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पहाड़ों में बरसात, 9558 क्यूसेक पानी आने से टांगरी की जद में बसे लोगों की अटकी सांसें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 01:15 AM IST
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Rain in the mountains, 9558 cusecs of water coming in, people living in JD of Tangri stuck in their breath
अंबाला। पहाड़ों में हुई भारी बरसात के बाद छावनी की टांगरी नदी उफान पर आ गई। दोपहर दो बजे से पानी बढ़ना शुरू हुआ और पांच बजे तक नदी में 9582 क्यूसेक पानी आ गया। नदी के साथ कई अवैध कॉलोनियां बसी हुई हैं, कई घर इसी नदी के एकदम किनारे पर हैं। ऐसे में लोगों की सांसें अटकी रही। हालांकि, सिंचाई विभाग व नगर परिषद की टीम ने सुबह 11 बजे ही इलाके में मुनादी करवा दी थी। इसके बाद लोगों ने सामान समेटने शुरू कर दिया। अधिकतर जगह से बांध टूटने से पानी कॉलोनियों की तरफ आ गया। स्थिति यह बन गई कि घरों के बाहर पानी जमा हो गया। सिंचाई विभाग ने जेसीबी की मदद से बांध को बंद किया।
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टांगरी में पानी आने पर लोगों की नीदें उड़ गई। दरअसल, पहले भी टांगरी में पानी आने पर घरों में मार कर गया था। यहीं कारण था कि लोगों ने अपने-अपने परिवार से एक-एक व्यक्ति की ड्यूटी रात को जगने के लिए लगाई। टांगरी नदी के किनारे रहने वालों में जगदीश चंद, अमित, रजनी, जसपाल, राजू, मामचंद, संजीव कुमार, अमन, सुनीता, सोनिया, रीना, दिनेश, अमरजीत, रेखा, भानू, राहुल, आरती, संदीप शर्मा, विजय कुमारी, विधि चंद, नत्थूराम, शिव कुमार, रतन, राजेंद्र कुमार ने बताया कि पहले बांध होने के कारण बेफ्रिक थे, लेकिन बांध के पाइप से अचानक पानी आने पर वह घबरा गए। टांगरी नदी बरसाती नदी है और जब भी हिमाचल के कुछ क्षेत्रों में भारी बरसात होती है तो यह पानी नदी में आ जाता है।
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बांध से कॉलोनियों में घुसा पानी
टांगरी में शाम के समय जलस्तर बढ़ने पर कई जगह बांध ढह गया तो कहीं जगह बांध के भीतर कॉलोनियों के पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप से पानी घुस गया। लोगों ने जलभराव का खतरा बढ़ते देखकर सिंचाई विभाग को सूचित किया। यह काम रात के समय तक जारी रहा। सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एसडीओ आदि मौके पर पहुंच रहे।
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बेड के नीचे ईंटें लगाकर ऊपर उठाया
सिंकदर ने बताया कि वह पिछले छह साल से टांगरी के भीतर बनी कॉलोनी में रहता है। मुनादी होने के बाद वह तुरंत अपने घर में पहुंच गए। बेड के नीचे ईंटें लगाकर उसे ऊपर उठाया, ताकि पानी बढ़ता है तो सामान खराब न हो।
सिंचाई विभाग का बांध बना सुरक्षा कवच
अशोक ने बताया कि अबकी बार समय रहते घर पर पहुंचकर सामान को सुरक्षित कर दिया। सिंचाई विभाग की ओर से टांगरी के बीच में बनाया गया बांध काफी मददगार साबित रहा है। पानी ने कॉलोनी की तरफ भी मार नहीं की।
सूचना पर काम से लौटा घर
लखन ने बताया कि परिवार से सूचना मिली कि टांगरी में पानी आने वाला है। वह तुरंत घर पहुंचा और सामान को सुरक्षित कर दिया था। पहाड़ों में बरसात न हो बस यही उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि सारा पानी टांगरी नदी में आता है।
रात को सताता रहा डर
सन्नी ने बताया कि पिछली बार से पानी कम है इसलिए टेंशन नहीं है। रात के समय कहीं पानी मार न कर जाए इसका डर भी सता रहा है। एक व्यक्ति को रातभर पानी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने के लिए उठाया जाएगा।
बांध में लगे पाइप से हुआ जलभराव
रमेश ने बताया कि कॉलोनियों का पानी निकालने के लिए बांध के बीच बढ़े-बढ़े पाइप लगे हुए हैं। मुनादी तो करवा दी, लेकिन प्रशासन उन्हें बंद करवाना भूल गया। कुछ कॉलोनियों में इन्हीं पाइप से पानी घुस गया। बाद में उन्हें बंद कर दिया गया।

सुबह 11 बजे सूचना मिलने के बाद इलाके में मुनादी करवा दी गई थी। जिला प्रशासन को अलर्ट रहने का मैसेज पहुंचा दिया था। 9582 क्यूसेक पानी आया है। कई जगह से बांध के बावजूद पानी पाइप के जरिए कॉलोनियों में घुस गया। उसे समय रहते जेसीबी से बंद कर दिया था। अब पानी का जलस्तर नहीं बढ़ेगा, बल्कि पानी घटना शुरू हो जाएगा।
-जतिंद्र सिंह, जेई, सिंचाई विभाग
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