इस गुत्थी को सुलझाने में पुलिस के पसीने छूटने तय हैं। क्योंकि एक नहीं बल्कि दो सुसाइड नोट पुलिस को बरामद हुए हैं और अब यही पुलिस को किसी दूसरी अनहोनी की तरफ इशारा कर रहे हैं। वहीं हैफेड के डीएम जिनपर 10 लाख रुपये रिश्चत मांगने के आरोप परिजनों ने लगाए हैं और सुसाइड नोट में जिस विकास देसवाल का नाम लिखा गया है उनका अंबाला से तबादला कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपी हैफेड डीएम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही। जबकि उनकी वजह से ही मदन लाल जिंदल ने आत्महत्या की।
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कैसे पता चला अलमारी में रखा है सुसाइड नोट
आढ़ती मदन लाल जिंदल की आत्महत्या की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो मौके पर लोगों ने पुलिस को बताया कि सुसाइड नोट अलमारी में रखा है? हालांकि अलमारी खुद पुलिस ने खोली और सुसाइड नोट वहीं से मिला। अब सवाल यह है कि पुलिस तफ्तीश से पहले मौके पर मौजूद लोगों को कैसे पता चला कि सुसाइड नोट अलमारी में रखा है।
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क्या है दोनों प्रेस नोट में अंतर
हैरत की बात यह है कि दोनों प्रेस नोट फोल्ड तक नहीं हुए। बेहद साफ सुथरे हैं जैसे मौके पर ही लिखे गए हों। एक सुसाइड नोट में डीएम हैफेड के नाम जोकि अंग्रेजी में लिखा गया हैं में विकास देसवाल लिखा गया है जबकि दूसरे में विकाश देशवाल यानी स्पेलिंग का अंतर है। इसी तरह दोनों सुसाइड नोट में लिखे गए मील के शब्दों की बनावट में भी अंतर नजर आ रहा है। इतना ही नहीं परमिशन की स्पेलिंग भी दोनों प्रेस नोट में अलग-अलग है। एक सुसाइड नोट फ्लो में लिखा नजर आ रहा है जबकि दूसरा सुसाइड नोट देखकर ऐसा लग रहा है कि पहले वाले की कापी करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा भी दोनों सुसाइड नोट की शब्दावली में थोड़ा अंतर जरूर है।
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डीएसपी को दिया था दूसरा लेटर
मृतक मदन लाल के भतीजे अजय ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि मदन लाल ने फांसी ले ली है तब उनके पास पहुंचे थे। उनकी जेब से एक कागज दिखाई दे रहा था। जब इसे निकालकर देखा गया तो वह सुसाइड नोट था। उन्होंने इसीलिए इसे अपने पास रख लिया था कि जो भी बड़ा अधिकारी आएगा उसे दे देंगे। जब डीएसपी सुल्तान सिंह आए तो उन्हें वह सुसाइड नोट दे दिया गया जबकि एक सुसाइड नोट पुलिस को अलमारी से छानबीन के दौरान मिला था।

दोनों सुसाइड नोट की जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा मदन लाल के बैंक अकाउंट से भी उनके हस्ताक्षरों को मिलान किया जाएगा। पुलिस इस मामले में उनकी मिल में जाकर भी जांच करेगी। बिसरा रिपोर्ट का भी इंतजार किया जाए रहा है।
-रामकुमार, इंस्पेक्टर शहर थाना।

एक पेज वाला सुसाइड नोट

एक पेज वाला सुसाइड नोट- फोटो : Ambala

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