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Ambala News: सौ किमी साइकिल चला रूपेश दे रहे नशा मुक्ति का संदेश
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साइक्लिस्ट सेवानिवृत्त सारजेंट रूपेश कुमार, संवाद।
सुखबीर सिंह
अंबाला सिटी। अक्सर लोग नौकरी से सेवानिवृत होकर अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं या फिर अपने किसी शौक को पूरा करते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो लोगों के लिए प्रेरणा बनते हैं। ये समाज को अच्छा संदेश देने का काम करते हैं।
ऐसा ही कुछ शहर के प्रेम नगर के रहने वाले वायुसेना में सार्जेंट पद से सेवानिवृत्त रूपेश कुमार बाली कर रहे हैं। 53 वर्षीय रूपेश कुमार पिछले कई वर्षों से वे रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक भी कर रहें हैं।
रूपेश ने बताया कि उनकी इस मुहिम के साथ अब तक कई लोग जुड़ चुके हैं। वे भी इसी प्रकार साइकिल अभियान कर रहें हैं। इसके लिए उन्हें फ्रांस की कंपनी ओडेक्स इंडिया की ओर से सुपर रेंडियर का खिताब भी मिल चुका है।
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साइकिल चलाने का है शौक
रूपेश ने बताया कि वे वर्ष 1989 में वायु सेना में भर्ती हुए थे। नौकरी के दौरान ही उन्हें साइकिल चलाने का शौक था। वह अक्सर ही कई किलोमीटर तक साइकिल चलाते थे। वर्ष 2022 में वे सियाचिन से रिटायर होने के बाद उन्होंने इस शौक को मुहिम से जोड़ दिया और लोगों को एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने लग गए। उनका मानना है कि आज कल लोग दवाओं को भोजन की तरह ले रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार की कसरत से दवाओं से भी युवाओं को छुटकारा मिल सकता है।
हजारों किलोमीटर चला चुके है साइकिल
रूपेश ने बताया कि वे हर रोज 100 किलोमीटर तक साइकिल चलाते है। वर्ष 2022 में उन्होंने रोजाना 100 किलोमीटर तक साइकिल चलाने की शुरुआत की थी। 2022 में उन्होंने 36380 किलोमीटर साइकिल चलाई थी तो वहीं वर्ष 2023 में उन्होंने 36380 किलोमीटर साइकिल चलाई है।
साइकिल पर अयोध्या भी जाएंगे
रूपेश ने बताया कि वे रोजाना अलग अलग मार्ग का चुनाव करते है और अपने 100 किलोमीटर के लक्ष्य को पूरा करते हैं। वे अब तक पंजाब के अमृतसर, खटकड़कलां, हुसैनपुर बार्डर, ग्वालियर, सोनीपत, पानीपत, कसौली, मोरनी, धर्मपुर तक साइकिल यात्रा कर चुके हैं। अब वे अयोध्या जाने की तैयारी में है। फिलहाल उन्हें कमर में चोट लगी है। जैसे ही वे ठीक होंगे और मौसम साफ होगा तब वे अयोध्या की यात्रा पर निकल पड़ेंगे।
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अंबाला सिटी। अक्सर लोग नौकरी से सेवानिवृत होकर अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं या फिर अपने किसी शौक को पूरा करते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो लोगों के लिए प्रेरणा बनते हैं। ये समाज को अच्छा संदेश देने का काम करते हैं।
ऐसा ही कुछ शहर के प्रेम नगर के रहने वाले वायुसेना में सार्जेंट पद से सेवानिवृत्त रूपेश कुमार बाली कर रहे हैं। 53 वर्षीय रूपेश कुमार पिछले कई वर्षों से वे रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक भी कर रहें हैं।
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रूपेश ने बताया कि उनकी इस मुहिम के साथ अब तक कई लोग जुड़ चुके हैं। वे भी इसी प्रकार साइकिल अभियान कर रहें हैं। इसके लिए उन्हें फ्रांस की कंपनी ओडेक्स इंडिया की ओर से सुपर रेंडियर का खिताब भी मिल चुका है।
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साइकिल चलाने का है शौक
रूपेश ने बताया कि वे वर्ष 1989 में वायु सेना में भर्ती हुए थे। नौकरी के दौरान ही उन्हें साइकिल चलाने का शौक था। वह अक्सर ही कई किलोमीटर तक साइकिल चलाते थे। वर्ष 2022 में वे सियाचिन से रिटायर होने के बाद उन्होंने इस शौक को मुहिम से जोड़ दिया और लोगों को एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने लग गए। उनका मानना है कि आज कल लोग दवाओं को भोजन की तरह ले रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार की कसरत से दवाओं से भी युवाओं को छुटकारा मिल सकता है।
हजारों किलोमीटर चला चुके है साइकिल
रूपेश ने बताया कि वे हर रोज 100 किलोमीटर तक साइकिल चलाते है। वर्ष 2022 में उन्होंने रोजाना 100 किलोमीटर तक साइकिल चलाने की शुरुआत की थी। 2022 में उन्होंने 36380 किलोमीटर साइकिल चलाई थी तो वहीं वर्ष 2023 में उन्होंने 36380 किलोमीटर साइकिल चलाई है।
साइकिल पर अयोध्या भी जाएंगे
रूपेश ने बताया कि वे रोजाना अलग अलग मार्ग का चुनाव करते है और अपने 100 किलोमीटर के लक्ष्य को पूरा करते हैं। वे अब तक पंजाब के अमृतसर, खटकड़कलां, हुसैनपुर बार्डर, ग्वालियर, सोनीपत, पानीपत, कसौली, मोरनी, धर्मपुर तक साइकिल यात्रा कर चुके हैं। अब वे अयोध्या जाने की तैयारी में है। फिलहाल उन्हें कमर में चोट लगी है। जैसे ही वे ठीक होंगे और मौसम साफ होगा तब वे अयोध्या की यात्रा पर निकल पड़ेंगे।