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Ambala News: एचएमआरएस पोर्टल के जरिए होगी रेलवे से जुड़े अदालती मामलों की निगरानी
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- रेलवे बोर्ड ने जारी किए आदेश,लापरवाही पर नपेंगे विभागीय अधिकारी
- महीनेवार पोर्टल पर दर्ज करनी होगी जानकारी ताकि तथ्यों के आधार पर कोर्ट में रख सकें अपना पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एचएमआरएस पोर्टल के जरिए रेलवे से जुड़े अदालती मामलों की निगरानी होगी। रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अदालती मामलों, विशेषकर अवमानना के मामलों की निगरानी की जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब इन सभी मामलों का डेटा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। रेलवे बोर्ड की कार्यकारी निदेशक (स्थापना) विनीता वर्मा ने यह आदेश जारी किया है।
सीधे बोर्ड करेगा निगरानी
ऐसे मामले जिनमें रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष (सीआरबी), सचिव या अन्य उच्चाधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। उनकी निगरानी अब सीधे बोर्ड स्तर पर की जाएगी। सभी इकाइयों को हर महीने की 5 तारीख तक अदालती मामलों की स्थिति एचआरएमएस पर अपडेट करनी होगी। 28 फरवरी तक की स्थिति का विवरण 12 मार्च तक पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। डेटा फीडिंग के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं। पहली जोनल निगरानी और दूसरी रेलवे बोर्ड की।
लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
बोर्ड ने सभी प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से इन मामलों की समीक्षा करें। जिससे अदालत से रेलवे के खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित न हो। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने को कहा गया है।
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एसोसिएशन ने पहल का किया स्वागत
ऑल इंडिया एससी/एसटी रेलवे एम्प्लाइज एसोसिएशन ने रेल मंत्रालय द्वारा एचआरएमएस के माध्यम से अदालती मामलों और अवमानना मामलों की निगरानी के लिए जारी निर्देशों का स्वागत किया है। मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश मीना, सचिव पवन कुमार व कोषाध्यक्ष देवेंद्र ने बताया कि एचआरएमएस में सभी रेलवे इकाइयों को ऐसी कार्यक्षमता उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से वे अपने-अपने अदालती मामलों तथा अवमानना मामलों की स्थिति से संबंधित डाटा महीनेवार दर्ज कर सकेंगी।
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- महीनेवार पोर्टल पर दर्ज करनी होगी जानकारी ताकि तथ्यों के आधार पर कोर्ट में रख सकें अपना पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एचएमआरएस पोर्टल के जरिए रेलवे से जुड़े अदालती मामलों की निगरानी होगी। रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अदालती मामलों, विशेषकर अवमानना के मामलों की निगरानी की जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब इन सभी मामलों का डेटा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। रेलवे बोर्ड की कार्यकारी निदेशक (स्थापना) विनीता वर्मा ने यह आदेश जारी किया है।
सीधे बोर्ड करेगा निगरानी
ऐसे मामले जिनमें रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष (सीआरबी), सचिव या अन्य उच्चाधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। उनकी निगरानी अब सीधे बोर्ड स्तर पर की जाएगी। सभी इकाइयों को हर महीने की 5 तारीख तक अदालती मामलों की स्थिति एचआरएमएस पर अपडेट करनी होगी। 28 फरवरी तक की स्थिति का विवरण 12 मार्च तक पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। डेटा फीडिंग के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं। पहली जोनल निगरानी और दूसरी रेलवे बोर्ड की।
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लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
बोर्ड ने सभी प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से इन मामलों की समीक्षा करें। जिससे अदालत से रेलवे के खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित न हो। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने को कहा गया है।
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एसोसिएशन ने पहल का किया स्वागत
ऑल इंडिया एससी/एसटी रेलवे एम्प्लाइज एसोसिएशन ने रेल मंत्रालय द्वारा एचआरएमएस के माध्यम से अदालती मामलों और अवमानना मामलों की निगरानी के लिए जारी निर्देशों का स्वागत किया है। मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश मीना, सचिव पवन कुमार व कोषाध्यक्ष देवेंद्र ने बताया कि एचआरएमएस में सभी रेलवे इकाइयों को ऐसी कार्यक्षमता उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से वे अपने-अपने अदालती मामलों तथा अवमानना मामलों की स्थिति से संबंधित डाटा महीनेवार दर्ज कर सकेंगी।