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Ambala News: शंभू बॉर्डर बंद, गंभीर मरीजों के प्राण हलक मेंं
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अंबाला सिटी। बाजार के बाद शंभू सीमा के कारण अब स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। अंबाला के नागरिक अस्पतालों से रेफर होने वाले मरीजों को पहले पीजीआई और 32 पहुंचने के लिए जहां 45 से 50 मिनट लगते थे। वहीं, अब यह समय बढ़कर एक घंटा 30 मिनट तक हो गया है।
पंजाब जाने के लिए वाहनों को चंडीगढ़ रोड से होकर ही जाना पड़ रहा है। ऐसे में सड़क पर कई बार जाम की स्थिती बन जाती है। इससे एंबुलेंस भी सही समय पर नहीं पहुंच पाती। कई बार जो उपचार में भी देरी हो जाती है। अंबाला सिटी से रोजाना पांच से छह मरीज रेफर किए जाते हैं। इसके लिए एक एंबुलेंस को चंडीगढ़ तक के दो से तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं।
लेना पड़ता है वैकल्पिक मार्ग ः चंडीगढ़ जाते समय सबसे अधिक परेशानी लालड़ू और डेराबसी में होती है। यहां पर पंजाब की ओर जाने वाले वाहनों के कारण जाम लगा रहता है। इसके साथ ही जगह- जगह बन रहे ओवरब्रिज के कारण भी रास्ता बहुत ही संकरा हो गया है। यहां से निकलने में ही 15 से 20 मिनट लग जाते हैं। इसलिए एंबुलेंस चालकों को बरवाला के रास्ते ही जीरकपुर-चंडीगढ़ मार्ग तक पहुंचना पड़ता है।
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पंजाब जाने के लिए वाहनों को चंडीगढ़ रोड से होकर ही जाना पड़ रहा है। ऐसे में सड़क पर कई बार जाम की स्थिती बन जाती है। इससे एंबुलेंस भी सही समय पर नहीं पहुंच पाती। कई बार जो उपचार में भी देरी हो जाती है। अंबाला सिटी से रोजाना पांच से छह मरीज रेफर किए जाते हैं। इसके लिए एक एंबुलेंस को चंडीगढ़ तक के दो से तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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लेना पड़ता है वैकल्पिक मार्ग ः चंडीगढ़ जाते समय सबसे अधिक परेशानी लालड़ू और डेराबसी में होती है। यहां पर पंजाब की ओर जाने वाले वाहनों के कारण जाम लगा रहता है। इसके साथ ही जगह- जगह बन रहे ओवरब्रिज के कारण भी रास्ता बहुत ही संकरा हो गया है। यहां से निकलने में ही 15 से 20 मिनट लग जाते हैं। इसलिए एंबुलेंस चालकों को बरवाला के रास्ते ही जीरकपुर-चंडीगढ़ मार्ग तक पहुंचना पड़ता है।
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