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दरबार से नदारद रहे अधिकारी
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अंबाला सिटी। लोगों की समस्याएं सुनने के लिए सोमवार को मेयर शक्तिरानी शर्मा द्वारा लगाए गए दरबार में एक भी अधिकारी नहीं पहुंचा। दरबार शुरू होने से कुछ समय पूर्व ही नगर निगम के अधिकारियों ने पत्र जारी करते हुए बैठक को गैर जरूरी बता दिया। इससे खफा मेयर ने कमिश्नर से स्पष्टीकरण मांगा तो अधिकारियों ने हर घर तिरंगा अभियान में व्यस्त होने की बात कही। सुबह करीब साढ़े 11 बजे शुरू हुए दरबार में दो बजे तक 54 शिकायतें पहुंची। मेयर ने एक-एक शिकायत सुनते हुए अपने पास रख ली। उन्होंने अधिकारियों से बात कर उसका समाधान करने का आश्वासन दिया।
वहीं, अधिकारियों के न होने पर कुछ शिकायतों को लेकर मेयर ने संबंधित अधिकारियों को फोन पर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। बैठक में अधिकतर लोग एनडीसी और एनओसी न जारी होने और अधिकारियों द्वारा एक ही कार्य के लिए बार-बार चक्कर लगवाने की बात लेकर पहुंचे। इसके अलावा अधिकारियों के रवैये से परेशान जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी शिकायत मेयर के समक्ष रखी।
मेयर शक्तिरानी शर्मा ने बताया कि उन्होंने 36ए के तहत अधिकारियों से करीब डेढ़ साल पहले फाइलें मांगी थी। इससे उन्हें पता चल सके कि कौन सी सड़क एक बार बनी है और कौन से कार्य के लिए दो-दो बार टेंडर जारी हुए हैं। उनके संज्ञान में आया है कि एक ही सड़क के लिए कई बार टेंडर जारी हो चुके हैं। वह इस संबंध में कई बार पत्र लिखते हुए फाइलें मांग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी हालत में अधिकारियों से फाइलें लेकर रहेंगी और उन फाइलों को न देने का कारण भी पूछेंगी।
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मनोनीत पार्षद पूजा चौधरी के पति विवेक चौधरी बैठक में पहुंचे। उन्होंने बताया कि 1500 से अधिक एनडीसी लंबित चल रही हैं, जब भी अधिकारियों के पास जाते हैं वे मिलते ही नहीं। इसको लेकर उन्होंने पिछले दिनों प्रेस वार्ता करते हुए निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। उसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं है। उन्होंने मेयर के सक्षम मांग की है कि वह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करें।
अधिकारी ही करते हैं लोगों को गुमराह
लगातार शिकायतें लेकर पहुंचे लोगों ने अधिकारियों पर एक छोटे से कार्य के लिए चक्कर लगाने की शिकायत की। इसके साथ ही उनके पास किसी का खसरा नंबर न होने तो किसी ने गलत एनडीसी जारी करने की बात कही। मेयर ने कहा कि अधिकारी लोगों को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। बार-बार फाइल रिजेक्ट करने पर लोगों को साइबर कैफे पर रुपये भरने पड़ रहे हैं जो पूरी तरह से गलत है।
फिर उठा डेयरी कांप्लेक्स का मुद्दा
डेयरी कांप्लेक्स में समस्या का समाधान न होने से खफा संचालकों ने मेयर से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वह डेयरी कांप्लेक्स की समस्या अधिकारियों को बता-बता कर परेशान हो चुके हैं। इस पर मेयर ने स्वयं ही डेयरी कांप्लेक्स का जायजा लेने की बात कही।
अवैध बता रहे कॉलोनी
कॉलोनी के साथ वाले घर की प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई है। जब निगम कार्यालय में जाते है तो अधिकारी कॉलोनी को अवैध बता देते हैं। न तो रजिस्ट्री की जा रही है और न ही प्रॉपर्टी आईडी दी जा रही है। उसी समस्या को लेकर निगम कार्यालय में में कई चक्कर काट चुका हूं।
- श्याम लाल।
मलकीयत तब्दील करनी थी
हमने मकान की मलकीयत तब्दील करवानी थी। इसको लेकर निगम में शिकायत दी गई। अभी तक हमारे पत्र पर किसी भी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया है। समझ नहीं आ रहा है कि आखिर अधिकारी चाह क्या रहे हैं। हम तो निगम की कार्य प्रणाली से तंग आ चुके हैं।
- पवन देवी।
घरों में घुस रहा पानी
हमारे क्षेत्र में दो माह पहले नाली बनाई गई थी, परंतु जहां वह नाली व पुली बनाई गई उसका लेवल ऊंचा कर दिया। इस कारण पीछे से आने वाला पानी आगे नहीं जा रहा है और सड़कों पर जमा है। पानी हमारे घर में घुस जाता है। वह बहुत ही ज्यादा परेशान हो चुके हैं।
- राजीव।
एनडीसी अस्वीकार की
एनडीसी को पहले लेवल में पास कर दिया था, परंतु दूसरे लेवल में उसे अस्वीकार कर दिया। पिछले छह माह से निगम के चक्कर काट रहे हैं। उस मकान का बयाना भी हो चुका है। उन्होंने मांग की है कि जल्दी उनके घर की एनडीसी पास करवाई जाए, ताकि कार्य कर सकें।
- रविशंकर।
इस संबंध में कार्यालय अधीक्षक की ड्यूटी लगा दी थी जोकि लोगों की शिकायतें प्राप्त करके उन्हें उपलब्ध करवाए, ताकि जल्दी उसका समाधान किया जाए। वहीं, अधिकतर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर लगाई गई है।
-विनोद नेहरा, डीएमसी नगर निगम
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वहीं, अधिकारियों के न होने पर कुछ शिकायतों को लेकर मेयर ने संबंधित अधिकारियों को फोन पर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। बैठक में अधिकतर लोग एनडीसी और एनओसी न जारी होने और अधिकारियों द्वारा एक ही कार्य के लिए बार-बार चक्कर लगवाने की बात लेकर पहुंचे। इसके अलावा अधिकारियों के रवैये से परेशान जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी शिकायत मेयर के समक्ष रखी।
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मेयर शक्तिरानी शर्मा ने बताया कि उन्होंने 36ए के तहत अधिकारियों से करीब डेढ़ साल पहले फाइलें मांगी थी। इससे उन्हें पता चल सके कि कौन सी सड़क एक बार बनी है और कौन से कार्य के लिए दो-दो बार टेंडर जारी हुए हैं। उनके संज्ञान में आया है कि एक ही सड़क के लिए कई बार टेंडर जारी हो चुके हैं। वह इस संबंध में कई बार पत्र लिखते हुए फाइलें मांग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी हालत में अधिकारियों से फाइलें लेकर रहेंगी और उन फाइलों को न देने का कारण भी पूछेंगी।
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मनोनीत पार्षद पूजा चौधरी के पति विवेक चौधरी बैठक में पहुंचे। उन्होंने बताया कि 1500 से अधिक एनडीसी लंबित चल रही हैं, जब भी अधिकारियों के पास जाते हैं वे मिलते ही नहीं। इसको लेकर उन्होंने पिछले दिनों प्रेस वार्ता करते हुए निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। उसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं है। उन्होंने मेयर के सक्षम मांग की है कि वह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करें।
अधिकारी ही करते हैं लोगों को गुमराह
लगातार शिकायतें लेकर पहुंचे लोगों ने अधिकारियों पर एक छोटे से कार्य के लिए चक्कर लगाने की शिकायत की। इसके साथ ही उनके पास किसी का खसरा नंबर न होने तो किसी ने गलत एनडीसी जारी करने की बात कही। मेयर ने कहा कि अधिकारी लोगों को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। बार-बार फाइल रिजेक्ट करने पर लोगों को साइबर कैफे पर रुपये भरने पड़ रहे हैं जो पूरी तरह से गलत है।
फिर उठा डेयरी कांप्लेक्स का मुद्दा
डेयरी कांप्लेक्स में समस्या का समाधान न होने से खफा संचालकों ने मेयर से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वह डेयरी कांप्लेक्स की समस्या अधिकारियों को बता-बता कर परेशान हो चुके हैं। इस पर मेयर ने स्वयं ही डेयरी कांप्लेक्स का जायजा लेने की बात कही।
अवैध बता रहे कॉलोनी
कॉलोनी के साथ वाले घर की प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई है। जब निगम कार्यालय में जाते है तो अधिकारी कॉलोनी को अवैध बता देते हैं। न तो रजिस्ट्री की जा रही है और न ही प्रॉपर्टी आईडी दी जा रही है। उसी समस्या को लेकर निगम कार्यालय में में कई चक्कर काट चुका हूं।
- श्याम लाल।
मलकीयत तब्दील करनी थी
हमने मकान की मलकीयत तब्दील करवानी थी। इसको लेकर निगम में शिकायत दी गई। अभी तक हमारे पत्र पर किसी भी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया है। समझ नहीं आ रहा है कि आखिर अधिकारी चाह क्या रहे हैं। हम तो निगम की कार्य प्रणाली से तंग आ चुके हैं।
- पवन देवी।
घरों में घुस रहा पानी
हमारे क्षेत्र में दो माह पहले नाली बनाई गई थी, परंतु जहां वह नाली व पुली बनाई गई उसका लेवल ऊंचा कर दिया। इस कारण पीछे से आने वाला पानी आगे नहीं जा रहा है और सड़कों पर जमा है। पानी हमारे घर में घुस जाता है। वह बहुत ही ज्यादा परेशान हो चुके हैं।
- राजीव।
एनडीसी अस्वीकार की
एनडीसी को पहले लेवल में पास कर दिया था, परंतु दूसरे लेवल में उसे अस्वीकार कर दिया। पिछले छह माह से निगम के चक्कर काट रहे हैं। उस मकान का बयाना भी हो चुका है। उन्होंने मांग की है कि जल्दी उनके घर की एनडीसी पास करवाई जाए, ताकि कार्य कर सकें।
- रविशंकर।
इस संबंध में कार्यालय अधीक्षक की ड्यूटी लगा दी थी जोकि लोगों की शिकायतें प्राप्त करके उन्हें उपलब्ध करवाए, ताकि जल्दी उसका समाधान किया जाए। वहीं, अधिकतर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर लगाई गई है।
-विनोद नेहरा, डीएमसी नगर निगम