{"_id":"5ffdfccb8ebc3e31f35a744c","slug":"satisfied-with-gymnastics-and-badminton-due-to-incomplete-construction-of-swimming-pool-sought-plan-b-ambala-news-knl574712199","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिम्नास्टिक और बैडमिंटन से संतुष्ट, स्वीमिंग पूल के अधूरे निर्माण के चलते मांगा प्लान-बी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिम्नास्टिक और बैडमिंटन से संतुष्ट, स्वीमिंग पूल के अधूरे निर्माण के चलते मांगा प्लान-बी
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स के तहत अंबाला में जिम्नास्टिक और बैडमिंटन प्रतियोगिताएं हो सकती हो, लेकिन अधूरा पड़ा स्वीमिंग पूल और फुटबॉल के लिए टर्फ मैदान मार्च तक पूरा नहीं हुआ तो यह प्रतियोगिताएं अंबाला से छीन सकती है। मंगलवार खेलों इंडिया यूथ गेम्स की तिथि निर्धारित करने से पहले अंबाला वार हीरोज स्टेडियम पहुंची स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी साईं की टीम ने विभाग की नब्ज टटोली। टीम ने अधूरे पड़े निर्माण कार्य को मार्च तक पूरा कर दिखाने के लिए कहा, जबकि फुटबॉल मैच करवाने के लिए साईं टीम ने चार मैदान के बारे में पूछा लेकिन डिप्टी डायरेक्टर अरूणकांत ने महज दो मैदान की व्यवस्था ही होने की बात बोली और उसमें से भी स्टेडियम वाला टर्फ मैदान तो दूसरा अंबाला शहर के सेक्टर-10 स्थित घास का मैदान बोला।
इस पर टीम के अंदर शामिल जीटीसीसी के चेयरपर्सन राजिंद्र सिंह ने साफ तौर पर बोल दिया था कि चारों मैदान घास के हो या फिर टर्फ के। बिना उसके अनुमति मिलना मुश्किल हो जाएगा। ऐेसे में अधिकारी बाद में बात करने की बात बोलते हुए मामला संभालते हुए नजर आए। वहीं, स्वीमिंग पुल के अधूरे काम को लेकर चर्चा करते हुए राजिंद्र सिंह ने विभाग से प्लान बी मांग लिया। उनका कहना था कि अगर किसी तरह से स्वीमिंग पुल पूरा नहीं होता है तो दूसरा क्या विकल्प रहेगा। ऐसे में अधिकारियों सहित निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी ने प्लान-ए को ही पूरा करने की बात कही और कहा कि प्लान-बी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इस तरह टीम स्वीमिंग और फुटबॉल प्रतियोगिता अंबाला में करवाने को लेकर थोड़ी असंतुष्ट दिखी। हालांकि स्टेडियम को देखकर टीम ने प्रसन्नता जताई और इसे शानदार भी बताया।
फुटबॉल प्रतियोगिता हाथ से जाते देख उतरे चेहरे
साईं टीम के अंदर खेलो इंडिया के सीनियर डायरेक्टर सत्य नारायणगढ़ मीना, जीटीसीसी के चेयरपर्सन राजिंद्र सिंह, एडी सिद्धार्थ मिश्रा सहित 9 अधिकारी शामिल थे। अंबाला स्टेडियम के अंदर दाखिल होते ही उनका खेल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अरूणकांत ने डीएसओ एन सत्यन और अन्य कोच के संग मिलकर गुलाब देकर स्वागत किया लेकिन करीब एक घंटे के निरीक्षण के बाद टीम के जाते समय अंबाला खेल विभाग अधिकारियों के चेहरे उतर गए। फुटबॉल मैदान को लेकर काफी चर्चा की। उधर, टीम सुभाष पार्क के पास बने बैडमिंटन हॉल देखने के लिए गई तो वहां उन्हें रोशनी की काफी कमी दिखी और उन्हें जल्द से जल्द व्यवस्था करने की बात कही, जबकि जिम्नास्टिक हॉल देखकर तो टीम संतुष्ट थी, लेकिन उसका वार्मअप हॉल ही न देखकर नाराजगी जताई और जल्द बनाने को कहा।
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117 पहुंचा स्टेडियम का बजट, 31 करोड़ अभी पास नहीं
साईं की टीम ने जब फुटबॉल और एथलेटिक्स मैदान में देरी होने का कारण पूछा तो निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों ने अभी बढ़ा हुआ बजट पास न होने की बात रखी। टीम ने कहा कि फिर तो काम रुक जाएगा, लेकिन एजेंसी अधिकारी बोले कि वह काम नहीं रुकने देंगे, 20-25 करोड़ का बजट वह खुद भी लेकर चलते हैं। इस पर डीएसओ एन सत्यन ने बताया कि पहले स्टेडियम का बजट 86 करोड़ था उसे बढ़ाकर 117 करोड़ कर दिया। काफी कुछ नया जुड़ने के कारण बजट बढ़ गया था तो राशि बढ़ गई। खेल विभाग ने अभी पास नहीं किया वो जल्द हो जाएगा।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स से पहले वह महज निरीक्षण करने आए थे कि तैयारियां कैसी है। जहां-जहां गेम्स होंगी वहां जाने के बाद वह स्पोर्ट्स अथॉरिटी के आलाधिकारियों से चर्चा करेंगे।
- सत्य नारायण मीना, सीनियर डायरेक्टर खेलो इंडिया
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इस पर टीम के अंदर शामिल जीटीसीसी के चेयरपर्सन राजिंद्र सिंह ने साफ तौर पर बोल दिया था कि चारों मैदान घास के हो या फिर टर्फ के। बिना उसके अनुमति मिलना मुश्किल हो जाएगा। ऐेसे में अधिकारी बाद में बात करने की बात बोलते हुए मामला संभालते हुए नजर आए। वहीं, स्वीमिंग पुल के अधूरे काम को लेकर चर्चा करते हुए राजिंद्र सिंह ने विभाग से प्लान बी मांग लिया। उनका कहना था कि अगर किसी तरह से स्वीमिंग पुल पूरा नहीं होता है तो दूसरा क्या विकल्प रहेगा। ऐसे में अधिकारियों सहित निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी ने प्लान-ए को ही पूरा करने की बात कही और कहा कि प्लान-बी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इस तरह टीम स्वीमिंग और फुटबॉल प्रतियोगिता अंबाला में करवाने को लेकर थोड़ी असंतुष्ट दिखी। हालांकि स्टेडियम को देखकर टीम ने प्रसन्नता जताई और इसे शानदार भी बताया।
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फुटबॉल प्रतियोगिता हाथ से जाते देख उतरे चेहरे
साईं टीम के अंदर खेलो इंडिया के सीनियर डायरेक्टर सत्य नारायणगढ़ मीना, जीटीसीसी के चेयरपर्सन राजिंद्र सिंह, एडी सिद्धार्थ मिश्रा सहित 9 अधिकारी शामिल थे। अंबाला स्टेडियम के अंदर दाखिल होते ही उनका खेल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अरूणकांत ने डीएसओ एन सत्यन और अन्य कोच के संग मिलकर गुलाब देकर स्वागत किया लेकिन करीब एक घंटे के निरीक्षण के बाद टीम के जाते समय अंबाला खेल विभाग अधिकारियों के चेहरे उतर गए। फुटबॉल मैदान को लेकर काफी चर्चा की। उधर, टीम सुभाष पार्क के पास बने बैडमिंटन हॉल देखने के लिए गई तो वहां उन्हें रोशनी की काफी कमी दिखी और उन्हें जल्द से जल्द व्यवस्था करने की बात कही, जबकि जिम्नास्टिक हॉल देखकर तो टीम संतुष्ट थी, लेकिन उसका वार्मअप हॉल ही न देखकर नाराजगी जताई और जल्द बनाने को कहा।
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117 पहुंचा स्टेडियम का बजट, 31 करोड़ अभी पास नहीं
साईं की टीम ने जब फुटबॉल और एथलेटिक्स मैदान में देरी होने का कारण पूछा तो निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों ने अभी बढ़ा हुआ बजट पास न होने की बात रखी। टीम ने कहा कि फिर तो काम रुक जाएगा, लेकिन एजेंसी अधिकारी बोले कि वह काम नहीं रुकने देंगे, 20-25 करोड़ का बजट वह खुद भी लेकर चलते हैं। इस पर डीएसओ एन सत्यन ने बताया कि पहले स्टेडियम का बजट 86 करोड़ था उसे बढ़ाकर 117 करोड़ कर दिया। काफी कुछ नया जुड़ने के कारण बजट बढ़ गया था तो राशि बढ़ गई। खेल विभाग ने अभी पास नहीं किया वो जल्द हो जाएगा।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स से पहले वह महज निरीक्षण करने आए थे कि तैयारियां कैसी है। जहां-जहां गेम्स होंगी वहां जाने के बाद वह स्पोर्ट्स अथॉरिटी के आलाधिकारियों से चर्चा करेंगे।
- सत्य नारायण मीना, सीनियर डायरेक्टर खेलो इंडिया