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Ambala News: जल्द कॉरीडोर से जुड़ेगा राजपुरा-शंभू रेल लिंक
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अंबाला। 5500 करोड़ से तैयार डेडिकेटेड फ्रेट कॅारिडोर काॅरपोरेशन लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) परियोजना की अहम कड़ी राजपुरा-शंभू रेल लिंक होगा। जोकि जल्द ही कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।इससे अंबाला मंडल के अधीन पटियाला और बठिंडा रेल सेक्शन पर दौड़ने वाली मालगाड़ियों का संचालन कॉरिडोर पर किया जा सकेगा।
कॉरिडोर पर मालगाड़ियों के स्थानांतरित होती ही पटियाला और बठिंडा रेल सेक्शन पर यात्री ट्रेनों की गति भी बढ़ जाएगी। विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार कॉरिडोर के तहत राजपुरा और शंभू रेल लाइन को लिंक करने का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया था लेकिन उत्तर रेलवे की तरफ से यह कार्य लंबित था।
अब उत्तर रेलवे की तरफ से राजपुरा रेल यार्ड में इस योजना के तहत रीमॉडलिंग का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के पूरा होते ही उक्त रेलवे सेक्शनों पर दौड़ने वाली मालगाड़ियां अंबाला से साहनेवाल के कॉरिडोर सेक्शन पर स्थानांतरित हो जाएंगी।
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मानसून के दौरान डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर मालगाड़ियों की संख्या 20 से 25 तक रह गई है क्योंकि बारिश के कारण गेहूं और कोयले की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। ऐसे में मालगाड़ियों का संचालन भी आधा रह जाता है। प्राप्त जानकारी अनुसार मानसून से पहले कॉरिडोर पर 55 से 60 मालगाड़ियों का संचालन हो रहा था। कॉरिडोर पर 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है जोकि पहले 30 से 35 किमी की गति से होता था।
अंबाला मंडल के अधीन डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का निर्माण साहनेवाल से सहारनपुर के पिलखनी तक किया गया है। इस पर 5500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। लगभग 170 किमी सेक्शन पर मालगाड़ियों का संचालन 24 घंटे किया जा रहा है। रेल सेक्शन की निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सेक्शन पर रात के समय रेल इंजनों में औचक निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।
पटियाला और बठिंडा की तरफ से आने वाली मालगाड़ियों के लिए राजपुरा और शंभू के बीच रेल लिंक स्थापित किया जाएगा। यह कार्य 27 सितंबर से चार अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत राजपुरा रेल यार्ड की रिमॉॅडलिंग की जाएगी। इस सुविधा से मालगाड़ियों को कॉरिडोर के सेक्शन पर स्थानांतरित किया जाएगा और यात्री ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित नहीं होगा।
पंकज गुप्ता, महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला
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कॉरिडोर पर मालगाड़ियों के स्थानांतरित होती ही पटियाला और बठिंडा रेल सेक्शन पर यात्री ट्रेनों की गति भी बढ़ जाएगी। विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार कॉरिडोर के तहत राजपुरा और शंभू रेल लाइन को लिंक करने का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया था लेकिन उत्तर रेलवे की तरफ से यह कार्य लंबित था।
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अब उत्तर रेलवे की तरफ से राजपुरा रेल यार्ड में इस योजना के तहत रीमॉडलिंग का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के पूरा होते ही उक्त रेलवे सेक्शनों पर दौड़ने वाली मालगाड़ियां अंबाला से साहनेवाल के कॉरिडोर सेक्शन पर स्थानांतरित हो जाएंगी।
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मानसून के दौरान डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर मालगाड़ियों की संख्या 20 से 25 तक रह गई है क्योंकि बारिश के कारण गेहूं और कोयले की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। ऐसे में मालगाड़ियों का संचालन भी आधा रह जाता है। प्राप्त जानकारी अनुसार मानसून से पहले कॉरिडोर पर 55 से 60 मालगाड़ियों का संचालन हो रहा था। कॉरिडोर पर 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है जोकि पहले 30 से 35 किमी की गति से होता था।
अंबाला मंडल के अधीन डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का निर्माण साहनेवाल से सहारनपुर के पिलखनी तक किया गया है। इस पर 5500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। लगभग 170 किमी सेक्शन पर मालगाड़ियों का संचालन 24 घंटे किया जा रहा है। रेल सेक्शन की निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सेक्शन पर रात के समय रेल इंजनों में औचक निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।
पटियाला और बठिंडा की तरफ से आने वाली मालगाड़ियों के लिए राजपुरा और शंभू के बीच रेल लिंक स्थापित किया जाएगा। यह कार्य 27 सितंबर से चार अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत राजपुरा रेल यार्ड की रिमॉॅडलिंग की जाएगी। इस सुविधा से मालगाड़ियों को कॉरिडोर के सेक्शन पर स्थानांतरित किया जाएगा और यात्री ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित नहीं होगा।
पंकज गुप्ता, महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला