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एक सौ चौसठ स्कूलों को नोटिस
अमर उजाला,अंबाला
Updated Sat, 25 Jan 2014 04:49 PM IST
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अंबाला सिटी। हरियाणा शिक्षा नियमावली में नियम 134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को दाखिला देने की ऑनलाइन जानकारी अब तक अंबाला के अधिकतर प्राइवेट स्कूलों के संचालकों ने नहीं भरी है। कुल 225 प्राइवेट स्कूलों में से 61 स्कूलों ने ही जानकारी शिक्षा विभाग को ऑनलाइन भेजी है। इसी के चलते हरियाणा शिक्षा विभाग के निर्देशों पर जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों को नोटिस जारी कर 30 जनवरी तक जानकारी ऑनलाइन भेजने के निर्देश दिए हैं।
उधर, प्राइवेट स्कूल संचालकों ने हरियाणा शिक्षा विभाग के नियम 134-ए के खिलाफ फिर से मोर्चा खोलते हुए रोष रैली करने का फैसला लिया है। रैली प्रदेश स्तर की जाएगी और इसका आयोजन 30 जनवरी को अंबाला छावनी के गांधी मैदान में किया जाएगा। इसमें प्रदेश भर के प्राइवेट स्कूल संचालक व शिक्षक भाग लेंगे।
इसलिए जारी किया नोटिस
दरअसल, हरियाणा शिक्षा नियमावली के नियम 134-ए सभी प्राइवेट स्कूलों को ये आदेश है कि वे अपने स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चाें को पढ़ाए और उनसे उतनी फीस ले, जितनी फीस संबंधित छात्र की सरकारी स्कूलों में ली जा रही है। शिक्षा विभाग ये जानना चाहता है कि जिले में कुल 225 प्राइवेट स्कूलों में कितने स्कूलों ने 134-ए के तहत बच्चों को स्कूलों दाखिला दिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने इसी से संबंधित एक प्रोफार्मा ऑनलाइन भरने के लिए प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं। इन स्कूलों में खंड अंबाला वन के 42, खंड अंबाला टू के 54, साहा खंड के 10, बराड़ा खंड के 23, शहजादपुर खंड के 13 व नारायणगढ़ खंड के 22 स्कूल शामिल हैं।
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प्राइवेट स्कूल संचालकों ने बनाई रणनीति
सरकार के फरमान के विरोध में प्राइवेट स्कूल संचालकों ने रणनीति तैयार कर ली है। प्राइवेट स्कूल संचालक इसका जवाब अपनी रैली से सरकार को देना चाहते हैं। इसलिए प्राइवेट स्कूल संचालक प्रदेश स्तरीय रैली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। प्राइवेट स्कूल संचालकों का मानना है कि नियम 134 ए के तहत जब तक प्राइवेट स्कूल एकजुट नहीं होंगे, तब तक सरकार पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। इसलिए सभी स्कूलों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिन प्राइवेट स्कूलों ने अभी तक 134-ए के तहत अपनी ऑनलाइन जानकारी विभाग को नहीं भेजी है। वे जल्द से जल्द 30 जनवरी तक ये जानकारी विभाग को भिजवाएं। अन्यथा स्कूलों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करता है।
-धर्मवीर कादियान, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला-
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स्कूल संचालकों को समझ नहीं आता कि वे राइट टु एजूकेशन एक्ट का पालन करें या फिर हरियाणा शिक्षा नियमावली की। आरटीई में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला देने की बात कही जा रही है, जबकि शिक्षा नियमावली में कुछ और फरमान दिए जा रहे हैं। स्कूल संचालकों के लिए निशुल्क बच्चे पढ़ाने मुश्किल है, इसलिए सरकार पहले अपना रुख स्पष्ट करें। इसी के चलते 30 जनवरी को अंबाला के गांधी मैदान प्रदेश स्तरीय रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के प्राइवेट स्कूल संचालक व शिक्षक भाग लेकर विभाग के इस फरमान के खिलाफ लामबंद होंगे।
-कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन हरियाणा-
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उधर, प्राइवेट स्कूल संचालकों ने हरियाणा शिक्षा विभाग के नियम 134-ए के खिलाफ फिर से मोर्चा खोलते हुए रोष रैली करने का फैसला लिया है। रैली प्रदेश स्तर की जाएगी और इसका आयोजन 30 जनवरी को अंबाला छावनी के गांधी मैदान में किया जाएगा। इसमें प्रदेश भर के प्राइवेट स्कूल संचालक व शिक्षक भाग लेंगे।
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इसलिए जारी किया नोटिस
दरअसल, हरियाणा शिक्षा नियमावली के नियम 134-ए सभी प्राइवेट स्कूलों को ये आदेश है कि वे अपने स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चाें को पढ़ाए और उनसे उतनी फीस ले, जितनी फीस संबंधित छात्र की सरकारी स्कूलों में ली जा रही है। शिक्षा विभाग ये जानना चाहता है कि जिले में कुल 225 प्राइवेट स्कूलों में कितने स्कूलों ने 134-ए के तहत बच्चों को स्कूलों दाखिला दिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने इसी से संबंधित एक प्रोफार्मा ऑनलाइन भरने के लिए प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं। इन स्कूलों में खंड अंबाला वन के 42, खंड अंबाला टू के 54, साहा खंड के 10, बराड़ा खंड के 23, शहजादपुर खंड के 13 व नारायणगढ़ खंड के 22 स्कूल शामिल हैं।
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प्राइवेट स्कूल संचालकों ने बनाई रणनीति
सरकार के फरमान के विरोध में प्राइवेट स्कूल संचालकों ने रणनीति तैयार कर ली है। प्राइवेट स्कूल संचालक इसका जवाब अपनी रैली से सरकार को देना चाहते हैं। इसलिए प्राइवेट स्कूल संचालक प्रदेश स्तरीय रैली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। प्राइवेट स्कूल संचालकों का मानना है कि नियम 134 ए के तहत जब तक प्राइवेट स्कूल एकजुट नहीं होंगे, तब तक सरकार पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। इसलिए सभी स्कूलों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिन प्राइवेट स्कूलों ने अभी तक 134-ए के तहत अपनी ऑनलाइन जानकारी विभाग को नहीं भेजी है। वे जल्द से जल्द 30 जनवरी तक ये जानकारी विभाग को भिजवाएं। अन्यथा स्कूलों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करता है।
-धर्मवीर कादियान, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला-
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स्कूल संचालकों को समझ नहीं आता कि वे राइट टु एजूकेशन एक्ट का पालन करें या फिर हरियाणा शिक्षा नियमावली की। आरटीई में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला देने की बात कही जा रही है, जबकि शिक्षा नियमावली में कुछ और फरमान दिए जा रहे हैं। स्कूल संचालकों के लिए निशुल्क बच्चे पढ़ाने मुश्किल है, इसलिए सरकार पहले अपना रुख स्पष्ट करें। इसी के चलते 30 जनवरी को अंबाला के गांधी मैदान प्रदेश स्तरीय रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के प्राइवेट स्कूल संचालक व शिक्षक भाग लेकर विभाग के इस फरमान के खिलाफ लामबंद होंगे।
-कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन हरियाणा-