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Ambala News: नहीं रहे समाजसेवी, अमरनाथ में 23 साल से चढ़ा रहे थे चांदी की छड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Aug 2023 01:27 AM IST
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Social worker is no more, was offering silver rod in Amarnath for 23 years
राजिंद्र पाल सिंह मिन्नी की फाइल फोटो
अंबाला। पिछले 23 सालों से अमरनाथ गुफा में हर साल यात्रा शुरू होने से पहले चांदी की छड़ चढ़ाने की अनूठी परंपरा को निभाने वाले 60 वर्षीय राजिंद्र पाल सिंह मिन्नी का निधन हाे गया। शनिवार सुबह शनिदेव मंदिर में माथा टेकने के दौरान उनकी हृदय गति रुक गई।
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अनूठी आस्था के साथ-साथ समाजसेवा के लिए चर्चा में रहने वाले नया मोहल्ला निवासी राजिंद्र पाल सिंह के देहांत के बाद शोक की लहर दौड़ पड़ी। रामबाग में उनका अंतिम संस्कार हुआ और इसमें अन्य लोगों के अलावा गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी पहुंचे। इस मौके पर आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा सरवारा, इनेलो नेता ओंकार सिंह और अन्य दलों के लोग भी शामिल हुए।
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बता दें कि राजिंद्र पाल सिंह उर्फ मिन्नी एक कारोबारी के साथ-साथ समाजसेवी भी थे। 2001 में पहली बार छड़ चढ़ाने का निर्णय लिया था और इस यात्रा के दौरान भी अपनी परंपरा को निभाया था। अभी तक वह श्मशान में सैकड़ों लोगों का अंतिम संस्कार करा चुके हैं और जरूरतमंद कन्याओं की शादी में भी मदद करते थे।
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छड़ चढ़ाने की अभिलाषा रह गई अधूरी

अमरनाथ यात्रा में उनके साथ जाने वाले राजीव और अन्य ने बताया कि पहली बार 2023 में राजिंद्र पाल मिन्नी और वह अमरनाथ यात्रा के बाद वहां से सीधा बुड्ढा अमरनाथ मंदिर गए थे। जोकि जम्मू से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर है। उनकी इच्छा थी कि यहां भी वह चांदी की छड़ी चढ़ाएंगे और दिसंबर में आने की बात कहीं थी। यहां तक कि छड़ी बनाने का ऑर्डर भी दे दिया था। उससे पहले ही उनका देहांत हो गया। ऐसे में अब समाजसेवी दोस्तों ने मिलकर उनकी अंतिम इच्छा पूरी करने की ठानी है। इसके अलावा राजिंद्र पाल समय-समय पर भंडारे लगाते थे और रोजाना सुबह पटेल पार्क शिव मंदिर, बीडी फ्लोर मिल के भीतर शिव मंदिर और शनिदेव मंदिर में जाते थे और दूध चढ़ाते थे। हर माह हजारों रुपये का दूध चढ़ाते थे।

राजिंद्र पाल सिंह मिन्नी की फाइल फोटो

राजिंद्र पाल सिंह मिन्नी की फाइल फोटो

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