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Ambala News: ड्राइवर फायर ब्रिगेड में, कंडक्टर नई बसों में तैनात होने से रोडवेज के रूट हो रहे प्रभावित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 01:20 AM IST
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Roadways routes are being disrupted as drivers are deployed to the Fire Brigade and conductors to the new buses.
अंबाला। अंबाला डिपो में दिन ब दिन रोडवेज कर्मचारियों की संख्या घट रही है। इस ओर रोडवेज अधिकारी ध्यान रहीं दे रहे हैं, यह कमी जनता के लिए सिरदर्दी बनने वाली है। हालात यह है कि आने वाले दिनों में डिपो के कई मार्ग बंद हो सकते हैं। यह हालात कर्मचारियों की कमी के कारण होंगे, इसके चलते रोडवेज बसों के लंबे और लोकल मार्ग पर फेरे भी घट गए हैं। पहले से ही 40 कर्मचारी ई बसों पर, 14 कर्मचारी दमकल विभाग पर लगा दिए गए हुए हैं। वहीं, अब महीने के अंत में आने वाली 10 ओर बसों पर भी कुछ परिचालकों को तैनात कर दिए जाएगा। ऐसे में डिपो में कर्मचारियों का टोटा पड़ेगा और बस का संचालन करना मुश्किल हो जाएगा।
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इलेक्ट्रिक बसों का बोझ, स्टाफ की कमी



अंबाला में वर्तमान में 15 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। इन बसों पर रोडवेज के 40 परिचालक दो शिफ्टों में डयूटी दे रहे हैं। अगले सप्ताह 10 और नई इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल होने वाली हैं। इन बसों को चलाने के लिए कम से कम 30 और परिचालकों की आवश्यकता होगी। पहले से ही स्टाफ की कमी झेल रहे डिपो के लिए इन कर्मचारियों का इंतजाम करना मुश्किल साबित हो रहा है।
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दमकल विभाग में तैनात किए चालक

एक ओर बसों के पहिए थमने की कगार पर हैं। वहीं, दूसरी ओर रोडवेज के 14 चालकों को दमकल विभाग की गाड़ियों पर तैनात कर दिया गया है। ये चालक अंबाला कैंट और सिटी के दमकल केंद्रों पर सेवाएं दे रहे हैं। विभाग की इस उधार वाली नीति के कारण डिपो की अपनी बसें स्टैंड पर खड़ी रहने को मजबूर हैं।
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150 कर्मचारियों की दरकार



अंबाला डिपो में कुल 178 बसें हैं, जिसमें 20 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए मात्र 220 चालक और 254 परिचालक ही उपलब्ध हैं। जबकि डिपो को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 150 से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों की तुरंत जरूरत है। स्टाफ न होने के कारण लंबी दूरी और लोकल रूटों पर बसों के फेरे पहले ही कम कर दिए गए हैं।





रूट बंद होने का खतरा

यदि नई 10 इलेक्ट्रिक बसों के लिए मौजूदा स्टाफ में से ही कर्मचारी निकाले गए, तो रोडवेज के कई लोकल रूट पूरी तरह बंद हो जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और दैनिक यात्रियों को निजी वाहनों या महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ेगा। अब देखना यह है कि रोडवेज प्रबंधन इस संकट से निपटने के लिए नई भर्ती करता है या जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।






अप्रैल महीने के अंत में 10 बसें आने वाली है। इन बसों पर करीब 30 परिचालकों की जरूरत होगी। ऐसे में कई मार्ग पर बंद होने की नौबत आ जाएगी, डिपो की ओर से विभाग को कई बार कर्मचारियों की कमी के बारे में पत्राचार किया गया है।

रमेश, सीआई, अंबाला डिपो।
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