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Ambala News: पार्षदों को झटका, मुख्यालय ने 16 करोड़ का प्रस्ताव किया खारिज
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अंबाला। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने छावनी के 32 वार्डों के विकास के लिए मांगे गए 16 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। छावनी में नगर परिषद के चुनाव के बाद अध्यक्ष ने सभी वार्डों में विकास कार्य कराने के लिए इस धनराशि की मांग की थी।
इसमें तय किया गया था कि प्रत्येक वार्ड के पार्षद के द्वारा अनुमोदित विकास कार्यों पर 50 लाख रुपये खर्च जाएंगे। इसके लिए मुख्यालय से बजट मांगा गया था। मुख्यालय ने बजट देने के बजाय नगर परिषद को नसीहत दे दी कि वह खुद के प्रबंधन से फंड जुटाएं। इससे पार्षदों में रोष बढ़ गया है।
मुख्यालय स्तर पर भेजे प्रस्ताव के एवज में उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि नगर परिषद अपने स्तर पर फंड का जुटाएं। इस संबंध में वित्तीय कमेटी की बैठक में संबंधित वार्ड पार्षदों से सुझाव मांगे गए हैं ताकि नप के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। हालांकि यह कमी संपत्ति कर की प्राप्ति से हो सकती है क्योंकि लगभग पांच करोड़ रुपये का संपत्ति कर छावनी के निवासियों पर लंबित है।
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कई विकास कार्य लंबित : छावनी के 32 वार्डों में लंबित विकास कार्याें को पूरा करने के लिए पार्षदों की तरफ से लिखित में जानकारी दी गई जोकि लगभग 200 के करीब हैं। इनमें गलियों व नालियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइटें और वार्ड स्तर पर डस्टबिन आदि उपलब्ध करवाए जाने थे। लेकिन अब उन्हें नए सिरे से जरूरी कार्याें की सूची को तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाउस की बैठक में उठेगा मुद्दा : नगर परिषद के वार्ड नंबर 29 के पार्षद सुधीर जयसवाल और वार्ड 14 के पार्षद हरमिंदर हीरा ने बताया कि 50 लाख रुपये के विकास कार्याें का बखान जोरों-शोरों से तो किया गया, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाया। इस कारण उनके द्वारा दी गई विकास कार्याें की सूची पर काम नहीं हो पाया। वहीं इस मुद्दे को लेकर भी कुछ पार्षद लामबंद होते नजर आ रहे हैं और 11 जुलाई को होने वाली बैठक में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बन सकता है।
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इसमें तय किया गया था कि प्रत्येक वार्ड के पार्षद के द्वारा अनुमोदित विकास कार्यों पर 50 लाख रुपये खर्च जाएंगे। इसके लिए मुख्यालय से बजट मांगा गया था। मुख्यालय ने बजट देने के बजाय नगर परिषद को नसीहत दे दी कि वह खुद के प्रबंधन से फंड जुटाएं। इससे पार्षदों में रोष बढ़ गया है।
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मुख्यालय स्तर पर भेजे प्रस्ताव के एवज में उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि नगर परिषद अपने स्तर पर फंड का जुटाएं। इस संबंध में वित्तीय कमेटी की बैठक में संबंधित वार्ड पार्षदों से सुझाव मांगे गए हैं ताकि नप के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। हालांकि यह कमी संपत्ति कर की प्राप्ति से हो सकती है क्योंकि लगभग पांच करोड़ रुपये का संपत्ति कर छावनी के निवासियों पर लंबित है।
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कई विकास कार्य लंबित : छावनी के 32 वार्डों में लंबित विकास कार्याें को पूरा करने के लिए पार्षदों की तरफ से लिखित में जानकारी दी गई जोकि लगभग 200 के करीब हैं। इनमें गलियों व नालियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइटें और वार्ड स्तर पर डस्टबिन आदि उपलब्ध करवाए जाने थे। लेकिन अब उन्हें नए सिरे से जरूरी कार्याें की सूची को तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाउस की बैठक में उठेगा मुद्दा : नगर परिषद के वार्ड नंबर 29 के पार्षद सुधीर जयसवाल और वार्ड 14 के पार्षद हरमिंदर हीरा ने बताया कि 50 लाख रुपये के विकास कार्याें का बखान जोरों-शोरों से तो किया गया, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाया। इस कारण उनके द्वारा दी गई विकास कार्याें की सूची पर काम नहीं हो पाया। वहीं इस मुद्दे को लेकर भी कुछ पार्षद लामबंद होते नजर आ रहे हैं और 11 जुलाई को होने वाली बैठक में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बन सकता है।