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Ambala News: तीन साल से पत्राचार में अटका वन स्टाॅप सेंटर
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कोर्ट परिसर के पास बन रहे वन स्टॉप सेंटर का अधूरा निर्माण। संवाद
अंबाला सिटी। महिला और बाल विकास विभाग की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई हैं। तीन वर्षों से महिलाओं को आसरा देने के लिए बनाए जा रहे वन स्टाप सेंटर का काम अभी पूरा नहीं हुआ।
वर्ष 2022 के अंत में इस केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन यह बजट के कारण अटका है। स्थिति यह है कि अभी भी इस केंद्र का महज ढांचा ही खड़ा हो पाया। यहां बने भवन की हालत भी खस्ता होती जा रही है। सरकार की ओर से पीड़ित महिलाओं के लिए 2015 में सखी केंद्र की सुविधा शुरू की गई थी। तबसे अब तक अंबाला में सखी केंद्र को अपना भवन नहीं मिला है।
इस कारण केंद्र को मजबूरन किराये के भवन में ही चलाना पड़ रहा है। यहां तक कि जिला बाल कल्याण समिति कार्यालय और बाल संरक्षण इकाई कार्यालय भी किराये के भवन में चलाना पड़ रहा है। सेंटर बनाने के लिए करीब 36 लाख रुपये से अधिक का बजट मंजूर हुआ था। इसमें से 2023 तक सिर्फ 18 लाख रुपये ही मिले। इसके बाद से अब तक बजट ही जारी नहीं हुआ। जबकि विभाग प्रत्येक तीन महीने की रिपोर्ट में पत्र लिखकर बजट की मांग कर रहा है।
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पलस्तर का काम भी बाकी
वन स्टाॅप सेंटर के निर्माण के लिए 36 लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ था। इसमें से 18 लाख रुपए मिलने के बाद भवन को खड़ा किया गया। यहां पर ग्रिल का काम भी पूरा किया। दो मंजिल तक भवन का निर्माण तो पूरा हो गया। इसके बाद बजट का बकाया पैसा नहीं मिला। जिससे पलस्तर का काम भी अधूरा रह गया है। अब भवन के आसपास झाड़ियां उगना शुरू हो गई हैं। मौसम की मार से भवन की इमारत को भी नुकसान हो रहा है।
किराये के भवन में चल रहा केंद्र
वर्तमान में विभाग के पास अपना भवन न होने के कारण वन स्टाॅप सेंटर को बादशाही बाग में किराये के भवन में चलाया जा रहा है। इससे पहले यह सेंटर दुर्गा नगर में चलाया जा रहा था। जिस कारण महिलाओं के लिए सामान लाने में परेशानी होती थी। नए भवन के निर्माण के चलते उम्मीद थी कि जल्द ही केंद्र को अपना भवन मिल जाएगा, लेकिन बजट के अभाव में अब भी केंद्र को किराये पर ही चलाना पड़ रहा है।
यहां महिलाओं को मिलता है आसरा
सखी केंद्र या वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, ट्रेफिकिंग, एसिड अटैक, लैंगिक हिंसा, दहेज संबंधी हिंसा, बाल विवाह व अन्य से पीड़ित महिलाओं को शरण दी जाती है। 20 दिनों तक महिला अपने 10 वर्षीय बच्चे के साथ रह सकती है। यहां पर विभाग की ओर से मेडिकल सहायता, पुलिस सहायता, मनो-सामाजिक समर्थन व परामर्श, कानूनी सहायता व परामर्श, शरण स्थल की सहायता मिलती है।
दो मंजिला भवन में होंगे पांच कमरे
दो मंजिला बिल्डिंग के दो कमरों में कार्यालय बनाया जाएगा। जबकि तीन अन्य कमरों में महिलाओं के आवास सहित बच्चों के खेलने के कमरे की व्यवस्था भी रहेगी। यह कमरे आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
वर्जन
हमारी ओर से निदेशालय को इस बार भी पत्र लिखा गया है। जिस पर निदेशालय ने आश्वासन दिया है कि अगले वित्त वर्ष में यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके लिए निदेशालय ने सरकार से भी बातचीत की है। पैसा मिलते ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-मिक्षा रंगा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अंबाला।
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वर्ष 2022 के अंत में इस केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन यह बजट के कारण अटका है। स्थिति यह है कि अभी भी इस केंद्र का महज ढांचा ही खड़ा हो पाया। यहां बने भवन की हालत भी खस्ता होती जा रही है। सरकार की ओर से पीड़ित महिलाओं के लिए 2015 में सखी केंद्र की सुविधा शुरू की गई थी। तबसे अब तक अंबाला में सखी केंद्र को अपना भवन नहीं मिला है।
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इस कारण केंद्र को मजबूरन किराये के भवन में ही चलाना पड़ रहा है। यहां तक कि जिला बाल कल्याण समिति कार्यालय और बाल संरक्षण इकाई कार्यालय भी किराये के भवन में चलाना पड़ रहा है। सेंटर बनाने के लिए करीब 36 लाख रुपये से अधिक का बजट मंजूर हुआ था। इसमें से 2023 तक सिर्फ 18 लाख रुपये ही मिले। इसके बाद से अब तक बजट ही जारी नहीं हुआ। जबकि विभाग प्रत्येक तीन महीने की रिपोर्ट में पत्र लिखकर बजट की मांग कर रहा है।
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पलस्तर का काम भी बाकी
वन स्टाॅप सेंटर के निर्माण के लिए 36 लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ था। इसमें से 18 लाख रुपए मिलने के बाद भवन को खड़ा किया गया। यहां पर ग्रिल का काम भी पूरा किया। दो मंजिल तक भवन का निर्माण तो पूरा हो गया। इसके बाद बजट का बकाया पैसा नहीं मिला। जिससे पलस्तर का काम भी अधूरा रह गया है। अब भवन के आसपास झाड़ियां उगना शुरू हो गई हैं। मौसम की मार से भवन की इमारत को भी नुकसान हो रहा है।
किराये के भवन में चल रहा केंद्र
वर्तमान में विभाग के पास अपना भवन न होने के कारण वन स्टाॅप सेंटर को बादशाही बाग में किराये के भवन में चलाया जा रहा है। इससे पहले यह सेंटर दुर्गा नगर में चलाया जा रहा था। जिस कारण महिलाओं के लिए सामान लाने में परेशानी होती थी। नए भवन के निर्माण के चलते उम्मीद थी कि जल्द ही केंद्र को अपना भवन मिल जाएगा, लेकिन बजट के अभाव में अब भी केंद्र को किराये पर ही चलाना पड़ रहा है।
यहां महिलाओं को मिलता है आसरा
सखी केंद्र या वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, ट्रेफिकिंग, एसिड अटैक, लैंगिक हिंसा, दहेज संबंधी हिंसा, बाल विवाह व अन्य से पीड़ित महिलाओं को शरण दी जाती है। 20 दिनों तक महिला अपने 10 वर्षीय बच्चे के साथ रह सकती है। यहां पर विभाग की ओर से मेडिकल सहायता, पुलिस सहायता, मनो-सामाजिक समर्थन व परामर्श, कानूनी सहायता व परामर्श, शरण स्थल की सहायता मिलती है।
दो मंजिला भवन में होंगे पांच कमरे
दो मंजिला बिल्डिंग के दो कमरों में कार्यालय बनाया जाएगा। जबकि तीन अन्य कमरों में महिलाओं के आवास सहित बच्चों के खेलने के कमरे की व्यवस्था भी रहेगी। यह कमरे आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
वर्जन
हमारी ओर से निदेशालय को इस बार भी पत्र लिखा गया है। जिस पर निदेशालय ने आश्वासन दिया है कि अगले वित्त वर्ष में यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके लिए निदेशालय ने सरकार से भी बातचीत की है। पैसा मिलते ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-मिक्षा रंगा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अंबाला।

कोर्ट परिसर के पास बन रहे वन स्टॉप सेंटर का अधूरा निर्माण। संवाद