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Ambala News: धीन के पदकवीर सरबजोत का दिल्ली में हुआ स्वागत
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अंबाला। चीन में हांगझोऊ में आयोजित 19वीं एशियन गेम्स की शूटिंग में एक स्वर्ण और रजत पदक झटकने वाले बराड़ा के धीन गांव निवासी सरबजोत का लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ।
सरबजोत के परिजनों ने ढोल की थाप पर फूल मालाओं संग स्वागत किया और गले लगने के बाद मिठाई खिलाकर बधाई दी। उसके बाद सरबजोत को दिल्ली के एक सम्मान समारोह में भी सम्मानित किया।
तीन अक्तूबर की शाम को सरबजोत अंबाला पहुंचेगा। गांव में जोरदार स्वागत किया जाएगा और उसकी तैयारियां शुरू हो गई है। जबकि चार अक्तूबर को फीनिक्स क्लब की शूटिंग रेंज में भी कोच अभिषेक राणा की तरफ से सरबजोत का भव्य सम्मान
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समारोह होगा।
कोच अभिषेक ने बताया कि सरबजोत ने 2023 में कुल मिलाकर पांच मैडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए। इनमें तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया। महज 20 साल की उम्र में वह अभी तक कुल 25 मेडल हासिल कर चुका है। बता दें कि सरबजोत के पिता जतिंद्र किसान है। महज 9 साल की उम्र में सरबजोत ने स्कूल के आयोजित कैंप में निशाना लगाया था। उसके बाद 2016 में उसने शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उसके बाद एक के बाद एक प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कोविड के समय में संक्रमण का शिकार हो गया था बावजूद हिम्मत नहीं हारी। दोबारा शूटिंग में सटीक निशाना लगाया। पिता ने बताया कि करीब 50 किलोमीटर साइकिलिंग करता था।
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सरबजोत के परिजनों ने ढोल की थाप पर फूल मालाओं संग स्वागत किया और गले लगने के बाद मिठाई खिलाकर बधाई दी। उसके बाद सरबजोत को दिल्ली के एक सम्मान समारोह में भी सम्मानित किया।
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तीन अक्तूबर की शाम को सरबजोत अंबाला पहुंचेगा। गांव में जोरदार स्वागत किया जाएगा और उसकी तैयारियां शुरू हो गई है। जबकि चार अक्तूबर को फीनिक्स क्लब की शूटिंग रेंज में भी कोच अभिषेक राणा की तरफ से सरबजोत का भव्य सम्मान
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समारोह होगा।
कोच अभिषेक ने बताया कि सरबजोत ने 2023 में कुल मिलाकर पांच मैडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए। इनमें तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया। महज 20 साल की उम्र में वह अभी तक कुल 25 मेडल हासिल कर चुका है। बता दें कि सरबजोत के पिता जतिंद्र किसान है। महज 9 साल की उम्र में सरबजोत ने स्कूल के आयोजित कैंप में निशाना लगाया था। उसके बाद 2016 में उसने शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उसके बाद एक के बाद एक प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कोविड के समय में संक्रमण का शिकार हो गया था बावजूद हिम्मत नहीं हारी। दोबारा शूटिंग में सटीक निशाना लगाया। पिता ने बताया कि करीब 50 किलोमीटर साइकिलिंग करता था।