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Ambala News: बाढ़ का खतरा देख खुद संभाली सुरक्षा की कमान
Tue, 14 Jul 2026 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:53 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बाद टांगरी नदी में बढ़े जलस्तर ने अंबाला कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया के कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछली बार बाढ़ की तबाही झेल चुके उद्योगपतियों ने इस बार प्रशासन के भरोसे रहने के बजाय खुद ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
कारोबारियों ने अपनी फैक्ट्रियों से जरूरी सामान, कीमती कच्चा माल और सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। कई उद्योगपतियों ने कंप्यूटरों की हार्डडिस्क, सर्वर, लैपटॉप और जरूरी फाइलों को अपने घरों या अन्य सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया है।
अधूरी सुरक्षा दीवार बनी सबसे बड़ी चिंता
इंडस्ट्रियल एरिया की सुरक्षा के लिए बनाई जा रही दीवार का काम अधूरा पड़ा होना कारोबारियों की चिंता का मुख्य कारण है। उद्योगपतियों का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका है।
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कारोबारियों को डर है कि यदि टांगरी नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ा और पानी ओवरफ्लो हुआ तो अधूरी दीवार के कारण पानी सीधे फैक्ट्रियों में प्रवेश कर सकता है, जिससे एक बार फिर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पिछली बाढ़ में हुआ था करोड़ों का नुकसान
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स, अंबाला चैप्टर के चेयरमैन डॉ. आशावंत ने बताया कि पिछली बार अचानक आई बाढ़ ने उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचाया था। फैक्ट्रियों में कई-कई फीट पानी भर गया था, जिससे मशीनरी, कच्चा माल और कार्यालयों का रिकॉर्ड खराब हो गया था।
उन्होंने कहा कि पिछले नुकसान से कारोबारी अभी तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। यही कारण है कि इस बार टांगरी नदी में पानी बढ़ने की सूचना मिलते ही उद्योगपति सतर्क हो गए हैं।
डेटा बचाने को दे रहे प्राथमिकता
इस बार कारोबारियों की सबसे बड़ी चिंता डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखना है। पिछले दो दिनों से कई फैक्ट्रियों में सामान की पैकिंग और शिफ्टिंग का काम चल रहा है।
कारोबारी लैपटॉप, सर्वर, हार्डडिस्क और जरूरी दस्तावेजों को सबसे पहले सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। उनका कहना है कि मशीनरी और सामान का नुकसान तो किसी तरह सहन किया जा सकता है, लेकिन वर्षों पुराना व्यावसायिक डेटा, ग्राहकों का रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेज नष्ट हो गए तो कारोबार को दोबारा खड़ा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
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अंबाला। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बाद टांगरी नदी में बढ़े जलस्तर ने अंबाला कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया के कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछली बार बाढ़ की तबाही झेल चुके उद्योगपतियों ने इस बार प्रशासन के भरोसे रहने के बजाय खुद ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
कारोबारियों ने अपनी फैक्ट्रियों से जरूरी सामान, कीमती कच्चा माल और सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। कई उद्योगपतियों ने कंप्यूटरों की हार्डडिस्क, सर्वर, लैपटॉप और जरूरी फाइलों को अपने घरों या अन्य सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया है।
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अधूरी सुरक्षा दीवार बनी सबसे बड़ी चिंता
इंडस्ट्रियल एरिया की सुरक्षा के लिए बनाई जा रही दीवार का काम अधूरा पड़ा होना कारोबारियों की चिंता का मुख्य कारण है। उद्योगपतियों का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका है।
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कारोबारियों को डर है कि यदि टांगरी नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ा और पानी ओवरफ्लो हुआ तो अधूरी दीवार के कारण पानी सीधे फैक्ट्रियों में प्रवेश कर सकता है, जिससे एक बार फिर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पिछली बाढ़ में हुआ था करोड़ों का नुकसान
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स, अंबाला चैप्टर के चेयरमैन डॉ. आशावंत ने बताया कि पिछली बार अचानक आई बाढ़ ने उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचाया था। फैक्ट्रियों में कई-कई फीट पानी भर गया था, जिससे मशीनरी, कच्चा माल और कार्यालयों का रिकॉर्ड खराब हो गया था।
उन्होंने कहा कि पिछले नुकसान से कारोबारी अभी तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। यही कारण है कि इस बार टांगरी नदी में पानी बढ़ने की सूचना मिलते ही उद्योगपति सतर्क हो गए हैं।
डेटा बचाने को दे रहे प्राथमिकता
इस बार कारोबारियों की सबसे बड़ी चिंता डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखना है। पिछले दो दिनों से कई फैक्ट्रियों में सामान की पैकिंग और शिफ्टिंग का काम चल रहा है।
कारोबारी लैपटॉप, सर्वर, हार्डडिस्क और जरूरी दस्तावेजों को सबसे पहले सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। उनका कहना है कि मशीनरी और सामान का नुकसान तो किसी तरह सहन किया जा सकता है, लेकिन वर्षों पुराना व्यावसायिक डेटा, ग्राहकों का रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेज नष्ट हो गए तो कारोबार को दोबारा खड़ा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।